अपने स्वास्थ्य के साथ अक्‍सर ये गलतियां करती हैं महिलाएं

महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होती हैं, वो जितने अच्छे से अपने परिवार के लोगों की देखभाल करती हैं उतनी ही अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ भी करती हैं, इस बारे में ज्यादा जानने के लिए ये स्लाइडशो पढ़ें।

Aditi Singh
Written by:Aditi Singh Published at: Mar 14, 2016

अधूरी नींद

अधूरी नींद
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नींद न पूरी हो पाने या समय पर नींद न आने से परेशान महिलाओं को टाइप-2 डायबिटीज़ होने की समस्या हो सकती है। जो महिलाएं कम सोती हैं या अपनी नींद पूरी नहीं कर पाती, वे अपना तुंरत इलाज कराएं। अगर महिलाएं पर्याप्त नींद लें, तो टाइप-2 डायबिटीज़ को होने से रोक सकती हैं।Image Source-Getty

पानी की कमी

पानी की कमी
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शरीर मे पानी की कमी कब्ज से लेकर त्वचा की झुर्ऱियों जैसी परेशानी देते है। इसलिए कभी भी अपने शरीर में पानी की कमी को ना होने दे। विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। पानी, विषाक्त पदार्थों को पतला करता है ताकि इससे त्वचा को जलन महसूस ना हों।अगर मूत्र में मौजूद विषाक्त पदार्थ पर्याप्त मात्रा में पतले ना हों तो वे आपके मूत्र श्लेष्मा के मेंब्रेन को हानि पहुंचा सकते हैं।सो अपनी पनी पीने की मात्रा को संभाले। Image Source-Getty

जरूरत से ज्यादा व्यायाम

जरूरत से ज्यादा व्यायाम
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जिम में बहुत ज्‍यादा कसरत करने से भी कोई भला नहीं पहुंचता। जिम में हमेशा अपनी क्षमता अनुसार ही वर्कआउट करना चाहिये।वर्कआउट के दौरान या इसके आधे से एक घंटे के बीच आपको जोड़ों में दर्द भी हो सकता है। लेकिन यदि इसके बाद भी यह होता है तो सावधान रहने की आवश्यकता है। यदि वर्कआउट के अगली सुबह भी जोड़ों में दर्द होता है तो इसका मतलब है कि आपने वर्कआउट ज्यादा कर लिया है। यदि सामान्य दिनों में भी ऐसा दर्द रहता है तो आपको कुछ आराम की आवश्यकता है।Image Source-Getty

आलस बढ़ाएं बीमार

आलस बढ़ाएं बीमार
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30 से 35 वर्ष के आयुवर्ग की महिलाएं खाने की गलत आदतों और आलस से भरी जीवन शैली के कारण मधुमेह का शिकार हो रही हैं। पश्चिमी भारत में लोग तला हुआ खाना ज्यादा खाते हैं और फलों का सेवन नहीं करते, जिसकी वजह से उनमें मधुमेह और मोटापे की समस्या पैदा होने का जोखिम बढ़ जाता है। Image Source-Getty

कामकाज का तनाव

कामकाज का तनाव
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बदलते सामाजिक परिवेश में महिलाएं ब़डे पैमाने पर तनाव की शिकार हो रही हैं। इनमें भी कामकाजी महिलाओं की तादाद कहीं ज्यादा है। घरेलू महिलाओं को जहां केवल घर के वातावरण से तनाव होता है, वहीं कामकाजी महिलाओं में तनाव घरेलू एवं बाहरी दोनों कारणों से होता है। यही वजह है कि वह अधिक तनाव में रहती हैं। तनाव को लेकर भी महिलाओं को सचेत रहना चाहिए। Image Source-Getty

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