क्‍यों होती है भावनात्‍मक अंतरंगता की जरूरत

By:Bharat Malhotra, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Sep 30, 2014
आखिर हमें भावनात्‍मक रूप से किसी के साथ, किसी की करीबी की जरूरत क्‍यों होती है। आखिर क्‍यों हमें किसी का साथ इस हद तक चाहिये होता है। आखिर क्‍या फायदे होते हैं किसी के साथ भावनात्‍मक अंतंरगता के।
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    भावनात्‍मक अंतरंगता की जरूरत

    हम सभी को भावनात्‍मक अंतरंगता की जरूरत होती है। हम सब चाहते हैं कि हमारे साथ वे लोग हों, जिन्‍हें हम अपना कह सकें। आखिर क्‍यों हमें भावनात्‍मक अंतरंगता की जरूरत होती है। आखिर क्‍यों‍ हम किसी को अपना कहना चाहते हैं। और आखिर क्‍या होते हैं किसी को अपना कहने के फायदे।

    भावनात्‍मक अंतरंगता की जरूरत
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    सुरक्षा

    हम सभी को अपने जीवन में सुरक्षा की दरकार होती है। कोई आपके साथ है यह अहसास ही आपको मजबूत बनाने के लिए काफी होता है। किसी को आपका खयाल है। किसी को परवाह है आपकी। यह अहसास बेहद अहम होता है। कोई है जो आपकी चिंताओं को साझा करने वाला है। अच्‍छी मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए सुरक्षित होना बेहद जरूरी है।

    सुरक्षा
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    जुड़ाव

    अकेलापन आपको मार डालता है। सामाजिकता ही तो इनसान की पहचान है। आखिर हम दूसरों के साथ अपनेजीवन के उतार-चढ़ाव साझा करना चाहते हैं। हमें हंसने के लिए कोई मित्र चाहिये होता है और हम किसी के साथ अपना दुख भी बांटना चाहते हैं। सामाजिक सौहार्द्र ही तो इनसान की पहचान है।

    जुड़ाव
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    रिश्‍तों को करें प्‍यार

    जब रिश्‍तों में एक दूसरे के प्रति प्रेम और सम्‍मान नहीं रहता, तो दुख, डर और दूरी अपनी जगह बना लेती है। हमारी रोजमर्रा की भागती दौड़ती जिंदगी में, हम एक-दूसरे के साथ वक्‍त ही कहां बिता पाते हैं। और इसी वजह से रिश्‍तों में दूरी पनपने लगती है। और दूरी के बाद ही हमें उन रिश्‍तों की कीमत का अहसास होता है। तो, जब कोई आपका करीबी हो, तो उसका पूरा खयाल रखें। उसे वक्‍त दें और उस रिश्‍ते की अहमियत को समझें।

    रिश्‍तों को करें प्‍यार
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    मस्‍ती

    भावनात्‍मक अंतरंगता के कारण ही संबंध पनपते हैं। और सकारात्‍मक संबंध ऊर्जा का संचार करते हैं। और यही सकारात्‍मकता, मौज, मस्‍ती और आनंद को बढ़ाती है। हमें किसी का साथ तभी पसंद आता है, जब वह हमारे करीब होता है। जब हम उसके साथ जुड़ाव महसूस करते हैं और जब हमें लगता है कि उसके साथ हम सुरक्षित हैं। इन सब चीजों के‍ बिना हम एक दूसरे के साथ मस्‍ती नहीं कर सकते। साथ हंसना और मौज करना न केवल भावनात्‍मक रूप से आपको जोड़ते हैं बल्कि इससे इम्‍यून सिस्‍टम भी मजबूत होता है।

    मस्‍ती
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    रचनात्‍मकता और नया सीखना

    जब आप सकारात्‍मक भावनाओं के जरिये किसी से जुड़े होते हैं, तो हमारे भीतर ऊर्जा का संचार होता है। जो हमें कुदरती रूप से रचनात्‍मक बनाये रखता है। भावनात्‍मक सुरक्षा हमें लगातार नया सीखने के लिए प्रेरित करती रहती है।

    रचनात्‍मकता और नया सीखना
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    जिंदगी को सही मायने

    भावनात्‍मक अंतरंगता और रिश्‍तों में अपनापन हमारे जीवन को नये मायने देते हैं। भावनात्‍मक अंतरंगता के बिना, हम अपने अंदर छुपा प्‍यार कैसे बांट सकते हैं। और यह तो आपको मालूम ही होगा कि प्‍यार और भावनाओं को साझा करना जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव होता है।

    जिंदगी को सही मायने
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    जीवन के साथ बदलती है

    अंतरंगता को देखने का इनसानी नजरिया बीते वक्‍त के दौरान काफी बदला है। अंतरंगता हमारा जन्‍मजात गुण नहीं होता। और न ही यह कोई दूसरा विकल्‍प ही होता है। बल्कि यह अंतरंगता जीवन से हमारी नजदीकी को दिखाती है। तो जैसे जैसे जीवन अपना रूप बदलता है, अंतरंगता भी बदलती जाती है। या जैसे-जैसे अंतरंगता बदलती है, जीवन भी अपना रूप बदलने लगता है।

    जीवन के साथ बदलती है
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