घरेलू नुस्‍खों से कैसे करें इम्पेटिगो का उपचार

इम्‍पेटिगो एक बेहद ही संक्रामक त्‍वचा संकमण है, जो आमतौर पर चेहरे, गर्दन, हाथ और पैर पर होता है। हल्‍के मामलों का इलाज साफ-सफाई का ध्‍यान रखकर या घरेलू उपचार के साथ किया जा सकता है। आइए इम्पेटिगो के घरेलू उपायों के बारे में जानकारी लेते हैं।

Pooja Sinha
Written by:Pooja SinhaPublished at: May 02, 2016

घरेलू उपायों से करें इम्पेटिगो का इलाज

घरेलू उपायों से करें इम्पेटिगो का इलाज
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इम्‍पेटिगो बेहद ही संक्रामक त्‍वचा संकमण है, जो आमतौर पर चेहरे, गर्दन, हाथ और पैर पर होता है। आमतौर पर यह समस्‍या दो प्रकार के बैक्‍टीरिया यानी स्ट्रेप्टोकोकस प्योगेनेस और स्‍टेफाइलोकोकस (staphylococcus) के कारण होती है। बैक्‍टीरिया त्‍वचा को कट के माध्‍यम से संक्रमित करती है, अन्‍यथा स्‍वस्‍थ त्‍वचा में खुजली या एक्जिमा जैसे अन्‍य अंतर्निहित समस्‍याएं के कारण ऐसा होता है। हालांकि यह समस्‍या किसी को भी हो सकती है, लेकिन छोटे बच्‍चों और शिशुओं में यह बहुत ही आम है। अन्‍य जोखिम कारकों में स्‍वच्‍छता की कमी, गर्म मौसम और अन्‍य प्रकार के त्‍वचा संक्रमण, सूजन, डायबिटीज, कमजोर इम्‍यूनिटी शामिल है। इम्‍पेटिगो के लक्षण प्रकार पर निर्भर करते हैं। हालांकि आम लक्षणों में लाल चकत्‍ते, तरल पदार्थ से भरे छाले, खुजली, प्रभावित हिस्‍से पर खरोंच, त्‍वचा पर घाव और सूजन लिम्‍फ नोड्स शामिल है। इम्‍पेटिगो का इलाज हालत की गंभीरता पर निर्भर करता है।

सफेद सिरका का प्रयोग ओरल

सफेद सिरका का प्रयोग ओरल
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त्‍वचा की चिकित्‍सा के लिए संक्रमित हिस्‍से को साफ रखने के लिए बहुत जरूरी होता है। इसे साफ करने के लिए आप पानी या एंटीबायोटिक वॉश का उपयोग कर सकते हैं। आप सफेद सिरके के इस्‍तेमाल से खुद का एंटीबायोटिक मिश्रण तैयार कर सकते हैं। यह संक्रमण को फैलने से रोकने के साथ संक्रमित हिस्‍से को सूखने में मदद करता है। इस्‍तेमाल का तरीका 2 कप गुनगुने पानी में एक चम्‍मच सफेद सिरका मिला लें। फिर कपड़े के उपयोग से मिश्रण को संक्रमित त्‍वचा को धो लें । फिर त्‍वचा को ड्राई करके, ओवर-द-काउंटर एंटीबायोटिक क्रीम लगाये।हल्‍के से गॉज की मदद से संक्रमित हिस्‍से को कवर करें। इस उपाय को संक्रमण दूर होने तक दिन में 2 या 3 बार करें। नोट: साफ करते समय उस हिस्‍से को रगड़े नहीं, क्योंकि यह त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं।

टी ट्री तेल

टी ट्री तेल
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टी ट्री ऑयल इस बैक्टीरिया के संक्रमण को फैलने से रोकता हैं। यह आवश्यक तेल मजबूत एंटी-माइक्रोबील और एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुणों से भरपूर होता है जो संक्रमण से लड़ने और लक्षणों से राहत देने में मदद करता है।इस्‍तेमाल का तरीका टी ट्री ऑयल ऑयल की कुछ बूंदों को एक चम्‍मच ऑलिव ऑयल में मिला लें। इस मिश्रण को प्रभावित हिस्‍से पर अच्‍छी तरह से लगा लें। इसे 20 से 30 मिनट के लिए ऐसे ही लगा रहने दें, फिर गुनगुने पानी से साफ कर लें। कुछ दिनों तक इस उपाय को नियमित रूप से 2 से 3 बार करें। वैकल्पिक रूप से, गुनगुने पानी के एक छोटे से टब में टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदे मिलाये। इस मिश्रण से प्रभावित हिस्‍से को दिन में कई बार धोने में प्रयोग करें। नोट: ओरल रूप से टी ट्री का उपभोग न करें, क्योंकि इसके दुष्प्रभाव हो सकते है।

अंगूर बीज का सत्‍त

अंगूर बीज का सत्‍त
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अंगूर बीज का सत्‍त इम्‍पेटिगो के इलाज में कारगर है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्‍सीडेंट और एंटी-बैक्‍टीरियल गुण एक गैर विषैले कीटाणुनाशक के रूप में काम करता है।इस्‍तेमाल का तरीका अंगूर के बीज के सत्‍त में कुछ बूंदे 2 बड़े चम्‍मच पानी में मिलाये। फिर इसे कॉटन बॉल की मदद से संक्रमित त्‍वचा पर दिन में 2 या 3 बार लगाये। हो सकता है कि शुरुआत में आपको खुजली हो लेकिन इससे संक्रमण जल्‍द ही ठीक हो जायेगा। Image Source : mirrorspectrum.com

प्रभावी उपाय लहसुन

प्रभावी उपाय लहसुन
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लहसुन संक्रमण से लड़ने वाला एक और प्रभावी उपाय है। इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुण बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते है। साथ ही यह खुजली और दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। इस्‍तेमाल का तरीका 2 चम्‍मच तिल के तेल में लहसुन की 2 से 3 कली कुचलकर जला लें। फिर इसे तेल को ठंडा होने दें। कुछ दिनों के लिए इसे नियमित रूप से प्रभावित त्‍वचा पर दिन में दो बार लगाये। आप चाहे तो इसमें कच्‍चे लहसुन की कुछ कली को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।   Image Source : Getty

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