रोज घंटों बैठने वालों को होता है स्पॉन्डिलाइटिस का ज्यादा खतरा, जानें इससे बचाव के लिए 8 टिप्स

लगातार गलत पोश्चर में घंटों बैठकर काम करने से स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा रहता है, इस समस्या से बचाव के लिए अपनाएं ये 8 टिप्स।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Dec 07, 2021

स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या

स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या
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स्पॉन्डिलाइटिस गठिया का एक प्रकार है जिसमें रीढ़ की हड्डियों में ज्यादा परेशानी होती है। स्पॉन्डिलाइटिस में रीढ़ की हड्डियों से शुरू होने वाला दर्द शरीर के कई अंगों तक पहुंच सकता है। आज के समय में बिगड़ती जीवनशैली और खानपान से जुड़ी गलत आदतों की वजह से यह समस्या तेजी से लोगों में हो रही है। आमतौर पर स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या में सबसे ज्यादा सूजन रीढ़ की हड्डी से शुरू होकर कूल्हे, कंधे और गले के पिछले हिस्से में भी हो जाती है।

स्पॉन्डिलाइटिस के कारण

स्पॉन्डिलाइटिस के कारण
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स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या आज के समय में युवाओं में सबसे ज्यादा देखी जाती है। इसका प्रमुख कारण लगातार घंटों तक बैठकर काम करना और बिगड़ती जीवनशैली को माना जाता है। शरीर का पॉश्चर ठीक नहीं होने की वजह से रीढ़ की हड्डी का अलाइनमेंट बिगड़ जाने पर इस समस्या का खतरा रहता है। इसके अलावा खराब डाइट, मोटापे की समस्या और धूम्रपान आदि भी इसके कारण माने जाते हैं।

शरीर का पॉश्चर करें ठीक

शरीर का पॉश्चर करें ठीक
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घंटों तक गलत पोश्चर तक बैठकर काम करने की वजह से आज के समय में यह समस्या ज्यादातर लोगों में देखी जाती है। स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या से बचने के लिए आपको सबसे पहले अपने शरीर का पोश्चर ठीक करना चाहिए। घंटों तक बैठकर लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करते समय रीढ़ की हड्डी को सीधा करके बैठना चाहिए।

स्पॉन्डिलाइटिस से बचाव के लिए योग

स्पॉन्डिलाइटिस से बचाव के लिए योग
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शारीरिक गतिविधियों की कमी की वजह से आज के समय लाखों लोग दिल से लेकर हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या से बचाव के लिए योग का नियमित अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। इस समस्या से बचने के लिए आप रोजाना रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं।

डाइट में करें बदलाव

डाइट में करें बदलाव
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स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या में डाइट का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। खराब डाइट की वजह से भी आज के समय में युवाओं में कई समस्याएं हो रही हैं। स्पॉन्डिलाइटिस से बचाव के लिए आपको विटामिन डी, कैल्शियम और अन्य खनिजों से युक्त भोजन का सेवन करें। डाइट में सुधार कर स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या से बचाव किया जा सकता है।

चाय और कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन करें कम

चाय और कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन करें कम
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चाय और कैफीन का सेवन आज के समय में दुनियाभर में बहुत ज्यादा किया जा रहा है। स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या में चाय और कैफीन का सेवन बहुत नुकसानदायक होता है। इस समस्या से बचाव के लिए आपको चाय और कैफीन से युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।

धूम्रपान को कहें अलविदा

धूम्रपान को कहें अलविदा
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धूम्रपान की वजह से भी स्पॉन्डिलाइटिस का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान और तंबाकू का सेवन स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या को बढ़ाने का काम कर सकता है। इसलिए स्पॉन्डिलाइटिस के मरीजों को यह सलाह दी जाती है कि वे इस समस्या में धूम्रपान और तंबाकू का सेवन न करें।

मालिश करने से मिलता है फायदा

मालिश करने से मिलता है फायदा
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स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या में मालिश करने से फायदा मिलता है। दिन भर घंटों तक एक ही पोश्चर में बैठे रहने के बाद नियमित रूप से मसाज करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। मालिश के लिए आपको एक्सपर्ट की सहायता लेनी चाहिए। मालिश करने वाले एक्सपर्ट्स रीढ़ की हड्डी के आसपास के संवेदनशील पॉइंट्स के बारे में जानते हैं।

स्पॉन्डिलाइटिस से बचाव के लिए एक्यूपंक्चर

स्पॉन्डिलाइटिस से बचाव के लिए एक्यूपंक्चर
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एक्यूपंक्चर एक प्रकार की वैकल्पिक चिकित्सा है जिसमें शरीर के कुछ बिंदुओं पर फोकस किया जाता है। स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या में एक्यूपंक्चर बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके इस्तेमाल से आप इस समस्या में होने वाले दर्द को कम कर सकते हैं।

सख्त बिस्तर पर सोने से बचें

सख्त बिस्तर पर सोने से बचें
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स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या में सख्त बिस्तर पर सोना नुकसानदायक माना जाता है। इस समस्या में आपको सख्त बिस्तर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। स्पॉन्डिलाइटिस से बचाव के लिए आप मुलायम बिस्तर का इस्तेमाल करें लेकिन यह ध्यान रखें कि बिस्तर बहुत अधिक मुलायम न हो।

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