कृत्रिम मिठास और चीनी के 10 बढ़िया विकल्प

आज के दौर में खान-पान में काफी बदलाव आया है, और यदि बात मीठे खाद्य पदार्थों की हो रही हो तो इस कड़ी में दो नये नाम भी आते हैं, और वे हैं शुगर सब्स्टीट्यूट और आर्टीफीशिअल स्वीटनर्स के, जो फिलहाल काफी प्रचलित भी हैं।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Feb 06, 2015

मिठास और चीनी के विकल्प

मिठास और चीनी के विकल्प
1/9

आज के दौर में खान-पान में काफी बदलाव आया है, और यदि बात मीठे खाद्य पदार्थों की हो रही हो तो इस कड़ी में दो नये नाम भी आते हैं, और वे हैं शुगर सब्स्टीट्यूट और आर्टीफीशिअल स्वीटनर्स के, जो फिलहाल काफी प्रचलित भी हैं। इनमे से कुछ प्राकृतिक होते हैं और कुछ सिंथेटिक। शुगर सबस्टीट्यूट वे पदार्थ होते हैं जो चीनी जैसी मिठास तो लाते हैं, लेकिन असली चीनी जितनी ऊर्जा उत्पन्न नहीं करते। इससे लोगों के मोटे होने व वजन बढ़ाने का ख़तरा नहीं रहता। लेकिन सिंथेटिक मिठास वाले पदार्थों को आर्टीफीशिअल स्वीटनर्स कहा जाता है। तो चलिये जानते हैं कृत्रिम मिठास और चीनी के कुछ आर्टीफीशिअल और कुछ सबस्टीट्यूट मिठास और चीनी के विकल्पों के बारे में। Images courtesy: © Getty Images

कैसे बनते हैं

कैसे बनते हैं
2/9

सॉफ्ट ड्रिंक में यदि आर्टीफिशियल स्वीटनर डालना हो तो उनमे माल्टोडेक्सट्रिन (Maltodextrose) डाला जाता है ताकि पहले जैसा स्वाद आ पाए। शुगर फ्री चाय में स्टेवियोल (Steviol) होता है। अमेरिका में निओटमे, सेकारीन, स्टेविअ (Aspartame, Neotame, Saccharin, Stevia) आदि शुगर सुबस्टीटयूट प्रयुक्त किये जाते हैं। हांलाकि यूएस एफजीए काफी जांच के बाद ही इनकी अनुमति देती है। अधिकतर शुगर सुब्स्टीटयूट आर्टफिशियल होते हैं। हांलाकि इनमें से कई प्राकृतिक भी होते हैं जैसे कि सोर्बिटोल (Sorbitol) , क्सीलिटोल Xylitol (जोकि बेरी में पाया जाता है), स्टेविअ तथा शहद आदि। Images courtesy: © Getty Images

सकरीन (Saccharin)

सकरीन (Saccharin)
3/9

सॅकरीन सबसे पुराना आर्टीफिशियल स्वीटनर है, जिसे 1879 में बनाया गया था और वर्तमान काल मे यह कोलतार मे मिलाने वाले शुद्ध पदार्थ से बनता है। इसके आधारिय पदार्थ, बेन्ज़ोईक सल्फीनाईड, में प्रभावी खाद्य उर्जा नहीं होती और यह सुक्रोस से 300 गुना ज़यादा मीठा होता है। पाचन तंत्र मे इसका चयापचय नहीं होता और यह मूत्र द्वारा बाहर निकल जाता है। जिन प्रांत मे सकरीन का खाने की इजाज़त होती है वहां इसका प्रयोग पेय पदार्थ, कैन्डी, दवाई और टूथपेस्ट आदि में किया जाता है। यह एक आर्टीफीशिअल स्वीटनर होता है। Images courtesy: © Getty Images

एसपारटेम (Aspartame)

एसपारटेम (Aspartame)
4/9

एसपारटेम आजकल सबसे अधिक प्रयुक्त किये जाने वाले स्वीटनर में से एक है। ये एस्पार्टिक एसिड का मेथाय्ल एस्टर होता है जोकि चीनी से 200 गुना तक अधिक मीठा होता है। इसका प्रयोग च्युइंग गम और सॉफ्ट ड्रिंक्स में किया जाता है। यह एक आर्टीफीशिअल स्वीटनर है।Images courtesy: © Getty Images

सुक्रलोस (Sucralose)

सुक्रलोस (Sucralose)
5/9

सुक्रलोस भी एक प्रचलीत स्वीटनर है, जोकि चीनी से लगभग 600 गुना अधिक मीठा होता है। इस भी कई प्रकार की स्टीट डिश बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। यह भी एक आर्टीफीशिअल स्वीटनर होता है।Images courtesy: © Getty Images

मल्टीटोल (Maltitol)

मल्टीटोल (Maltitol)
6/9

ये एक पोल्योल (Polyol) है, इसमें 75 से 90 प्रतिशत सुक्रोस जितनी मिठास होती है। इसमें कैलोरीज़ चीनी से आधी होती हैं और ये दांतों को भी नुकसान नहीं पहुंचाता है। इसका प्रयोग चॉकलेट, आइस क्रीम, टूछपेस्ट और माउट वॉश बनाने में किया जाता है। ये भी एक प्रकार का आर्टीफीशिअल स्वीटनर होता है।Images courtesy: © Getty Images

मोग्रोसाइड्स (Mogrosides)

मोग्रोसाइड्स (Mogrosides)
7/9

मोग्रोसाइड्स एक प्रकार का प्राकृतिक शुगर सब्स्टीट्यूट होता है। इसको मोंक फ्रूट (Monk fruit) से निकला जाता है और ये चीनी से 300 गुना तक मीठा होता है। Images courtesy: © Getty Images

सोर्बिटोल (Sorbitol)

सोर्बिटोल (Sorbitol)
8/9

सोर्बिटोल भी एक प्रकार का प्राकृतिक शुगर सब्स्टीट्यूट है, जोकि सेब और पीच में पाया जाता है। इसका प्रयोग कफ़ सीरप और च्युइंग गम बनाने के लिये किया जाता है। Images courtesy: © Getty Images

शहद

शहद
9/9

ये शुगर सब्स्टीट्यूट के रूप में प्रयोग किया जाने वाला सबसे प्रिय पदार्थ है। मिठास के अलावा इसके कई और फायदे भी हैं। इसमें फ्रुक्टोज (fructose) 38.2 प्रतिशत, ग्लूकोज़ 31 प्रतिशत तथा ग्लाइसेमिक इंडेक्स (glycemic index) 31 से 78 प्रतिशत होता है। साथ ही इसमें विटामिन्स, मिनेरल्स, और एंटी-ऑक्सिडेट्स भी होते हैं। Images courtesy: © Getty Images

Disclaimer