इन कारणों से कलीग्‍स को न बतायें अपनी सेलरी

अपने सहकर्मियों के साथ अपनी सैलरी की बातें नहीं करनी चाहिए। ये आपके ऑफिस के माहौल के साथ आपके रिश्तो को भी खराब कर सकता है। इस बारें में विस्तार से जानने के लिए ये स्लाइडशो पढ़े।

Aditi Singh
Written by: Aditi Singh Published at: Dec 29, 2015

ना करें सैलरी की बात

ना करें सैलरी की बात
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किसी भी कंपनी में ज्वाइनिंग के समय एच आर आपको सलाह देती है कि आप अपनी सैलरी के बारे में किसी से भी बात ना करें। करियर के शुरूआत में ये बात बड़ी अटपटी से लगती है पर ये एक सही सलाह है। जो ना सिर्फ कंपनी के हित में होती बल्कि आपके लिए भी अच्छी होती है। अपने सहकर्मियों के बीच सैलरी की बात आपके आपसी रिश्तों को प्रभावित कर सकती है। आइये जानते है कि क्यों अपने साथियों को नहीं बतानी चाहिए अपनी सैलरी। Image Source-Getty

मन को कर देता है परेशान

मन को कर देता है परेशान
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अपने साथ के सहकर्मी की ज्यादा सैलरी सुनकर मन ज्यादातर परेशान हो जाता  है। इसलिए ज्वाइनिंग से लेकर प्रमोशन के समय़ एच आर हमेशा आपको ये सलाह देता है कि आप अपनी सैलरी के बारें में बात ना करें।वह अपना मन काम में नही लगाता तथा उसके काम करने का स्तर नीचे गिर सकता है। ये त्रुटियां उसकी तरक्की में बाधाएं पैदा करेंगी एवं दफ्तर के काम में रूकावट बनेंगी।Image Source-Getty

जलन की भावना

जलन की भावना
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पैसा दोस्तो को दुश्मन बनाने में समय नहीं लेता है। ये जानकर कि आप उनसे ज्यादा सैलरी उठा रहें है, जो सहकर्मी कल तक आपका मित्र था वह आज आपका दुश्मन बन सकता है। कुछ हजार रुपये उनके मन में ईष्या उत्पन्न करते हैं। वह हर समय आपको हराने की दौड में लग जाता है। सब के सामने आपकी गलतियों को प्रदर्शित करता है। Image Source-Getty

क्षमताओं की तुलना

क्षमताओं की तुलना
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कुछ लोगों को अपनी क्षमताओं की तुलना करने की आदत होती है। इस तुलना के माध्यम से वे अपनी श्रेष्ठता को मापने की कोशिश करते हैं। जब उन्हें अपना कौशल औरों से अधिक लगने लगता है तब वे जताते हैं कि कम तनख्वाह में काम करना उनका बड़प्पन है। अपनी तुलना करके हम स्वयं को बेहतर नहीं बना सकते हैं। यदि आपको लगता है कि कंपनी में आपको अपेक्षित तवज्जो नही दी जा रही है। आपको बाज़ार में मौजूद अन्य कंपनियों की और अपना रूख कर लेना चाहिए।Image Source-Getty

नकारात्मकता से बचाव

नकारात्मकता से बचाव
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कई बार सैलरी कम होते हुए भी वो अपनी सैलरी के बारें में बढ़ा चढ़ा के ही बात करते है। ताकि दूसरे लोगों के बीच उनकी पैठ बनी रहे। कई बार  लोग नकारात्मकता से बचने के लिए भी अपने वेतन को लेकर झूठ बोलते हैं। चूंकि वे जानते हैं कि वेतन को लेकर सहकर्मियों के मन में दवेष बढेगा जो उनके लिए हानिकारक हो सकता है।Image Source-Getty

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