जल्‍दी काम निपटायें और समय से घर जाएं

यूं तो दफ्तर का टाइम नौ से पांच का है, लेकिन आप कभी अपने दफ्तर से समय से निकले ही नहीं। आखिर क्‍यों होता है ऐसा कि आपका काम कभी वक्‍त पर समाप्‍त नहीं होता। कौन सी चीजें हैं जो आपकी कार्यक्षमता को प्रभावित करती हैं और कैसे आप उनसे निपट सकते हैं।

Bharat Malhotra
Written by: Bharat MalhotraPublished at: Jul 04, 2014

कौन भटकाता है ध्‍यान

कौन भटकाता है ध्‍यान
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कई चीजें काम से हमारा ध्‍यान भटकाती हैं। कभी आप अपने इनबॉक्‍स में लगे रहते हैं, तो कभी सेलफोन लगातार बजता रहता है। और मीटिंग्‍स का क्‍या कहना। करियर बिल्‍डर द्वारा किये गए सर्वे में ऐसे लक्षणों की पहचान की गयी जो नौ से पांच की सामान्‍य नौकरी में कार्यक्षमता पर विपरीत असर डालते हैं। इसकी वजह से आपको ऑफिस में ओवरटाइम करना पड़ता है।

कैसे किया गया सर्वे

कैसे किया गया सर्वे
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सर्वे में अलग-अलग क्षेत्रों के 5 हजार हायरिंग मैनेजर, एचआर प्रोफेशनल्‍स और नौकरीपेशा लोगों से बात की गई। इन लोगों से पूछा गया कि आखिर कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचाने वाली चीजें कौन सी हैं। इस लिस्‍ट में मोबाइल फोन सबसे आगे रहा। इसके बाद गॉसिप, इंटरनेट, स्‍नैक्‍स और स्‍मोकिंग ब्रेक्‍स का नंबर आया। शोर मचाने वाले सहकर्मी, मीटिंग्‍स, ईमल्‍स और छुट्टी पर जाने वाले सहकर्मी भी इस लिस्‍ट में शुमार रहे। इसके साथ ही स्‍पीकर फोन पर बात करने वाले सहकर्मियों को भी कार्यक्षमता पर विपरीत असर डालने वाला माना गया।

कार्यक्षमता बढ़ायें और समय पर घर जाएं

कार्यक्षमता बढ़ायें और समय पर घर जाएं
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काम करना ही जरूरी नहीं है, समय पर काम करना ज्‍यादा जरूरी है। इसके लिए हमें अपनी आदतों में बदलाव करना होगा। अपने काम करने का अंदाज बदलना होगा। जो कर्मचारी डेडलाइन पर काम नहीं कर पाता, उसके लिए करियर में कई मुश्किलें आ सकती हैं। काम को नुकसान पहुंचाने वाली ये चीजें हमेशा रहेंगी और आपको इनसे पार पाने का रास्‍ता भी तलाशना ही होगा।

कहां रुकना है

कहां रुकना है
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अपने काम को समय से और जल्‍दी निपटाने के लिए आपको 'स्‍टापिंग प्‍वाइंट' की जानकारी होनी चाहिये। तीन अहम कदम आपके करियर को अगले चरण में ले जा सकते हैं। अगर आप इनमें चूक गए तो कामयाबी की आपकी राह मुश्किल हो जाएगी। ये स्‍टॉपिंग प्‍वाइंट व्‍यावहारिक होने चाहिये। मान लीजिये आप रोजाना दफ्तर में 8 बजे तक रुकते हैं, तो कोशिश कीजिये कि आज से आप 7:30 बजे निकल जाएंगे। इस स्‍टॉपिंग प्‍वाइंट से एक घंटा पहले अपने फोन में एक नोटिफिकेशन अलॉर्म सेट कर लें। इस घंटे को अपने काम को निपटाने, बॉस और सहकर्मियों से काम के बारे में जरूरी चर्चा करने में इस्‍तेमाल करें। ऐसा करने से आप न केवल ऑफिस से समय से निकल पाएंगे, बल्कि आप प्रेरित, एकाग्र और कार्यशील भी रहेंगे।

फोन को भूल जाएं

फोन को भूल जाएं
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फोन काम से आपका ध्‍यान भटकाता है। ऐसे में आपको अपने फोन का इस्‍तेमाल करने से जितना हो सके बचना चाहिये। सर्वे में भी इसे कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों में पहले पायदान पर रखा गया था। हालांकि, फोन के बिना ज्‍यादा देर तक रह पाना किसी के लिए भी संभव नहीं। इससे बचने के लिए आप एक काम कर सकते हैं। मोबाइल को अपने सामने रखने के बजाय दराज में रखें। इससे आप हर बार नोटिफिकेशन और मैसेज आने पर फोन की ओर नहीं लपकेंगे। अगर आप फोन को काम के लिए इस्‍तेमाल करते हैं, तो बॉस या ग्राहकों के लिए अलग रिंगटोन सेट कर दें। ऐसे में आप अध‍िक जरूरी और कम जरूरी फोन कॉल्‍स में अंतर कर पाएंगे।

दिमाग को शांत रखें

दिमाग को शांत रखें
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रोज घर से दफ्तर के लिए निकलते समय आप यही सोचते हैं कि आज आप वक्‍त जाया नहीं करेंगे। लेकिन, इस बात को ध्‍यान रखें- काम से मानसिक रूप से ब्रेक न लेना आपकी कार्यक्षमता को वास्‍तव में कम ही करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेक लेने से आप नयी ऊर्जा के साथ काम करते हैं। स्‍ट्रेचिंग, वॉकिंग या सिर्फ बस यूं ही अपने डेस्‍क से कुछ देर के लिए दूर हो जाने से आप अधिक सजगता के साथ काम करते हैं। जानकार यह मानते हैं कि 90 मिनट से ज्‍यादा लंबे समय तक लगातार काम करते रहने से आपके दिमाग पर अतिरिक्‍त दबाव पड़ता है। उसे आराम करने का मौका नहीं मिलता। ऐसे में आप छोटी-छोटी गलतियां करने लगते हैं और खीझ उठते हैं।

डू नॉट डिस्‍टर्ब

डू नॉट डिस्‍टर्ब
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आप कैसा काम करते हैं यह आपके सहकर्मियों के बर्ताव पर भी निर्भर करता है। कई बार आपके साथ बैठे व्‍यक्ति के बोलने या उसके व्‍यवहार से भी आपका काम प्रभावित होता है। ऐसे में आपके लिए उसे समझाना जरूरी हो जाता है। आप उसे इशारों में समझा सकते हैं कि आप डिस्‍टर्ब होना नहीं चाहते। इसके लिए आप अपने कंप्‍यूटर पर लाल स्‍टिकी नोट चिपका सकते हैं, हैडफोन्‍स पहन सकते हैं। ये इस बात का इशारा हैं कि आप किसी प्रकार की दखल पसंद नहीं करना चाहते। इससे आप अपने काम पर भी बेहतर ध्‍यान लगा पाएंगे।

ईमेल से ब्रेक लें

ईमेल से ब्रेक लें
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ईमेल भी आपका ध्‍यान भटका सकते हैं। आप कुछ भी कर रहे हों, ईमेल चाइम बजते ही आपकी तारतम्‍यता टूट जाती है। हालांकि किसी प्रोजेक्‍ट पर काम करते समय दो-एक ईमेल का जवाब देने में कोई बुराई नहीं। लेकिन, जानकार मानते हैं कि काम करते-करते जब आप ईमेल चैक करने लग जाते हैं और इसके बाद जब दोबारा काम शुरू करते हैं, तो मस्तिष्‍क को दोबारा ध्‍यान लगाने में काफी शक्ति और समय खर्च करना पड़ता है। इसके लिए आप दिन में ऐसा समय रखें जब आप ईमेल बिलकुल भी चैक नहीं करेंगे। इस समय को अपने काम को रफ्तार देने में इस्‍तेमाल करने से आपको बहुत फायदा होगा।

मीटिंग्‍स का रखें ध्‍यान

मीटिंग्‍स का रखें ध्‍यान
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कई बार मीटिंग्‍स बेवजह लंबी खिंचती जाती हैं। इससे आपके काम को काफी नुकसान होता है। ऐसी मीटिंग को खत्‍म करने के लिए आप कुछ काम कर सकते हैं। सबसे पहले जब आपको मीटिंग के लिए बुलाया जाए, तो आप ऑर्गनाइजर से पूछ सकते हैं कि क्‍या उसके पास मीटिंग को लेकर कोई खाका तैयार है। अगर ऐसा नहीं है, तो आप उन्‍हें ऐसा करने के लिए कह सकते हैं। इससे मीटिंग मुद्दे से भटकेगी नहीं जिससे समय की बचत होगी। और अगर मीटिंग लेने वाले शख्स की आपके विचारों और आइडिया में कोई दिलचस्‍पी नहीं है, तो मीटिंग खत्‍म होने के तय समय पर आप उसे बता सकते हैं कि आपके पास और भी जरूरी काम हैं और आपने हार्ड स्‍टॉप लगा रखा है।

कुछ काम छोड़ना भी बेहतर

कुछ काम छोड़ना भी बेहतर
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कई बार आपको कुछ काम छोड़ना भी पड़ता है। आपको यह समझना जरूरी है कि आप रोज वह सब काम खत्‍म नहीं कर सकते, जो आप करना चाहते हैं। आप चाहें तो उस काम को कल आकर भी कर सकते हैं। हालांकि, कई क्षेत्रों में ऐसा करना बिलकुल भी संभव नहीं होता। लेकिन, अगर आपकी इंडस्‍ट्री में ऐसा करने की इजाजत है, तो कभी-कभार ऐसा करने में कोई बुराई नहीं। काम का अधिक बोझ गलतियां करवा सकता है।

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