बहुत दिनों तक एक ही तकिये के प्रयोग से हो सकती है ये बीमारियां

तकिया आपके बिस्‍तर का ऐसा हिस्‍सा है जिससे चैन और सुकून की नींद आती है। लेकिन लोग तकिये के रखरखाव पर बिलकुल भी ध्‍यान नहीं देते हैं। इसलिए तकिया बीमारी का कारण भी बनने लगता है। इस लेख में विस्‍तार से जानते हैं कि तकिया समय पर न बदलने से कौन सी बीमारी हो सकती है।

Devendra Tiwari
Written by: Devendra Tiwari Published at: Jul 27, 2016

क्‍यों जरूरी है तकिया

क्‍यों जरूरी है तकिया
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इस भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान के बाद रात को चैन की नींद बहुत जरूरी है। चैन की नींद के लिए एक आरामदायक और मुलायम तकिया होना भी बहुत जरूरी है। कुछ लोगों को तो तकिये के बिना नींद ही नहीं आती है और कुछ ऐसे भी हैं जो सोते वक्‍त एक से अधिक तकिये का प्रयोग करते हैं। यानी तकिया आपके बिस्‍तर का ऐसा हिस्‍सा है जिससे चैन और सुकून की नींद आती है। लेकिन लोग तकिये के रखरखाव पर बिलकुल भी ध्‍यान नहीं देते हैं। इसलिए तकिया बीमारी का कारण भी बनने लगता है। इस लेख में विस्‍तार से जानते हैं कि तकिया समय पर न बदलने से कौन सी बीमारी हो सकती है।

बैक्‍टीरिया संक्रमण का खतरा

बैक्‍टीरिया संक्रमण का खतरा
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आपको भले अपने पुराने तकिये से लगाव हो और इसके बिना आपको नींद नहीं आती। लेकिन क्‍या आप शायद ये बात नहीं जानते कि आपको चैन और सुकून की नींद देने वाला ये तकिया बैक्‍टीरिया का घर भी बन चुका है। पुराने तकिये में काफी बैक्टीरिया और धूल होती है, ये घूल-मिट्टी घर के अंदर आने वाली धूल-मिट्टी के कारण तकिये पर जम जाती है। अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं तो उनके जरिये भी आपके तकिये पर बैक्‍टीरिया आ रहे हैं। ये बैक्‍टीरिया आपकी सांस के जरिये आपके शरीर में जाते हैं और अस्‍थमा जैसी श्‍वसन संबंधी बीमारी का कारण बनते हैं। इसके अलावा इनके कारण एलर्जी भी हो सकती है।

दर्द का भी कारण

दर्द का भी कारण
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पुराने तकिये का अधिक समय तक प्रयोग करने से गर्दन और पीठ में दर्द हो सकता है। अगर आप पिचके हुए या पीले धब्बे हुए तकिये पर लेटते हैं तो मुमकिन है कि आपको पीठ में या शरीर के दूसरे हिस्सों में दर्द महसूस होने लगे। चूंकि हमें सोते वक्‍त थोड़े सहारे की जरूरत होती है और अगर तकिये से सही तरीके से सहारा न मिले तो रीढ़ की ह‍ड्डी पर दबाव होता है और इसके कारण ही गर्दन या कमर में दर्द होने लगता है।

कैसे करें तकिये की जांच

कैसे करें तकिये की जांच
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अगर आपका तकिया पुराना हो चुका है और उसका प्रयोग अब नहीं हो सकता है तो पहले उसकी जांच कर लें। पहले यह देख लें कि पहले जिस स्थिति में आपने उसे खरीदा था क्‍या अब भी वह वैसा है या नहीं। यह भी देखिये कि तकिये में कितनी गंदगी जम चुकी है। इसके अलावा आपको सोते वक्त परेशानी तो नहीं होती, यानी आपकी रात करवट बदलते हुए तो नहीं बीत रही। सुबह उठने पर अगर आपको गर्दन में अकड़न, पीठ, टखनों या घुटनों में दर्द महसूस हो तो समझ जाइये कि अब तकिये को बदलने की जरूरत है।

कैसा हो तकिया

कैसा हो तकिया
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बाजार में कई तरह के तकिये होते हैं, उनमें से अपने लिए बेहतर तकिये का चुनाव करना आपके लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे में एक बेहतर और आरामदेह तकिये की खरीर में हम आपकी मदद कर सकते हैं। पालिएस्‍टर सबसे मशहूर और सस्‍ता है, क्‍लस्‍टर युक्‍त इन तकियों को आप वॉशिंग मशीन में धो सकते हैं। इनको दो साल में बदल दीजिए। लैटैक्स तकिये बहुत आरामदेह होते हैं, इनको आप 10-15 साल तक प्रयोग कर सकते हैं। मेमोरी फोम तकिया बहुत ही आरामदेह होते हैं, क्‍योंकि ये लेटने पर सिर और गर्दन की शेप बना लेते हैं। गर्भवती महिलाओं को इन तकियों का ही प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। पानी वाले तकिये में पानी के पाउच का सपोर्ट होता है, ये नर्म होते हैं और हाइपो-ऐलर्जिक होते हैं। ये थोड़ा आरामदेह नहीं होते।

इन बातों का रखें ध्‍यान

इन बातों का रखें ध्‍यान
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तकिया लंबे समय तक चलाने के लिए भी आपको कुछ बातों को ध्‍यान में रखना बहुत जरूरी है। गीले बाल हों तो तकिये पर न लेटें, क्‍योंकि गीली और गंदी जगह पर बैक्टीरिया जल्‍दी और ज्‍यादा पनपते हैं। तकिये के साथ इसके कवर का भी ध्‍यान रखें, ऐसा कवर हो जिससे धूल-मिट्टी अंदर तक न जाये। अगर मुमकिन हो तो अपने बेडरूम में डी-ह्यूमिडफायर लाकर रखें। इन सुझावों और उपायों को ध्‍यान में रखेंगे तो आपकी नींद के बीच में आपका तकिया नहीं आयेगा और आपको चैन की नींद आयेगी।Image Source : Getty

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