सदाबहार के स्वास्थ्य लाभ व साइड इफेक्‍ट

सदाबहार के अलावा नयनतारा नाम से लोकप्रिय फूल 'विंका' न केवल सुन्दर और आकर्षक होता है, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर भी है, लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट भी होते हैं।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Aug 26, 2015

सदाबहार के स्वास्थ्य लाभ व साइड इफेक्ट

सदाबहार के स्वास्थ्य लाभ व साइड इफेक्ट
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सदाबहार के अलावा नयनतारा नाम से लोकप्रिय फूल 'विंका' न केवल सुन्दर और आकर्षक होता है, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर भी माना जाता है। इसे कई देशों में अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। यह एक छोटा झाड़ीनुमा पौधा है, जिसके गोल पत्ते अंडाकार, अत्यंत चमकदार व चिकने होते हैं। पांच पंखुड़ियों वाला यह पुष्प श्वेत, गुलाबी, फालसाई, जामुनी आदि रंगों का होता है। अंग्रेजी में विंका के नाम से जाना जाने वाले सदाबहार के फूल के कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं, लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हैं। चलिये जानें क्या हैं सदाबहार के स्वास्थ्य लाभ व साइड इफेक्ट -Images source : © Getty Images

रक्त शर्करा को कम करने की विशेषता

रक्त शर्करा को कम करने की विशेषता
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सदाबहार की जड़ों में रक्त शर्करा को कम करने का गुण होता है। दक्षिण अफ्रीका में सदाबहार के पौधे का उपयोग घरेलू नुस्खे के रूप में मधुमेह के उपचार में किया जाता रहा है। इसकी पत्तियों के रस का उपयोग हड्डा डंक (wasp sting) के उपचार में भी होता है। Images source : © Getty Images

मेनोरेजिया के इलाज में उपयोग

 मेनोरेजिया के इलाज में उपयोग
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सदाबहार की जड़ का उपयोग पेट के टॉनिक के रूप में भी होता है। इसकी पत्तियों का सत्व मेनोरेजिया (Menorrhagia) नामक बिमारी के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इस बिमारी में दरअसल असाधारण रूप से अधिक मासिक धर्म होता है।Images source : © Getty Images

मुंह व नाक से रक्‍तस्राव होने पर

मुंह व नाक से रक्‍तस्राव होने पर
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विकां का उल्लेख ब्रिटेन औषधीय शास्त्र में सातवीं शताब्दी में मिलता है। कल्पचर नामक ब्रिटिश औषधी विशेषज्ञ ने मुंह व नाक से रक्तश्राव होने पर इसके प्रयोग की सलाह दी थी। लॉर्ड बेकन ने भी अंगों की जकड़न में इसका प्रयोग को लाभदायक बताया। वैसे स्कर्वी, अतिसार, गले में दर्द, टांसिल्स में सूजन, रक्तस्नव आदि में भी यह लाभदायक होता है। Images source : © Getty Images

डिप्‍थीरिया रोग के उपचार में

डिप्‍थीरिया रोग के उपचार में
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सदाबहार की पत्तियों में मौजूद विण्डोलीन नामक क्षार डिप्‍थीरिया के जीवाणु कारिनेबैक्टिीरियम डिप्थेरी (Corynebacterium diptherae) के खिलाफ सक्रिय होता है। इसलिये इसकी पत्तियों के सत्व का उपयोग डिप्थिीरिया रोग के उपचार में किया जा सकता है। इसके अलावा इस पौधे के जड़ का उपयोग सर्प, बिच्छू तथा कीट विषनाशक (antidote) के रूप में किया जा सकता है।Images source : © Getty Images

साइड इफेक्‍ट भी होते हैं

साइड इफेक्‍ट भी होते हैं
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सदाबहार में कई सारे गुण होते हैं, लेकिन इसके साथ कुछ साइड इफेक्‍ट भी होते हैं। इसके उपयोग के बाद कई बार उल्टी, सिर दर्द, मतली, खून बहना और थकान आदि साइड इफैक्ट भी हो सकते हैं।Images source : © Getty Images

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