घुटनों में दर्द के कारण

अर्थराइटिस By Onlymyhealth editorial teamSep 30, 2016

ऑस्टियोआर्थराइटिस जोड़ों की सबसे आम बीमारी है और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों की 80 से 90 प्रतिशत में उपस्थित होने का अनुमान है। यूँ तो इसका कोई पूर्ण उपचार संभव नहीं है परन्तु अगर समय रहते रोग पकड़ में आ जाये तो अनेक प्रकार के उपचारों द्वारा इसकी रोकथाम की जा सकती है। यह रोग मुख्यतः जोड़ों की हडियों के बीच रहने वाली आर्टिकुलर कार्टिलेज को नुकसान देता है।  आर्टिकुलर कार्टिलेज हडियों के बीच में एक प्रकार के मुलायम कुशन की तरह काम करता है। धीरे धीरे जब यह कार्टिलेज नष्ट होने लगती है, तब जोड़ों के मूवमेंट के वक़्त हडियाँ एक दुसरे से टकराने लगती हैं। इस टकराहट से जॉइंट बेहद कष्टकारी हो जाता है।कई अन्य गठिया रोगों की तरह ऑस्टियोआर्थराइटिस भी अपनी प्रारम्भिक अवस्था में सामान्य उपचारों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। आपका डॉक्टर एक्स-रे या एमआरआई से पता कर सकता है की जोड़ों को कितना नुक्सान हुआ है। यह बीमारी लाइलाज नहीं है, लेकिन यदि आप इसके लक्षणों की अनदेखी करेंगे तो कुछ समय बाद हमेशा के लिए जोडों में दर्द, शारीरिक विकलांगता, रोजमर्रा के कामों को करने में असमर्थता आदि तकलीफों के शिकार भी हो सकते हैं। बेहतर होगा कि समय पर एक्सपर्ट से परामर्श कर अपने रोग का उपचार और निदान कराएं।

Disclaimer