आध्‍यात्मिक सफर बदल देता है आपकी जिंदगी

जिंदगी से बड़ा चित्रपट और दूसरा नहीं। यह आपको तमाम रंग दिखाती है। कई सपने दिखाती है। लेकिन, वास्‍तव में जिंदगी क्‍या है यह कोई नहीं जानता। इसमें कई बार मुश्किलें भी आती हैं और इसी दौरान आपको अपनी क्षमताओं के बारे में पता चलता है। और अध्‍यात्‍म आपको इसी कठिन दौर से बाहर निकलने में मदद करता है।

Bharat Malhotra
Written by: Bharat MalhotraPublished at: Aug 12, 2014

सुकून भरी जिंदगी की चाहत

सुकून भरी जिंदगी की चाहत
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हम सब सुकून भरी जिंदगी चाहते हैं। लेकिन, जिंदगी ऐसी होती कहां है। कई बार यह बोर हो जाती है। और बार उदासी के बादल चादर फैलाये हमें अपने आगोश में ले लेते हैं। हमें अंतर्मन में हमें इस बात का ज्ञान होता है कि आखिर इससे कैसे बाहर आना है। लेकिन, क्‍या हम वाकई ऐसा कर सकते हैं। Image Courtesy- getty images

नौकरी भुला देती है जिंदगी की खूबसूरती

नौकरी भुला देती है जिंदगी की खूबसूरती
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आप कहीं खोये-खोये रहते हैं। बाहर निकलते हैं और आपको सूरज की रोशनी का अहसास ही नहीं होता, तो यकीन जानिये आपको जिंदगी को री-बूट करने की जरूरत है। सोचिये अगर हम सब अपनी पसंद की जिंदगी जीते, तो नौकरियां बहुत कम होतीं और रचनात्‍मकता बहुत ज्‍यादा। भले ही आप अभी नौकरी नहीं छोड़ सकते, लेकिन अपनी पसंद का काम तो कर सकते हैं। कुछ ऐसा कीजिये जिसे करके आपको गहरी शांति मिलती हो। Image Courtesy- getty images

जिंदगी में कुछ नया नहीं

जिंदगी में कुछ नया नहीं
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रोजाना खायें तो पुलाव भी जहर लगने लगता है। कुछ नया न हो, तो इनसान जिंदगी कितनी बासी लगने लगती है। जैसे आपको जुबान का स्‍वाद बदलने के लिए कुछ चाहिये, वैसे ही खुद को पहचानने के लिए भी कुछ नया चाहिये। खुद को पहचानिये, अपनी खूबियों को नया रंग दीजिये। कुछ नया करने की कोशिश कीजिये। इसी को तो अंतर्मन की यात्रा कहते हैं। Image Courtesy- getty images

सफर करें

सफर करें
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सफर सिर्फ बाहर घूमने का ही नाम नहीं है। जब आप यात्रा पर निकलते हैं, तो आपका मन शांत हो जाता है। इससे आपको अपने भीतर जाने का समय मिलता है। आप नये लोगों से मिलते हैं जो आपको नयी बातें सिखाते हैं। जीवन को देखने का आपका नजरिया बदल जाता है। इससे दूसरों के साथ आपके संबंध भी बेहतर होते हैं। Image Courtesy- getty images

खुद से हों बेहतर संबंध

खुद से हों बेहतर संबंध
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एक ही ढर्रे पर चली आ रही जिंदगी से ब्रेक लीजिये। कुछ वक्‍त अपने लिए भी निकालिये। इससे आपकी प्रेरणा स्‍वच्‍छंद होकर विचरती है। आपकी आध्‍यात्मिकता को अपनी बांहें फैलाने का पूरा अवसर मिलता है। इस परिस्थिति को आप ध्‍यान का नाम दे सकते हैं। दुनिया से दूर हटकर खुद से जुड़ना ही तो होता है और यह परिस्थिति कुछ ऐसी ही हो जाती है। Image Courtesy- getty images

ज्ञान का भण्‍डार

ज्ञान का भण्‍डार
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जब आप बाहर निकलते हैं तो आपको अपनी क्षमताओं का सही आभास होता है। सामान्‍य परिस्थितियों में आपकी सोच सीमित हो सकती है। लेकिन, वास्‍तव में आपकी क्षमतायें असीमित हैं। जैसे ही हम आउट ऑफ द बॉक्‍स सोचना शुरू करते हैं, हमें आभास होता है कि हम अभी तक अपनी क्षमताओं का पूरा इस्‍तेमाल ही नहीं कर रहे थे। Image Courtesy- getty images

प्राथमिकतायें तय करने में आसानी

प्राथमिकतायें तय करने में आसानी
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जीवन चुनौतियों का ही दूसरा नाम है। हर नये मोड़ पर नयी जिम्‍मेदारियां आपका स्‍वागत करती हैं। और इन जिम्‍मेदारियों और कामों को सही प्रकार से निभाने के लिए आपको उनकी प्राथमिकतायें तय करनी जरूरी होती हैं। पुराने माहौल से बाहर आना, भले ही वह थोड़ी देर के लिए हो, आपके लिए बेहद जरूरी होता है, और यह आपको इस भौतिक दुनिया से बाहर ले जाता है। Image Courtesy- getty images

अपनी कहानी खुद लिखें

अपनी कहानी खुद लिखें
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कई बार जिंदगी किसी सोप ओपेरा जैसी हो जाती है। और यही समय होता है उसे बदलने का। आपको इसी समय बने बनाये ढर्रे को तोड़ने की जरूरत होती है। अपने अहम को पीछे छोड़कर समस्‍याओं के मूल कारणों को जानना चाहिये। अध्‍यात्‍मक और ध्‍यान के कारण आपका मस्तिष्‍क इतना परिपक्‍व हो पाता है। आप स्‍वयं अपने फैसले ले पाते हैं। दूसरे आपकी भावनाओं पर हावी नहीं हो पाते। Image Courtesy- getty images

मानसिक दुविधा खत्‍म करे

मानसिक दुविधा खत्‍म करे
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जिंदगी दुविधापूर्ण नजर आ रही है। आध्‍यात्मिक यात्रा इन दुविधाओं को समाप्‍त कर देगी। जिंदगी का सही रास्‍ते पर होना बहुत जरूरी होता है। जैसे-जैसे आपको चीजों की बुनियादी समझ आती जाएगी, वैसे-वैसे आप समस्‍याओं को बेहतर ढंग से समझ और सुलझा पाएंगे। याद रखिये बेहतर छवि देखने के लिए आईने पर जमी धूल साफ करना ज्‍यादा जरूरी होता है। Image Courtesy- getty images

आशावादी बनाये

आशावादी बनाये
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आपने सही पहचाना। नदी, घास, धार्मिक स्‍थल, भाषा और माहौल आपको कुदरत से जोड़ती है। इससे आपका नजरिया सकारात्‍मक होता है। जीवन के प्रति सकारात्‍मकता आपकी रचनात्‍मकता को भी बढ़ाने का काम करती है। जब आपका दिल खुश होता है तो आप बिना थके पूरी क्षमता से लंबे समय तक काम कर सकते हैं। Image Courtesy- getty images

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