नुकसानदायक हो सकता है छींक रोकना

छींक स्वास्थ्य के लिए सेहतमंत प्राकृतिक क्रिया होती है। अगर आप अपनी छींक को रोकेंगो तो इसका शरीर के दूसरो अंगो पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Aditi Singh
Written by: Aditi Singh Published at: Jan 14, 2016

शरीर पर छींक के प्रभाव

शरीर पर छींक के प्रभाव
1/5

जब हम कभी बाहर छींक देते है या फिर किसी के सामने, तो हम शर्मिंदा महसूस करते है। लेकिन छींक आना एक सामान्य प्राकृतिक क्रिया है जिस पर हमारा कोई वश नहीं होता है। वैसे तो छींक आने के कई कारण भी होते है जैसे सर्दी लगना या फिर एलर्जी होना। छींक वातावरण के बदलाव के कारण भी आती है। छींक को रोकने के नुकसान के बारें मे आगे पढ़े। Image Source-Getty

कान को होता है सबसे ज्यादा नुकसान

कान को होता है सबसे ज्यादा नुकसान
2/5

छींक के आने में करीब-करीब सारा शरीर क्रियारत हो जाता है। जिसमें नाक, कान, आँख, मष्तिष्क, फेफड़े, पेट सब का योगदान होता है।छींक के कारण नाक से 160 किमी./घंटा की गति से हवा निकलती है। अगर आप छींक रोकते हैं तो ये सारा दबाब दूसरे अंगों की ओर मुड़ जाता है। इससे सबसे अधिक नुकसान कान को हो सकता है। कान के पर्दे फटने की सम्भावना रहती है आपके सुनने की क्षमता चली जाए।Image Source-Getty

शरीर के अंगो पर दबाव

शरीर के अंगो पर दबाव
3/5

छींक रोकने से जो दबाव आता है वह शरीर के अन्य अंगों जैसे कान, ब्रेन, गर्दन, डायफ्राम आदि को अधिक नुकसान पहुंचा सकता है। इसको रोकने से इसमें दवाब पडेगा साथ ही इससे आपके दिमाग को भी नुकसान हो सकता है। छींक रोकने की वजह से आंखों की रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो जाती हैं। इसके अलावा गर्दन में भी मोच आ सकती है। कुछ दुर्लभ मामलों में दिल का दौरा आने की भी आशंका रहती ही है।Image Source-Getty

क्यों जरूरी है छींकना

क्यों जरूरी है छींकना
4/5

छींक रोकने से स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। छींकने के साथ हमारे शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं। यदि आप अपनी छींक रोकते हैं तो ये रोगाणु शरीर के अंदर ही रह जाते हैं और बीमारी का कारण बनते हैं। जब भी आपको छींक आए तब आप आपने मुंह में रुमाल रख कर छींक सकते है। इससे किसी दूसरे को भी समस्या नही होगी। और न ही आपको असहज महसूस होगा।Image Source-Getty

लगातार आयें छींक

लगातार आयें छींक
5/5

दो या तीन छींक आना सामान्‍य है, लेकिन अगर आपको एक साथ कई छींके, रोजाना और इतनी आती है कि आप परेशान हो जाते हैं तो आपको इस ओर ध्‍यान देने की जरूरत है। आप इस बारें में डॉक्टर से सलाह ले सकते है या फिर पिपरमिंट तेल की भांप, सौंफ की चाय आदि जैसे घरेलु उपायों का प्रयोग कर सकते है। Image Source-Getty

Disclaimer