आपके शरीर के लिए क्‍यों जरूरी है स्‍ट्रेचिंग

स्‍ट्रेचिंग हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। यह दर्द को कम करने, पॉश्‍चर को ठीक करने और मांसपेशियों को आराम देने में मदद करती है। यह व्‍यायाम का ही एक रूप है जो हमें मा‍नसिक और शारीरिक रूप से शांति प्रदान करता है।

Bharat Malhotra
Written by: Bharat MalhotraPublished at: Feb 18, 2014

बड़े लाभ हैं स्‍ट्रेचिंग के

बड़े लाभ हैं स्‍ट्रेचिंग के
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स्‍ट्रेचिंग हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। यह दर्द को कम करने, पॉश्‍चर को ठीक करने और मांसपेशियों को आराम देने में मदद करती है। यह व्‍यायाम का ही एक रूप है जो हमें मा‍नसिक और शारीरिक रूप से शांति प्रदान करता है। Image Courtesy- Gettyimages.in

व्‍यायाम जितनी ही जरूरी है स्‍ट्रेचिंग

व्‍यायाम जितनी ही जरूरी है स्‍ट्रेचिंग
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क्‍या आप जानते हैं कि जितना जरूरी नियमित व्‍यायाम करना है उतनी ही जरूरी स्‍ट्रचिंग भी है। अधिकतर लोग इस तथ्‍य को नकारते हैं और स्‍ट्रेचिंग को व्‍यायाम जितनी महत्‍ता नहीं देते। उम्‍मीद है कि स्‍ट्रेचिंग की महत्‍ता को जानने के बाद आप इसे बराबर की तरजीह देंगे। Image Courtesy- Gettyimages.in

लचीलापन बढ़ाये

लचीलापन बढ़ाये
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स्‍ट्रेचिंग से आपके शरीर में लचीलापन बढ़ जाता है। इससे आप अधिक सरलता से व्‍यायाम कर सकते हैं। स्‍ट्रेचिंग से आपके शरीर के मूविंग क्षमता में भी इजाफा होता है। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि स्‍ट्रेचिंग शरीर की जकड़न को खोलने में मदद करती है। Image Courtesy- Gettyimages.in

सही पॉश्‍चर में मदद

सही पॉश्‍चर में मदद
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स्‍ट्रेचिंग से आपको सही पॉश्‍चर हासिल करने में मदद मिलती है। आज के दौर में जब हमारा अधिकतर वक्‍त कुर्सी पर बैठकर गुजरता है, ऐसे में स्‍ट्रेचिंग से हमारे शरीर की मांसपेशियों और नसों को खोलने में मदद मिलती है। इसके साथ ही इससे हमें सही पॉश्‍चर हासिल करने में भी मदद मिलती है। Image Courtesy- Gettyimages.in

चोट के खतरे को कम करे

चोट के खतरे को कम करे
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किसी कड़ी शारीरिक गतिविधि से पहले यदि स्‍ट्र‍ेचिंग कर ली जाए, तो संभावित चोट का खतरा कम हो जाता है। स्‍ट्रेचिंग से मांसपेशियां खुल जाती हैं और ऐसे में उन्‍हें चोट लगने का खतरा कम किया जा सकता है। Image Courtesy- Gettyimages.in

सूजन कम करे

सूजन कम करे
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स्‍ट्रेचिंग से मांसपेशियों में रक्‍त और पोषक तत्‍वों की आपूर्ति बढ़ जाती है। इससे मांसपेशियां अधिक क्षमता से काम करती हैं और साथ ही उनमें सूजन आने की आशंका भी कम हो जाती है। Image Courtesy- Gettyimages.in  

मन शांत करे

मन शांत करे
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रोजाना थोड़े समय यानी महज 10 से 15 मिनट तक स्‍ट्रेचिंग करने से आपका मन शांत हो जाता है। साथ ही आपके मन को आराम मिलता है और शरीर को रिचार्ज होने का वक्‍त मिल जाता है। Image Courtesy- Gettyimages.in

वर्कआउट से पहले न करें स्‍ट्रेच

वर्कआउट से पहले न करें स्‍ट्रेच
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स्‍ट्रेचिंग करते समय आपकी मांसपेशियां गर्म होनी चाहिए। वर्कआउट से पहले वॉर्मअप कीजिए इसमें उन मांसपेशियों पर जोर डालिये जिन पर आप वर्कआउट के जरिये जोर डालना चाहते हैं। वर्कआउट के बाद स्‍ट्रेच कीजिए जब आपकी मांसपेशियां पहले से गर्म हों। Image Courtesy- Gettyimages.in

मांसपेशियों पर करें ध्‍यान केंद्रित

मांसपेशियों पर करें ध्‍यान केंद्रित
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हर बार व्‍यायाम करने के बाद अपने पूरे शरीर को स्‍ट्रेच करने के बजाय, हर बार अपने शरीर के किसी खास हिस्‍से पर ध्‍यान केंद्रित करें। हर स्‍ट्रेच पर अधिक समय दें और हर क्षेत्र को अलग-अलग तरह से स्‍ट्रेच करें। अगर आपको अहसास हो कि आपके शरीर की विशेष मांसपेशियां सख्‍त हैं, तो उन पर अधिक ध्‍यान केंद्रित करें। Image Courtesy- Gettyimages.in

योग करें

योग करें
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आप योग, हॉट योग, 'पिलाते' जैसे स्‍ट्रेचिंग व्‍यायाम को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल कर सकते हैं। सप्‍ताह में कम से कम 45 से 60 मिनट तक स्‍ट्रेचिंग करें। हो सकता है कि शुरुआत में आपको ऐसा करने में परेशानी हो, लेकिन नियमित प्रयास से आप इसमें सुधार ला सकते हैं। Image Courtesy- Gettyimages.in

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