कैंसर के खतरे को बढ़ाती हैं ये 4 चीजें, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

कैंसर मौजूदा समय की सबसे घातक बीमारियों में से एक है। आप इस बीमारी के कारण खुद को असहाय महसूस कर सकते हैं हालांकि कुछ तरीके ऐसे हैं, जिनसे आप वास्तव में कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं। अपने आहार और जीवनशैली में ये 4 छोटे-छोटे परिवर्तन कर आप कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचने के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं ।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Apr 26, 2019

शुगर

शुगर
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आप जानते हैं कि आपके अलावा और कौन शुगर का का बड़ा प्रशंसक है? कैंसर। जी हां, यह सच है। वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि शुगर वास्तव में आपकी बॉडी में ट्यूमर के विकास को बढ़ाती है। जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित बेल्जियम के मोलिक्यूलर जीवविज्ञानी द्वारा किए गए एक अध्ययन में इस बात को बताया गया है कि कैसे कैंसर सेल शुगर से अपनी ऊर्जा प्राप्त करते हैं और यह प्रक्रिया वास्तव में कैंसर सेल के विकास में वृद्धि करती है। अध्ययन के मुख्य लेखक और जीवविज्ञानी जोहान थेवलिन ने इस बारे में कहा कि कैंसर सेल  के अतिसक्रिय शुगर उपभोग से कैंसर के विकास और वृ्द्धि की निरंतर बढ़ने का एक दुष्चक्र होता है। Buy Online:Dabur Chyawanprakash sugar free, 500g Offer Price Rs-192.00/-  

प्रोसेस्‍ड फूड

प्रोसेस्‍ड फूड
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प्रोसेस्ड फूड आपकी सेहत के लिए बेहद हानिकारक है इस सच्चाई के बावजूद आप खुद को इसे खाने से नहीं रोक पाते। प्रोसेस्ड फूड धीरे-धीरे आपकी बॉडी और दिमाग को खोखला कर रहा है। प्रोसेस्ड फूड में मौजूद तत्व आपके शरीर को अंदर ही अंदर बीमार करते हैं क्योंकि प्रोसेस्ड फूड में फॉस्फेट पाया जाता है। फॉस्फेट ही भोजन को स्‍वादिष्‍ट और आकर्षक बनाता है। लेकिन यह रसायन आपको बूढ़ा बनाने के साथ ही किडनी फेल और हड्डियों की कमजोरी का भी कारण बनता है। हमारे अंग प्रोसेस्ड फूड के मुकाबले हेल्दी खाने को ज्यादा अच्छे से पचाते हैं। प्रोसेस्ड फूड बॉडी में डोपामाइन को बढ़ाते हैं, जिससे इस तरह के फूड को खाने की इच्छा और तेज हो जाती है। दरअसल हमारा मस्तिष्क प्रोसेस्ड फूड में मौजूद रिफाइंड नमक और शुगर को रोकने में सक्षम नहीं होता इसलिए आप भारी मात्रा में जंक फूड का सेवन कर लेते हैं जो मोटापा, डायबिटीज, कैंसर और हृदय संबंधी बीमारियों का कारण बनता है।

टैनिंग

टैनिंग
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जी हां, हम सभी जानते हैं कि सर्दियों के मौसम में सूरज सभी को पसंद होता है लेकिन जरूरी है कि हम इसके संपर्क में ज्यादा देर तक न आएं। स्किन कैंसर फाउंडेशन का कहना है, जो लोग 35 वर्ष की आयु से पहले टैनिंग के लिए सूरज के धूप लेते हैं, उनमें मेलेनोमा विकसित होने का खतरा 75 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपको 15 मिनट से अधिक धूप में रहना है तो कुछ सुरक्षात्मक कपड़ें और सनस्क्रीन का प्रयोग करना चाहिए।  Buy Online:Neutrogena Ultra Sheer Dry Touch Sunblock, SPF 50+, 88ml Offer Price- Rs-394/-

शराब

शराब
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हमें पता है लेकिन फिर भी हम शराब की अत्याधिक मात्रा का सेवन करते हैं। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट का दावा है कि अत्याधिक शराब के सेवन से विभिन्न प्रकार के कैंसरों के विकसित होने का खतरा बढ़ता है। शोधों में दावा किया गया है कि जैसे जैसे व्यक्ति शराब का सेवन बढ़ाता जाता है उसमें कैंसर का जोखिम बढ़ता जाता है। 

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