घर के ये सामान बढ़ाते हैं थकान

घर में आपको चैन और सुकून भले ही मिलता हो लेकिन क्‍या आप जानते हैं आपके घर की कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिनके कारण थकान होती है, आइए उनके बारे में जानते हैं।

Meera Roy
Written by: Meera RoyPublished at: Oct 01, 2015

इनसे बढ़ती है थकान

इनसे बढ़ती है थकान
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निःसंदेह आपको यह जानकर हैरानी होगी कि घर के सामान भी थकान बढ़ाते हैं। लेकिन तथ्य यह है कि रोजमर्रा की जीवनशैली में इस्तेमाल में आने वाली तमाम ऐसी चीजें हैं जो हमें थकान से भर देती है। यही नहीं इनके कारण पूरा दिन उनींदेपन से भी भर जाता है। सवाल उठता है कि ये कौन सी चीजें हैं और इनसे थकान क्यों होती है? आइये जानते हैं।

टेलीविज़न से होती है थकान

टेलीविज़न से होती है थकान
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टीवी घर में मनोरंजन का सबसे बड़ा जरिया है। साथ ही जानकारी का सबसे बड़ा स्रोत भी। लेकिन लगातार टीवी देखते रहने से हमारी आंखों को थकान का एहसास होता है। यही नहीं हम मानसिक रूप से भी थका हुआ महसूस करते हैं। घंटों कोई काम न करने के बावजूद ऐसा लगता है जैसे काफी ज्यादा शारीरिक श्रम किया है। जबकि हकीकत यह है कि एक ही जगह घंटों बैठे रहने के कारण शरीर में अकड़न भर जाती है। परिणामस्वरूप थकान हमें जकड़ लेता है। ऐसे में जरूरी यह है कि लगातार कई घंटे टीवी देखने से बचें। सामान्यतः घरेलू महिलाएं इस तरह की थकान का शिकार होती हैं। इससे उन्हें एक ही पोजिशन में घंटों बैठने के कारण हड्डियों में दर्द होने लगता है और आंखें भी कमज़ोर होने लगती हैं।

सेल फोन भी है इस लिस्‍ट में

सेल फोन भी है इस लिस्‍ट में
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सेल फोन ने हमारी जिंदगी में अपनी अहम जगह बना ली है। रोजाना की दिनचर्या से लेकर मीटिंग तय करना तक सेल फोन के जरिये होने लगा है। ऐसे में बिना सेल फोन के एक दिन तो क्या एक घंटे की भी कल्पना नहीं की जा सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सेल फोन भी हमें थकान से भरता है? जी, हां! वास्तव में सेल फोन हमें निरंतर स्क्रीन में देखने को बाध्य करता है। यही नहीं हम हमेशा नीचे की ओर झुके रहते हैं जिससे रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है। इन सबके इतर सेल फोन में लगातार सक्रिय रहने के कारण मानसिक और शारीरिक दोनो किस्म की थकान हमें घेरे रहती है।

घर की नीली दीवारें

घर की नीली दीवारें
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आपको जानकर आश्चर्य होगा कि घर में यदि आपने नीले रंग का पेंट करा रखा है तो यह भी आपको थकान और उनींदेपन से भरने के लिए जिम्मेदार है। एक शोध अध्ययन से इस बात का खुलासा हुआ है कि नीली दीवारें हमारे हृदय गति को कम कर देती है, रक्तचाप कम रहता है। रक्तचाप कम रहने के कारण अकसर नींद हमें घेरे रहती है। अतः नीला पेंट बेडरूम के लिए सही होने के बावजूद अन्य कमरों के लिए यह रंग सही नहीं है। कहने का मतलब यह है कि अगर आपके घर में नीले रंग का पेंट है तो बेहतर है जल्द इसे बदलवाएं ताकि थकान से बाहर आ सकें।

घर के पर्दे भी हैं जिम्‍मेदार

घर के पर्दे भी हैं जिम्‍मेदार
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उत्साह और ऊर्जा के लिए घर में सही रंग के पर्दों को होना बेहद जरूरी है। यदि पर्दे के कारण आपको जरा भी असहजता महसूस होती है तो समझ जाइये कि पर्दा भी आपको थकान से भरने की एक बड़ी वजह बन चुका है। सबसे पहले तो यह ज़हन में रखें कि पर्दे नियमित बदलते रहें। इससे भी अहम बात यह है कि गाढ़े रंग के पर्दों से बचें। गाढ़े रंग के पर्दो के कारण हमेशा जकड़न का एहसास बना रहता है। परिणामस्वरूप थकान हमें घेरे रखती है। यही नहीं काम से हम बचने की कोशिश करते हैं।

कूलिंग नहीं थकान भी देती है एसी

कूलिंग नहीं थकान भी देती है एसी
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बढ़ती गर्मियों के दिन अपने कमरे का तापमान कम रखने में बेहद मजा आता है। लेकिन क्या कभी आपने महसूस किया है कि एसी कमरे में सोने के बाद सुबह उठकर आपको फ्रेशनेस का एहसास कम होता है? सारा दिन एसी में रहने से भी आप थकान से घिरे रहते हैं। दरअसल एसी कमरे को अतिरिक्त ठण्डा रखता है। इससे शरीर को कमरे के तापमान के मुताबिक ढलने के लिए कोशिश करनी पड़ती है। नतीजतन शरीर थकान से भर जाता है। काम की करने क्षमता मानो कम होने लगती है या कहें काम करने में मन नहीं लगता। All Images - Getty Images

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