इन प्राकृतिक उपचारों से दूर करें साइटिका का दर्द

साइटिका के कारण होने वाले दर्द से निजात पाने के लिए अगर आप चिकित्‍सक के पास नहीं जाना चाहते हैं तो प्राकृतिक नुस्‍खों को आजमाकर इसके दर्द को असानी से दूर किया जा सकता है।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Mar 31, 2015

साइटिका के लिये प्रकृतिक उपचार

साइटिका के लिये प्रकृतिक उपचार
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अनियमित जीवनशैली तथा गलत तरीके से उठने-बैठने की वजह से नसों में होने वाले तेज दर्द (खासतौर पर कमर से लेकर पैर की नसों तक) को साइटिका का दर्द कहा जाता है। कंप्‍यूटर के सामने घंटों बैठ कर काम करने वाले लोगों को यह दर्द ज्‍यादा होता है। इससे उनकी नसों में तनाव पैदा होता है। हालांकि कुछ प्राकृतिक तरीकों की मदद से साइटिक का दर्द दूर किया जा सकता है। image courtesy : getty images

लंबे समय तक एक स्‍थान पर बैठने से बचें

लंबे समय तक एक स्‍थान पर बैठने से बचें
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काफी देर तक एक ही जगह पर बैठने से साइटिका का दर्द बढ़ने लगता है। इसलिए लंबे समय तक एक जगह पर बैठने से बचें। हो सके तो हर आधे-एक घंटे में कुछ देर के लिए खड़े हों और टहर लें। साथ ही झुककर भारी वस्तुओं को उठाने से भी बचें। इससे रीढ़ की हड्डियों के जोड़ों पर काफी जोर पड़ता है। image courtesy : getty images

पॉश्‍चर रखें सही

पॉश्‍चर रखें सही
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यदि आपको दफ्तर में लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रह कर काम करना पड़ता है तो कुर्सी में कमर के हिस्से पर एक छोटा सा तकिया लगा लें और  सीधे बैठने की कोशिश करें। साथ ही मुलायम गद्दों पर ज्‍यादा न सोएं।  image courtesy : getty images

नियमित एक्‍सरसाइज करें

नियमित एक्‍सरसाइज करें
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कई शोधों से पता चलता है कि साइटिका के दर्द के उपचार का सबसे बेहतर तरीका व्यायाम होता है। विशेषतौर पर वे व्यायाम जिनमें शरीर को आगे की ओर स्ट्रेच करना होता है। नियमित व्‍यायाम से कमर की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। साथ ही एक्सरसाइज करने से एंडोरफिन नामक दर्दनिवारक हार्मोन का स्राव भी होता है। Image Courtesy : Getty Images

हरसिंगार

हरसिंगार
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पारिजात के नास से भी पहचाना जाने वाला हरसिंगार एक खूबसूरत छोटा पेड़ होता है, जिस पर सुन्दर व खुशबूदार फूल लगते हैं। इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग औषधि के रूप में भी होता है। इसके पत्तों के उपयोग से सायटिका रोग को दूर किया जाता है। Image Courtesy : Getty Images

अजवाइन

अजवाइन
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अजवाइन के रस में प्राकृतिक एंटी-इफ्लेमेंटरी गुण होते हैं। अजवाइन के रस से साइटिका में होने वाले दर्द, तकलीफ और सूजन को कम करने में मदद मिलती है। अजवाइन के जूस को निकाल कर 20 मिनट के भीतर पी लेना चाहिए।Image Courtesy : Getty Images

कैमोमाइल

कैमोमाइल
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कैमोमाइल में एंटी-इफ्लेमेंटरी गुण तथा बीसाबोलल होते हैं। बीसाबोलल साइटिका के दर्द और सूजन से निजात दिलाता है। जिन लोगों को सर्दियों के मौसम में नसों में दर्द होता है कैमोमाइल चाय पीने से उन्हें राहत मिलती है। Image Courtesy : Getty Images

ठंडी और गर्म सिंकाई

ठंडी और गर्म सिंकाई
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साइटिका पेन आर्गेनाईजेशन के मुताबिक गर्म और ठंडी सिकाई करने से साइटिका का दर्द अस्‍थायी रूप से ठीक हो सकता है। ठंडा पैक सूजन को कम करने में इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए। जबकि गर्म सि काई के लिये आप गर्म पैच, हीटिंग पैड या हीटिंग लैम्‍प का उपयोग कर सकते हैं। Image Courtesy : Getty Images

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