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अष्टांग योग - परिवृत्त त्रिकोणासन

Onlymyhealth Editorial Team, Date:2016-06-14
शरीर को स्वस्थ रहने के लिये बाहर और भीतर दोनों तरह से मजबूत होने की जरूरत होती है। परिवृत्त त्रिकोणासन एक लाभकारी आसन है। इस वीडियो के माध्यम से योग गुरू जतिंद्र सिंह हमें परिवृत्त त्रिकोणासन करने की विधि बता रहे हैं। परिवृत्त त्रिकोणासन को करने के लिये दोनों पैरों के बीच लगभग दो से तीन फिट की दूरी बनाकर खड़े हो जाएं और फिर दोनों हाथों को पारों के समानांतर फैलाएं और दाएं हाथ को मोड़ते हुए कोहनी को बांए पैर के घुटने की तरफ मोड़ें (विडियो की तरह से)। अब 10 से 20 सेकंड इस स्थिति में रहने के बाद आराम से पहली स्थिति में आ जाएं। अब इसी तरह से बाएं हाथ से भी इस क्रिया को दोहराएं। इस आसन को नियमित रूप से करने से बगल की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है और शरीर की स्ट्रेचिंग भी हो जाती है। है। साथ ही इस आसन को करने से कलाइयां कोहनी और पसलियां मजबूत होती हैं और पैरों के पिछले हिस्से में रक्त संचार सामान्य बेहतर होता है। परिवृत्त त्रिकोणासन करने से आंतों की कार्यक्षमता और पाचन शक्ति बढ़ती है और कब्ज़ आदि समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इसे करने से शरीर से अतिरिक्त चर्बी भी दूर होती है।
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