योग से निखारिये अपनी खूबसूरती

योग मुक्त कणों और तनाव का मुकाबला कर झुर्रियों की समस्‍या को दूर करता है। यह मसल्‍स को टोन और स्‍ट्रेच कर आपको बेहतर, लंबा और सुंदर पोश्चर देता है। तो अपनी दिनचर्या में सप्‍ताह में चार बार 15 से 20 मिनट के योग के द्वारा खुद को सुंदर बनाने के लिए तैयार हो जाओ।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Jun 04, 2014

योग बनाता है आपको सुंदर

योग बनाता है आपको सुंदर
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अगर आप योगा करते है तो आपको इससे जुड़े सौन्‍दर्य लाभ जैसे गुलाबी रंगत, लम्‍बे अंग और संतुलित काया के बारे में जानकारी होगी। एमडी वाशिंगटन डीसी क्षेत्र त्वचा विशेषज्ञ और कॉस्मेटिक सर्जन हेमा सुंदरम के अनुसार, योग इससे भी कहीं ज्‍यादा है, यह मुक्त कणों और तनाव का मुकाबला कर झुर्रियों की समस्‍या को दूर करता है। इसके अलावा यह मसल्‍स को टोन और स्‍ट्रेच कर आपको बेहतर, लंबा और सुंदर पोश्चर देता है। सुंदरम के अनुसार, अगर आप सीधे होकर चलते या खड़े होते हैं तो कई साल छोटे लग सकते हो। तो अपनी दिनचर्या में सप्‍ताह में चार बार 15 से 20 मिनट के योग के द्वारा खुद को सुंदर बनाने के लिए तैयार हो जाओ। Image Courtesy: Getty Images

बालासन

बालासन
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बालासन को करने से मसल्‍स में मजबूती, पेट की चर्बी में कमी और शरीर के भीतरी अंगों में लचीलापन आता है। इसके अलावा इसको करने से तनाव कम होता है और तुरंत एनर्जी मिलती है। इस योग को करने के लिए घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं और शरीर का सारा भाग एड़ियों पर डाल दें। गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। ध्‍यान रखें कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए, अब अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इस अवस्था में रहें और वापस उसी अवस्था में आ जाएं। Image Courtesy: Getty Images

उष्ट्रासन

उष्ट्रासन
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इस आसन में ऊंट की आकृति बनने के कारण इसे उष्ट्रासन कहते है। यह योग आपके पेट, कमर और बाहों के फैट को कम करन में मदद करता है। इसे करने के‍ लिए वज्रासन में बैठकर घुटनों के बल खड़े हो जाये। घुटनों से कमर तक का भाग सीधा रखें व पीठ को पीछे की ओर मोड़कर हाथों से पैरों की एड़ियां पकड़ लें। अब सिर को पीछे की आरे झुका दें। इस योग को तीन बार दोहराये। Image Courtesy: Getty Images

मत्स्यासन

मत्स्यासन
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इस मुद्रा से चेहरे की मांसपेशियों को आराम और गर्दन तथा पीठ की मांसपेशियां को मजबूत मिलती हैं। इससे चेहरे में नियंत्रित मात्रा में रक्त का संचार होता है। इस आसन को बालों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। इसे करने के लिए दण्डासन में बैठकर दाएं पैर को बाएं पैर पर रखकर अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। अब हाथों का सहारा लेते हुए पीछे की ओर अपनी कुहनियां टिकाकर लेट जाएं। पीठ और छाती ऊपर की ओर उठी तथा घुटने भूमि पर टिकाकर रखें। अब अपने हाथों से पैर के अंगूठे पकड़ें। आपकी कोहनी जमीन से लगी होनी चाहिए। इस योग को तीन बार दोहराये। Image Courtesy: Getty Images

नौका आसन

नौका आसन
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इस योगसन की अंतिम में हमारे शरीर की आकृति नाव के सामान हो जाने के कारण इसे नौकासन कहते है। पीठ एवं मेरूदंड को लचीला व मजबूत बनाने, शरीर को सुडौल बनाने के साथ आत्‍मबल को बढ़ाने में भी यह आसन बहुत कारगर होता है। इस आसन को करने के लिए दंडवत प्रणाम वाली मुद्रा में पेट के बल लेट जाये। इसी मुद्रा मे दोनों हथेलियां परस्पर जुडी होनी चाहिए। इसके बाद दोनों बाहों तथा सिर व दोनों पैरो को एक साथ उपर की और उठाना है और जितनी देर हो सके रुकें। Image Courtesy: Getty Images

धनुरासन

धनुरासन
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शरीर की आकृति सामान्य तौर पर खिंचे हुए धनुष के समान होने के कारण इसे धनुरासन कहते हैं। धनुरासन से पेट की चर्बी  और हाथ पैरों की कंपन कम और शरीर की सुंदरता बढ़ती है। इसे करने के लिए पेट के बल उल्टे होकर लेट जायें। ध्‍यान रखें कि दोनों पैर परस्पर मिले होने चाहिए। अब दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें। दोनों हाथों को पीछे ले जाकर दोनों पैरों को टखनों से पकड़ें। जितना हो सके उतना सिर पीछे की ओर ले जाने की कोशिश करें। इस योग को चार बार करें। Image Courtesy: Getty Images

बिदालासन

बिदालासन
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इस आसन को करने से शरीर लम्बा होता है। इसे करने के लिए अपनी दोनों हाथों की हथेलियों एवं घुटनों को भूमि पर टिकाये। अब सांस को अन्दर भर कर छाती और सिर को ऊपर उठाये। लेकिन ध्‍यान रखें कि कमर नीचे की ओर झुकी हुई होनी चाहिए। थोड़ी देर इस अवस्‍था में रहकर सांस को बाहर छोडते हुए पीठ को ऊपर उठाये तथा सिर को नीचे झुकायें। इस योग को 5-6 बार करें। Image Courtesy: theholisticcare.com

शीर्षासन

शीर्षासन
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हालांकि शीर्षासन थोड़ा कठिन है लेकिन यदि आप चेहरे को लम्बे समय तक चमकदार और स्वस्थ बनाये रखना चाहते हैं तो यह आपके लिए बहुत ही कारगर साबित हो सकता है। क्‍योंकि आप सिर के बल खड़े हैं इसलिये रक्त संचार नीचे की तरफ होने पर चेहरे की तरफ रक्त संचार बेहतर होता है। गुरूत्वाकर्षण शक्ति का प्रभाव विपरीत दिशा में होने से सिर पर खड़े होने से चेहरे की त्वचा उल्टी दिशा में लटकती है जिससे झुर्रियां कम होने लगती हैं। Image Courtesy: Getty Images

गोमुखासन

गोमुखासन
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गोमुखासन आसन में आकृति गाय के मुख के समान बनने के कारण इसे गोमुखासन कहते हैं। यह आसन कूल्‍हों और कमर की चर्बी को कम, रीढ की हड्डी को सीधा और बॉडी पॉश्‍चर को सुधरता है। इसे करने के लिए बायें पैर की एड़ी को दायें कूल्‍हे के नीचे रखें और दायें पैर को बायें पैर के ऊपर से ले जाते हुए जमीन पर रखें। अब दायें हाथ को कान के पास से ले जायें और दूसरे हाथ को पीठ के पीछे पकड़ें। दोनों हाथों की उंगलियां आपस में पकड़कर रखें और सिर को सीधा रखें। Image Courtesy: udaipurpost.com

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