मुश्किल परिस्थितियों में कैसे बचायें अपनी जान

प्राकृतिक आपदा हो या फिर इमरजेंसी, आपके साथ दुर्घटना कभी भी और कहीं भी हो सकती है, ऐसे में अगर थोड़ी सावधानी के साथ इन बातों को ध्‍यान में रखा जाये तो अपने साथ दूसरों की भी जान बचायी जा सकती है।

Pooja Sinha
Written by:Pooja SinhaPublished at: Nov 26, 2015

आपदा में हिम्‍मत से काम लें

आपदा में हिम्‍मत से काम लें
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26/11 हो या फिर नेपाल का भूकंप, सुनामी हो या फिर घर/ऑफिस/मॉल में लगी आग, आपको भी नहीं पता आपके साथ ये दुर्घटनायें कब घट सकती हैं। क्‍योंकि दुर्घटना किसी के साथ कभी भी और कहीं भी हो सकती है। लेकिन इसके प्रति हम सबको हमेशा सचेत रहना चाहिए। जान बचाने के लिए किसी खास हुनर की ज़रूरत नहीं होती। बल्कि आपको सिर्फ ये पता होना चाहिए करना क्या है? आपदा के वक्त हिम्मत से काम लिया जाए तो नुकसान कम होगा साथ ही अपने साथ दूसरों की जान भी बचाई जा सकती है। आइए जानें मुश्किल परिस्थितियों में अपनी, परिजनों व दोस्तों की जान कैसे बचाई जाएं।

आग से दुर्घटना होने पर

आग से दुर्घटना होने पर
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आग लगने के समय हमें एम्बुलेन्स, पुलिस, फायर ब्रिगेड आदि संबंधित सरकारी विभागों को सूचना करनी चाहिए। घर, स्कूल या बिल्डिंग में फायर अलार्म लगवाने को कहें, जिससे दुर्घटना होने पर उसे बजाकर सबको सूचना दे सकें। घर में या दूसरी जगह कागज, प्लास्टिक जैसी आग पकड़ने वाली चीजें जमा न होने दें। कंप्यूटर, प्रेस जैसी इलेक्ट्रॉनिक चीजें इस्तेमाल करते वक्त ध्यान रखें कि एक ही पॉइंट पर 1-2 से ज्यादा लोड न हो। आग लगने पर उस जगह से सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश करें। लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और अगर आप अंदर फंस गए हैं तो घबराएं नहीं बल्कि खिड़कियां और दरवाजे खोल दें। इससे धुएं से दम नहीं घुटेगा और बाहर आग लगने की सूचना मिल जाएगी। अगर किसी के कपड़ों में आग लग जाए तो घबराकर उस पर पानी न डालें। अगर कोई मोटा कपड़ा या कंबल हो तो उसे उसमें लपेट दें।

लैंड स्लाइडिंग

लैंड स्लाइडिंग
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जानलेवा संकट की स्थिति में जो लोग अपनी जान बचा पाते हैं, जरूरी नहीं कि वह लोग अन्‍य लोगों से ज्‍यादा बहादुर या साहसी होते हो लेकिन ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि वे इसके लिए बेहतर तैयार होते हैं। इसलिए आपको भी विपादा के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए। पेड़ टूटने, चटकने, चट्टानों के टूटने जैसी असामान्य आवाजों और भूकंप की तरह धरती में हलचल महसूस होना लैंड स्लाइडिंग का संकेत हो सकते हैं। इसलिए अगर आप पहाड़ी इलाकों में रहते हैं तो अपने आस-पास की जमीन में होने वाले परिवर्तनों पर ध्‍यान दें। जितनी जल्दी हो सके, घाटियों और निचले इलाकों से दूर सुरक्षित स्थान पर चले जाये। कार ड्राइव करने या उसमें सफर करने से बचें क्‍योंकि टूटती चट्टानें अचानक से कार के ऊपर गिर कर कार को चपेट में ले सकती हैं। Image Source : web.mst.edu

भूकंप आने पर क्‍या करें

भूकंप आने पर क्‍या करें
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भूकंप के कारण पड़ोसी देश नेपाल में भारी नुकसान हुआ और कई लोगों के मरने की खबर भी सुनी। भूकंप जैसी आपदा के दौरान थोड़ी सतर्कता और हिम्मत से जान-माल के नुकसान कम किया जा सकता है। भूकंप आने के दौरान आपको भूकंप आने पर फौरन घर, ऑफिस या स्कूल से निकलकर सुरक्षित खुले मैदान में चले जाना चाहिए। लेकिन बाहर जाने के लिए लिफट की बजाय सीढि़यों का इस्‍तेमाल करना चाहिए। बड़ी इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों से दूर रहें। भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं ताकि इनके गिरने से चोट न लगे और टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे छिप जाएं। कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं। इससे भूकंप का ज्यादा असर होगा। वाहन चला रहे हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंभों, फ्लाईओवर, पुल आदि से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें।Image Source : Getty

बाढ़ की स्थिति में क्‍या करें

बाढ़ की स्थिति में क्‍या करें
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बाढ़ जैसी स्थिति में फंसने पर आप डरे नहीं और ना ही अपने साथियों की हिम्मत तोडऩे जैसा कोई काम करें। ऐसे समय में जरूरत होती है धैर्य और साहस की। ऐसे समय में आतंकित ना हों, मौसम के खुलने का इंतजार करें। परिजनों के सम्पर्क में रहें, ताकि उन्हें आपके हालातों को लेकर चिंता नहीं हो। आपके साथ मौजूद लोगों का साथ ना छोड़ें। अगर आप अकेले हैं, तो किसी भी ग्रुप के साथ रहने की कोशिश करें। तेज बारिश या बाढ़ के हालात में खान-पान का विशेष ध्यान रखे। ऐसे मौसम में बीमार होने का खतरा ज्यादा होता है। स्वयं को बारिश में भीगने से भी बचाएं। संभव हो तो किसी ऐसी जगह शरण लें जहां बारिश का असर आप पर कम से कम हो।Image Source : guim.co.uk

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