जानें स्‍वास्‍थ्‍य के लिए क्‍यों हानिकारक है चिकेन नगेट्स

चिकेन नगेट्स का नाम सुनते ही भले ही मुंह में पानी आ जाता हो, पर इनका सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक होता है। इस बारें में विस्तार से जानने के लिए ये स्लाइडशो पढ़े।

Aditi Singh
Written by: Aditi Singh Published at: Jan 12, 2016

चिकेन नगेट्स हानिकारक

चिकेन नगेट्स हानिकारक
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चिकेन नगेट्स खाना बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी को पंसद होता है। पर ये सेहत के लिए बहुत खतरनाक होते है। इसमें शामिल होने वाली साम्रगी जैसे हाइड्रोजेनरेटेड ऑयल, डेक्सटोरोज शुगर, सोडियम, मैदा, एमएसजी आदि कई बीमारियों को बढ़ावा देती है। ज्यादातर लोगों को इसके दुष्प्रभाव नहीं मालूम होते है। जिसके चलते वो अपनी सेहत का नुकसान करते रहते है। आइये जानते है नगेट्स में शामिल सामग्रियों के क्या दुष्प्रभाव होते है। ImageCourtesy@GettyImages

हाइड्रोजेनरेटेड ऑयल का सेवन कम करें

हाइड्रोजेनरेटेड ऑयल का सेवन कम करें
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हाइड्रोजेनरेटेड सोयाबीन ऑयल मे बेक्ड और पैक्ड स्नैक्स तैयार किए जाते है। हाइड्रोजेनरेटेड ऑयल सेवन महिलाओँ का कम कर देना चाहिए।  जब आप ऐसी चीजो का सेवन करते है तो ये आपके डायट के फैटी एसिड जीएलए में बदलने की क्षमता कम कर देते है। ये एक तरह का चेन रिएक्शन होता है जिससे ब्रेस्ट के टिश्यू को दर्द करने से रोकता है।  ImageCourtesy@GettyImages

हाइपरग्लाइसीमिया

हाइपरग्लाइसीमिया
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चिकेन नगेट्स को शुगर की डेक्सटोरोज फॉर्म मे बनाया जाता है। नगेट्स ज्यादा खाने की वजह से शरीर में फैट जमा होता जाता है। फैट का जमा होना वैसे तो शरीर के ईधन के तौर पर काम आता है। लेकिन जरूरत से फैट शरीर को नुकसान पंहुचाने लगता है। डायबिटीज के रोगियों को इस तरह के भोजन से परहेज करना चाहिए। इसकी वजह से हाइपरग्लाइसीमिया होने का खतरा रहता है।   ImageCourtesy@GettyImages

सोडियम (नमक) की अधिक मात्रा

सोडियम (नमक) की अधिक मात्रा
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चिकेन नगेट्स में प्रिजर्वेटिव के तौर पर सोडियम (नमक) की अधिक मात्रा इस्तेमाल की जाती है। 10 नगेट्स में करीब 1000 मिग्रा सोडियम होता है, जबकि एक दिन में एक व्यस्क के लिए केवल 2000 से 3000 मिग्रा सोडियम काफी होता है। चूंकि इसमें सोडियम को बैंलेस करने वाले पोटैशियम का अभाव होता है तो ये आपके ब्लड प्रेशर को नुकसान पंहुचा सकता है। ImageCourtesy@GettyImages

मैदा नुकसानदायक

मैदा नुकसानदायक
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गेंहू से मैदा बनाते समय उसमें किसी प्रकार का डाइट्री फाइबर नहीं रह जाता इसलिए जब कोई मैदे से बनी सामग्री का सेवन करता है तो ये पूरी तरह से पच नहीं पाता है। सही से पाचन न हो पाने के कारण इसका कुछ हिस्सा आंतों में ही चिपक जाता है और कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके सेवन से अक्सर कब्ज की समस्या हो जाती है। ImageCourtesy@GettyImages

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