Health Videos »

गर्भावधि मधुमेह की जांच कब और कैसे करवाई जाये

Onlymyhealth Editorial Team, Date:2015-08-13
गर्भावधि मधुमेह यानी जेस्‍टेशनल डायबिटीज की जांच सामान्‍यतया गर्भवती होने के 24 हफ्ते के बाद कराई जाती है। लेकिन जिन महिलाओं को इसका खतरा अधिक है जैसे - जिनका वजन अधिक है, जिनकी उम्र ज्‍यादा हो, जिनकी फैमिली हिस्‍ट्री में टाइप2 डायबिटीज हो चुका हो उनको या फिर जिनको पॉलिसिस्टिक ओवर सिंड्रोम की समस्‍या रही हो वो जब भी पहली बार गाइनो से मिलने जायें तो मधुमेह की जांच जरूर करायें। अगर आपने 24वें हफ्ते बाद इसका पता चले तो जांच में ओजीटीटी कराया जाता है जिसमें ग्‍लूकोज की अतिरिक्‍त खुराक दी जाती है फिर 1 या 2 घंटे बाद मरीज की जांच की जाती है। गर्भावधि मधुमेह की जांच के लिए ओजीटीटी टेस्‍ट कराया जाता है जिसमें 8 घंटे तक फास्‍ट रखना पड़ता है फिर 75ग्राम ग्‍लूकोज पिलाया जाता है। फिर शुगर टेस्‍ट होता है जिसकी वैल्‍यू 92 से कम होनी चाहिए, फिर ग्‍लूकोज पिलाने के 1 घंटे बाद जांच की जाती है जिसकी वैल्‍यू 180 होनी चाहिए, फिर 2 घंटे बाद वैल्‍यू 150 होनी चाहिए। इस टेस्‍ट में पता चलता है कि आपको जेस्‍टेशनल डायबिटीज है या नहीं।
Related Videos
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK