अपनी रनिंग तकनीक बेहतर बनाने के तरीके

रनिंग बेहद कमाल का व्यायाम है, लेकिन लेकिन हर एक्सरसाइज की तरह दौड़ने के लिए भी कुछ नियम होते हैं, ताकि शरीर की ऊर्जा भी बर्बाद न हो और दौड़ने का पूरा लाभ मिले।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Sep 26, 2014

रनिंग तकनीक

रनिंग तकनीक
1/10

दौड़ना सेहत के लिए बेहद कमाल का व्यायाम है। दिल की सहेत हो या मोटापा कम करना रनिंग से कई स्वास्थ लाभ होते हैं। लेकिन हर एक्सरसाइज की तरह दौड़ने के लिए भी कुछ नियम होते हैं। इन नियमों का पालन करने से जहां एक्सरसाइज का अधिक से अधिक लाभ मिलता है, वहीं शरीर की ऊर्जा भी बर्बाद होने से बच जाती है। कुछ खास बातें, जैसे लंबे कदम बढ़ाने की बजाय तेजी से छोटे-छोटे कदम बढ़ाना आदि इन तकनीक में से एक हैं। इससे आपकी कमर पर दबाव भी कम पड़ता है और आप जल्दी थकते भी नहीं। तो चलिये आपको दौड़ने का पूरा लाभ मिले, इसके लिए हम बताते हैं आपको रनिंग तकनीक बेहतर बनाने के कुछ तरीके। Image courtesy: © Getty Images

लचीलापन

लचीलापन
2/10

बेहतर रनिंग के लिए न केवल अपनी मांसपेशियों में, बल्कि अपके टेंडॉन्स (tendons), स्नायुबंधन, और जोड़ों में लचीलापन होना बेहद जरूरी होता है। ये लचीलेपन के साथ बेहतर काम करते हैं, अगर ये अंग लचीले न हों तो इनका मूवमेंट और मोशन ठीक से नहीं होता और चेट भी लग सकती है। इसके लिए आपको रनिंग से पहले स्ट्रेचिंक करनी चाहिए। Image courtesy: © Getty Images

सिर की पोजिशन

सिर की पोजिशन
3/10

रनिंग के समय सिर की पोजिशन पर ही पूरा पॉश्चर निर्भर करता है और इसी पर यह निर्भर करता है कि आप कितनी क्षमता से दौड़ रहे हैं। दौड़ते समय सिर को सीधा रखते हुए सामने की ओर देखना चाहिए। नीचे अपने पैर की तरफ या कहीं और देखने से पूरे शरीर का पॉश्चर बिगड़ जाता है और इससे आपके दौड़ने पर असर पड़ता है। सात ही गर्दन और पीठ भी तनी हुई और एक सीध में होनी चाहिए। Image courtesy: © Getty Images

सांस लेने का तरीका (ब्रीदिंग)

सांस लेने का तरीका (ब्रीदिंग)
4/10

पेट से गहरी सांस लेना या "स्टमक ब्रीदिंग" रनिंग के लिए आदर्श होती है। पेट से सांस लेने का अभ्यास करने के लिए कमर के बल समतल सतह पर लेट जाएं और पेट को कोई किताब रख लें। अब धीरे से सांस को भीतर खींचे और किताब को ऊपर की ओर आनें दें, और फिर धीकरे से ही सांस को छोड़ें। Image courtesy: © Getty Images

बॉडी पॉश्चर

बॉडी पॉश्चर
5/10

अपने शरीर के पॉश्चर को सही रखते हुए 5 डिग्री खुद को आगे रखें। इस स्थिति को समझने के लिए दोनों पांवों पर खड़े होकर अपना वजन एड़ी पर उठाए बिना तलवे पर डालें। अब कदम रखते हुए एड़ी और तलवे के बीच के हिस्से को आराम से पहले टिकाए। कदम धीरे-धीरे बढ़ाएं और पांव के अगले हिस्से (टो) से खुद को आगे धकेलें। साथ ही टखनों में लचीलापन बनाए रखें। ध्यान रहे कि जमीन पर पैर पड़ने की आवाज ज्यादा नहीं होनी चाहिए। Image courtesy: © Getty Images

कंधे

कंधे
6/10

दौड़ते समय शरीर के ऊपरी हिस्से को शांत और शिथिल रखने में कंधों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अच्छे रनिंग प्रदर्शन के लिए  आपके कंधे ऊपर उठे व तने होने चाहिए। जब आप थक जाएं, तो राहत पाने के लिए कंधों को कान की तरफ उठाने की जगह, थोड़ा हिला लें। Image courtesy: © Getty Images

धड़ की स्थिति

धड़ की स्थिति
7/10

आपके धड़ की स्थिति सिर और कंधे की स्थिति पर निर्भर करती है। यदि सिर सीधा और कंधे थोड़े झुके व लचीले रहेंगे, तो धड़ अपने आप सीधा रहेगा और आप आसानी से दौड़ पाएंगे। अर्थात दौड़ते समय धड़ को सीधा और तना हुआ रखना लाभदायक होता है। Image courtesy: © Getty Images

बाजुएं

बाजुएं
8/10

रनिंग करते समय हाथ शरीर के ऊपरी हिस्से में तनाव व मूवमेंट को नियंत्रित रखते हैं। इसलिए हाथों को बंद रखें, लेकिन जोर से मुठ्ठी न भींचें। हाथों को आगे और पीछे ही हिलना चाहिए, न कि कमर के बीच या छाती की ओर। कोहनी 90 डिग्री पर मुड़ी होनी चाहिए। बीच-बीचट में हाथों को नीचे की ओर सीधा कर सकते हैं और मुट्ठी खोल कर हाथों को हिला सकते हैं।  Image courtesy: © Getty Images

कूल्हे

कूल्हे
9/10

हिप्स अर्थात कूल्हे शरीर के लिए सेंटर ऑफ ग्रेविटी होते हैं। इसलिए रनिंग के दौरान हिप्स की स्थित काफी अहमियत रखती है। यदि आपका धड़ सही स्थिति में है कूल्हों की स्थिति भी सही रहती है। ध्यान रहे शरीर का पिछला भाग, धड़ और कूल्हे एक सीध में होने चाहिए। Image courtesy: © Getty Images

पैर और लंबे डग

पैर और लंबे डग
10/10

जो लोग बहुत कम दूरी की रनिंग करते हैं, उन्हें जहां तक हो सके अपने घुटने ऊपर की ओर उठा कर दौड़ना चाहिए। इससे वे पैर की ताकत का अधिकतम उपयोग कर पाते हैं। लेकिन लंबी दूरी तक रनिंग करने वालों के लिए ऐसा करना मुम्किन नहीं होता। इसलिए उन्हें कदम जल्दी-जल्दी उठाने  चाहिए और ज्यादा लंबे डग नहीं भरने चहिए। इससे दौड़ने का पूरा लाभ मिलता है और शरीर की ऊर्जा भी बर्बाद नहीं होती। Image courtesy: © Getty Images

Disclaimer