इन उपायों से दूर करें कलाइयों में लगातार होने वाला दर्द और अकड़न

अगर आपको अपनी कलाइयों के आसपास का हिस्‍सा अक्‍सर सुन्‍न या दर्द महसूस होता है, लेकिन घबराइए नहीं क्‍योंकि कुछ उपायों की मदद से आप इस समस्‍या से राहत पा सकते हैं।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Dec 10, 2015

कलाइयों में होने वाला दर्द और अकड़न

कलाइयों में होने वाला दर्द और अकड़न
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अगर आपको अपनी कलाइयों के आसपास का हिस्‍सा अक्‍सर सुन्‍न या दर्द महसूस होता है। तो हो सकता है कि आप कार्पल टनल सिंड्रोम की समस्‍या से ग्रस्‍त हो। कार्पल टनल सिंड्रोम एक विशेष प्रकार की नर्व पर पड़ने वाले दबाव से होने वाली परेशानी है। इस समस्‍या के मुख्‍य कारण कलाई पर लगातार पड़ने वाला दबाव (कम्प्यूटर पर लगातार काम करने या किसी खेल में कलाई का बहुत उपयोग), कलाइयों और उंगलियों का गलत पॉश्‍चर और एक ही हाथ से लगातार काम करने से कार्पल टनल सिंड्रोम की परेशानी हो सकती है। लेकिन घबराइए नहीं क्‍योंकि कुछ उपायों की मदद से आप इस समस्‍या से राहत पा सकते हैं।

ठंडी सिंकाई

ठंडी सिंकाई
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अगर आपको कलाइयों में दर्द, जलन और अकड़न महसूस हो तो 15 मिनट के लिए आइए पैक का इस्‍तेमाल करें और अगर दर्द ज्‍यादा है तो बीच-बीच में भी आप इसका इस्‍तेमाल दोबारा भी कर सकते हैं। साथ ही अगर आप टाइपिंग का काम और माउस का इस्‍तेमाल ज्‍यादा करते हैं तो हर 40-50 मिनट के बाद एक ब्रेक जरूर लें।

माउस पैड का प्रयोग

माउस पैड का प्रयोग
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यदि आप कम्प्यूटर पर लगातार काम करते हैं तो कलाई को सपोर्ट देने वाले जैल युक्त माउस पैड का प्रयोग करें। या ऐसा माउसपैड लें जिसमें कलाइयों के लिए कुशनिंग हो। ये आपकी कलाई को काम के दौरान सपोर्ट देगा और सीधा रखेगा। साथ ही माउस को बहुत मजबूती से न पकड़ें और ऐसा माउस लें जो बहुत ज्‍यादा बड़ा या छोटा न हो और आपकी हथेलियों के लिए फिट हो।

अपना पोश्‍चर सही रखें

अपना पोश्‍चर सही रखें
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यदि आप दिनभर एक जगह बैठकर या किसी एक ही पोश्चर में बैठकर काम करते हैं तो सबसे पहले इसे बदलने की कोशिश करें। अपनी पीठ को सपोर्ट देते हुए सीधे बैठने की कोशिश करें। साधारण बैठी हुई स्थिति में आपकी कोहनियां शरीर के दोनों ओर आराम की स्थिति में होनी चाहिए। साथ ही आपका सिर व गर्दन सीधे तथा बिना अकड़े होने चाहिए ताकी ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से होता रहे।

एक्सरसाइज भी है जरूरी

एक्सरसाइज भी है जरूरी
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इस परेशानी से बचने के लिए बैठने के तरीके में थोड़ा बदलाव यानी पोश्चर सही करने के साथ नियमित एक्सरसाइज करना भी जरूरी होता है, क्‍योंकि इससे बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।  खासतौर पर कलाई और उंगलियों से जुड़ी एक्सरसाइज इसमें बहुत मददगार साबित होती हैं। कलाई को ऊपर नीचे हिलाना, हाथ हिलाना, हथेलियों को पीछे और आगे की तरफ मोड़ना कुछ ऐसी एक्सरसाइज़ हैं, जिन्हें आप दिन में कई बार कर सकते हैं। इसके अलावा कलाइयों और उंगलियों को स्ट्रेच करने, कंधों और गर्दन की सामान्य एक्सरसाइज करने, कलाइयों को क्लॉक वाइज और एंटी क्लॉक वाइज घुमाने जैसी एकसरसाइज से भी आप इस तकलीफ पर काबू पा सकते हैं।Image Source : Getty

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