रिजेक्‍शन से क्‍यों होता है दर्द और कैसे करें इसका सामना

क्या आपको रिजेक्शन का डर सताता है? घबराएं नहीं! इसके लिए हम कुछ टिप्‍स बता रहे हैं जो खुद को अकेला महसूस करने की बजाय आपको रिजेक्शन से उपजे मानसिक तनाव से बचाने में मदद करेगें।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Mar 24, 2014

रिजेक्‍शन

रिजेक्‍शन
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आपने भी प्‍यार में रिजेक्‍शन की बात सुनी होगी। जरूरी नहीं कि आप जिससे प्‍यार करते हैं वो भी आपसे प्‍यार करें। हो सकता हैं सामने वाला आपके इजहार को रिजेक्‍ट कर दें और आपका प्‍यार एकतरफा प्‍यार बनकर रह जाएं। चाहे लडका हो या लडकी रिजेक्शन किसी को भी बर्दाश्त नहीं होता। कोई रिजेक्ट न कर दे, इस डर से कुछ लोग भीतर तक हिल जाते हैं, अपमानित महसूस करते हैं और गुस्सा हो जाते हैं। Image courtesy : Getty Images

रिजेक्‍शन की स्थिति

रिजेक्‍शन की स्थिति
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कुछ लोग रिजेक्‍शन की स्थिति का सामना सहज ढंग से कर लेते हैं, जबकि कुछ लोग इस स्थिति में एकदम टूट जाते हैं और चाहते हुए भी इस भाव को मन से बाहर नहीं निकाल पाते। क्या आपको रिजेक्शन का डर सताता है? घबराएं नहीं! इसके लिए हम कुछ टिप्‍स बता रहे हैं जो खुद को अकेला महसूस करने की बजाय आपको रिजेक्शन से उपजे मानसिक तनाव से बचाने में मदद करेगें। Image courtesy : Getty Images

रिजेक्‍शन को दिल से न लगाएं

रिजेक्‍शन को दिल से न लगाएं
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कोई भी व्‍यक्ति रिजेक्‍ट होने पर सोचता है कि वह हर जगह रिजेक्‍ट हो जाएंगा। लेकिन किसी भी रिजेक्‍शन को दिल से न लगाएं क्‍योंकि यह आपकी जिन्‍दगी में आखिरी मौका नहीं है। हर व्‍यक्ति को रिजेक्‍श का डर बिल्‍कुल त्‍याग देना चाहिए क्‍योंकि दृढ़ इच्छाशक्ति वाले लोग रिजेक्शन से मजबूत होते हैं। वे रिजेक्शन के माध्यम से अपनी कमियां ढूंढ़ कर उन्हें दूर करते हैं और निखरते चले जाते हैं। Image courtesy : Getty Images

ना के लिए पहले से तैयार रहें

ना के लिए पहले से तैयार रहें
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ध्यान रहें कि हर प्रश्‍न या प्रस्ताव के हां या ना दो जवाब होते हैं। जरूरी नहीं कि हर बार आप हां ही सुनेंगे इसलिए ना के लिए भी तैयार रहें। जरा सोचकर देखें कि क्या आप खुद भी हर किसी को हर बात में "हां" कह पाते हैं? इसलिए अपने प्‍यार का इजहार करने से पहले ही हां और ना दोनों के लिए तैयार रहें। Image courtesy : Getty Images

अपने बारे में राय बदलें

अपने बारे में राय बदलें
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अगर आपको कोई अपनी बातों से आहत करता हैं या रिजेक्‍ट करता हैं, तो इसका अर्थ यह बिलकुल नहीं कि आप स्‍वयं को उसकी नजर से देखने लगें। दूसरों की राय को महत्व देने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी अपने बारे में क्या राय है। Image courtesy : Getty Images

भावनाओं का आदर करें

भावनाओं का आदर करें
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अगर कोई आपके प्‍यार को इनकार कर देता है, तो इसका अर्थ यह नहीं कि उसने आपको रिजेक्‍ट कर दिया है। बल्कि हो सकता है कि वह आपको उस नजर से नहीं देखता हो। वह आपको सिर्फ एक अच्‍छा दोस्‍त मानता हो। आपको चाहिये कि आप उसकी इस भावना का आदर करें। Image courtesy : Getty Images

जिंदगी का हिस्‍सा है रिजेक्‍शन

जिंदगी का हिस्‍सा है रिजेक्‍शन
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प्‍यार में इनकार होने पर यह न मानें कि प्‍यार ही आपकी जिंदगी का उद्देश्‍य था। जिस तरह जिंदगी में जीत और हार लगी रहती है, उसी तरह इसे भी जिंदगी का हिस्‍सा मानकर चलें। रिजेक्‍शन को निगेटिव नहीं लेना चाहिए बल्कि आपको इस पर सहजता से बर्ताव करना चाहिये। Image courtesy : Getty Images

अकेला महसूस करना

अकेला महसूस करना
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रिजेक्‍शन के बाद कुछ लोग खुद को अकेला महसूस करने लगते हैं और अपने ऊपर नकारात्‍मक विचारों को हावी करना शुरू कर देते हैं। लेकिन इन सब से दूर खुद को मजबूत बनाएं और नकारात्‍मक विचारों से बचें। Image courtesy : Getty Images

भावनाएं शेयर करें

भावनाएं शेयर करें
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रिजेक्‍शन के बाद से हो सकता है कि आपको अजीब सा महसूस हो और आपका मन न लगें। ऐसे में कोशिश करें कि अपने दोस्‍तों के साथ ज्‍यादा से ज्‍यादा समय बितायें। साथ ही खुद को व्‍यस्‍त रखने की कोशिश करें इसके लिए किताबें पढ़ने का शौक है तो किताबें पढ़ें। मूवी देखना पसंद हैं तो मूवी देखें। इससे आप अपना ध्‍यान उन बातों से हटाकर कहीं और केंद्रित कर पायेंगे। Image courtesy : Getty Images

गलत विचारों से बचें

गलत विचारों से बचें
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हालांकि रिजेक्‍शन के बाद निराश होना स्‍वाभाविक होता है लेकिन कोशिश करें कि निराशा को अपने ऊपर हावी न होने दें। सकारात्‍मक विचारों के जरिये ही आप अपने जीवन में आगे निकल पायेंगे। अपने भविष्‍य के लिए कोई लक्ष्‍य तय करें और फिर पूरी कोशिश से उसे पाने में जुट जाएं। Image courtesy : Getty Images

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