जानें, कैसे कब्‍ज से राहत दिलाता है प्रून जूस

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 31, 2017
Quick Bites

  • प्रून जूस बच्चे, वयस्क आदि सब पर समान रूप से कारगर है।
  • सूखे आलूबुखारे या सूखे बेर किसी सुपर फ्रूट से कम नहीं है।
  • यह एनीमिया और कार्डियोवास्कुलर समस्याओं में भी कारगर है।

बदलती जीवनशैली ने हमें कई किस्म की बीमारियां तोहफे में दी हैं। इनमें से एक कब्ज भी है। देर रात जगना, बारह से अठारह घंटे काम करना, असंतुलित खानपान आदि। इन सभी चीजों के कारण कब्ज का होना लाजिमी है। लेकिन सवाल उठता है कि कब्ज से छुटकारा कैसे पाया जा सकता है? इसका आसान और सरल समाधान है आलूबुखारा। आलूबुखारा या सूखे बेर हमारे शरीर में विभिन्न तरीकों से काम कर कब्ज की समस्या से मुक्ति दिलाते हैं। अतः आलूबुखारा या सूखे बेर को हम अपने आम जीवनशैली में इस्तेमाल कर सकते हैं।

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कब्‍ज के कारण

  • जब हम शारीरिक काम कम करते हैं तो इसका असर हमारे पेट पर पड़ता है। इससे कब्ज होने की आशंका बढ़ जाती है।
  • हमारे खानपान में संतुलित फाइबर का होना आवश्यक है। यदि हम फाइवरयुक्त आहार नहीं लेते हैं तो इसके हमें कई रूप में खामियाजे भुगतने पड़ते हैं। कब्ज इनमें से एक है।
  • यदि आप अकसर टूर पर रहते हैं या फिर बहुत ज्यादा ट्रैवलिंग करते हैं तो भी कब्ज आपके शरीर में स्थायी रूप से घर बना सकता है। असल में कहीं भी अनजान जगह जाकर किसी भी प्रकार के खानपान के कारण ऐसा होता है।
  • यदि आप दुग्ध उत्पाद काफी पसंद करते हैं तो यह आपके पेट के लिए अच्छी बात नहीं है। जरूरी है कि दुग्ध उत्पाद संतुलित मात्रा में ही लें।
  • क्या आप हर छोटी से छोटी बीमारी के लिए दवाईयों का सहारा लेते हैं? यदि हां तो याद रखिए कि दवाईयां आपको कुछ लाभ पहुंचा रही है तो हो सकता है कि कुछ नुकसान भी करती है। हो सकता है कि कुछ दवाई विशेष के चलते आपको कब्ज हो रहा है।
  • कुछ बीमारियों के चलते भी आपको कब्ज हो सकता है। मसलन गर्भवती महिलाओं को अकसर कब्ज होता है। इसके अलावा न्यूरोलोजिक डिसआर्डर जैसी समस्याओं में कब्ज होना आम बात है।

 

कब्‍ज से निजात के तरीके

  • हालांकि कब्ज से निजात पाने के कई उपाय हैं। नियमित एक्सरसाइज करके भी आप कब्ज से मुक्ति पा सकते हैं। इतना ही  नहीं अपनी जीवनशैली में नियमित पानी पीने को शामिल करें। पानी की कमी के चलते भी कब्ज की शिकायत होती है। अपनी डाइट में भी कुछ फेरबदल करके आप कब्ज को दूर कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ घरेलु उपायों की मदद लेकर भी कब्ज की शिकायत को खत्म किया जा सकता है। आलूबुखारा या इसके जूस को अपनी डाइट में शामिल करना कब्ज को दूर भगाने का प्राकृतिक उपाय है।

 

प्राकृतिक उपचार

  • क्रिटिकल रिव्यूज इन फूड साइंस एण्ड न्यूट्रीशन में हुए अध्ययन के मुताबिक प्रून जूस यानी आलूबुखारे या सूखे बेर के जूस खाने से कब्ज में आराम मिलता है। यही नहीं प्रून जूस कोलोन कैंसर से भी मुक्ति दिलाने में सहायक है। इसके अलावा विशेषज्ञों के मुताबिक आलूबुखारे या सूखे बेर में मोटापा, डायबिटीज और अन्य कार्डियोवास्कुलर डिजीज़ से मुक्ति दिलाने के तत्व भी मौजूद है। इस शोध अध्ययन से इस बात की भी पुष्टि हुई है कि प्रून जूस पीना अन्य कब्ज निवारक उपायों से अधिक प्रभावशाली है। एलिमेंट्री फैरमाकोलोजी एण्ड थेराप्यूटिक्स में हुए अध्ययन इस बात की पुष्टि करता है कि जिन कब्ज निवारक दवाओं में सिलियम होता है, प्रूजन जूस उनसे भी बेहतर तरीके से काम करते हैं। अन्य अध्ययन यह कहते हैं कि प्रून को फस्र्ट लाइन थैरेपी के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।


ये है सुपर फ्रूट

  • सूखे आलूबुखारे या सूखे बेर न सिर्फ कब्ज के लिए लाभदायक है अपितु इन्हें सुपर फ्रूट कहा जाना चाहिए। असल में ये फल पूरे शरीर के लिए लाभकारी है। हालांकि प्रून जूस फिल्टर होता है अतः इसमें सूखे आलूबुखारे की तुलना में कम फाइबर पाया जाता है। बावजूद इसके ये हमारे शरीर के लिए सहायक है क्योंकि इसमें ऊंचे स्तर के तत्व पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त सूखे आलूबुखारे में आइरन बहुतायत में होता है जो कि एनीमिया ठीक करने में मददगार है। पोटाशियम भी इस सुपर फ्रूट में होता है जो कि रक्तचाप को नियंत्रित करता है।

 

प्रून जूस के कितने डोज़

  • यूं तो प्रून जूस बच्चे, वयस्क और बूजुर्ग। सबमंे समान रूप से लाभकारी है। मायो क्लीनिक के मुताबिक नवजात शिशुओं को महज 2 से 4 आउंस ही प्रून जूस देना चाहिए। इसके बाद इस मात्रा को जरूरत के अनुसार बदलते रहना चाहिए। युवाओं को प्रत्येक सुबह प्रून जूस का 4 से 8 आउंस पीना चाहिए। लेकिन यह ध्यान रखें कि जैसा कि किसी की भी अति बुरी होती है, इसी तरह प्रून जूस की अति भी बुरी हो सकती है। हर समय अतिरिक्त फाइबर लेने कब्ज की स्थिति संभलने की बजाय तनावपूर्ण हो सकती है। अतः नियंत्रण में ही इस सुपर फ्रूट का सेवन करें।

 

Image Source-Getty

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