खर्राटों को दूर करने के सात आसान उपाय

बहुत से लोग खर्राटे लेते हैं। लेकिन, इससे आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और उन लोगों को शर्मिंदगी का। लेकिन, खर्राटों को दूर करना इतना मुश्किल भी नहीं। इसके लिए आपको कुछ बातों का खयाल रखना जरूरी है। चलिये जानें कैसे आप इन समस्‍याओं से बच सकते हैं।

Bharat Malhotra
Written by: Bharat MalhotraPublished at: Dec 23, 2014

सोते समय खर्राटे

सोते समय खर्राटे
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कई लोगों को सोते समय खर्राटे लेने की आदत होती है। इससे आपकी नींद तो बार-बार खुलती ही रहती है साथ ही आपके साथ सोने वालों को भी चिंता का सामना करना पड़ता है। आपकी यह आदत कई बार आपके लिए शर्मिंदगी का सबब भी बन जाती है। इसके बावजूद आप अपनी इस समस्या से छुटकारा नहीं पा सके हैं? तो चलिए हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताते हैं जिन्‍हें अपनाकर आप इस तकलीफ का दूर कर सकते हैं। Image Courtesy : Getty Images

सोने की पोजीशन बदलें

सोने की पोजीशन बदलें
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यूं तो पीठ के बल सोने को सबसे अच्‍छा तरीका माना जाता है। लेकिन, शायद आपको इस बात का अंदाजा न हो कि इस पोजीशन में सोने से खर्राटों की आशंका बढ़ जाती है। जब आप पीठ के बल सोते हैं तो आपका तालु व जीभ गले के ऊपरी भाग पर होते हैं। इससे ऊंची आवाज में ध्‍वनि उत्‍पन्‍न होती है। और यही आवाज खर्राटों में बदल जाती है। इससे बचने के लिए जरूरी है किे आप सीधे सोने के बजाय करवट लेकर सोयें। करवट लेकर सोने से खर्राटों की आशंका कम हो जाती है। Image Courtesy : Getty Images

वजन कम करें

वजन कम करें
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शायद आपने इस बात पर गौर न किया हो, लेकिन खर्राटों से परेशान अधिकतर लोग मोटापे के शिकार होते हैं। मोटापे के कारण गले के आसपास बहुत अधिक वसा युक्त कोशिकाएं जमा हो जाती हैं। इन कोशिकाओं के कारण गले में सिकुड़न होने लगती है। और यह खर्राटे की बड़ी वजह होती है। गर्दन के आसपास जमा वसा से हवा भी पूरी तरह प्रवाहित नहीं हो पाती। इससे सोते वक्‍त हमें अधिक खर्राटे आते हैं। व्‍यायाम, संतुलित आहार के जरिये आप अतिरिक्‍त वजन से छुटाकारा पा सकते हैं। इससे न केवल आपके खर्राटे दूर होंगे, बल्कि आप, हृदय रोग, डायबिटीज और कई अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से भी बचे रहेंगे। Image Courtesy : Getty Images

धूम्रपान से दूरी भली

धूम्रपान से दूरी भली
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धूम्रपान कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं की जड़ होता है। इससे आपको कैंसर, हृदय रोग और श्‍वसन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। धूम्रपान करने से फेफड़ों की क्षमता पर सीधा असर पड़ता है। इससे फेफड़े सही प्रकार काम नहीं कर पाते। धूम्रपान करने वाले व्‍यक्ति को सोते समय ऑक्‍सीजन की कमी का अहसास होता है। चिकित्‍सीय परिभाषा में इस परिस्थिति को स्लीप ऐप्नीआ यानी निद्रा अश्वसन कहते हैं। इस स्थिति में कई बार ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए भी शरीर खर्राटे लेता है। Image Courtesy : Getty Images

अल्कोहल से परहेज

अल्कोहल से परहेज
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कई लोगों को रात को सोने से पहले अल्‍कोहल का सेवन करने की आदत होती है। उनके लिए यह अच्‍छी नींद का सहारा है। लेकिन, वास्‍तव में ऐसा नहीं होता। कई दर्द निवारक दवाओं की तरह ही अल्कोहल भी शरीर की मांसपेशियों के खिंचाव को कम कर उन्‍हें विस्तार देती है। कई बार जब आप रात को अल्‍कोहल का बहुत अधिक सेवन कर लेते हैं तो यह गले की मांसपेशियां फैल जाती हैं जिससे खर्राटे हो सकते हैं। तो सोते वक्त हो सकें तो अल्कोहल से बचें या फिर सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें।Image Courtesy : Getty Images

तकिये का रखें खयाल

तकिये का रखें खयाल
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तकिया भी आपके खर्राटे की वजह हो सकता है। संभव है कि आपने इस पर विचार न किया हो, लेकिन यह संभव है। अगर आप नियमित समय पर अपने तकिये का गिलाफ बदलते नहीं या उसे साफ नहीं करते, तो यह भी खर्राटों के उत्‍तेजक के रूप में काम कर सकता है। कई बार सिर से रूसी या बाल तकिया पर गिर जाते हैं। इनसे तकियों पर सूक्ष्‍मजीवी पनपने लगते हैं। जब हम सांस लेते हैं तो ये एलर्जी शरीर की श्‍वास संबंधी क्षमता को नुकसान पहुंचाती है। इससे निद्रा अश्वसन या स्लीप ऐपनीआ की समस्या होती है और खर्राटे आने लगते हैं। Image Courtesy : Getty Images

कम पानी पीना

कम पानी पीना
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अकसर हम दिन में पर्याप्‍त पानी नहीं पीते। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो नाक के रास्‍ते की नमी भी सूख जाती है। ऐसे में साइनस हवा की गति को श्वास तंत्र में पहुंचाने में पूरा सहयोग नहीं कर पाता। इससे सांस लेना जरा मुश्किल हो जाता है। और इसी वजह से आपको खर्राटे आने लगते हैं। इस समस्‍या से बचने के लिए जरूरी है कि आप पर्याप्‍त मात्रा में पानी पियें। Image Courtesy : Getty Images

साइनस के कारण

साइनस के कारण
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साइनस के बढ़ने की वजह से भी कई बार खर्राटे हो सकते हैं। साइनस के बढ़ने से नाक के छिद्र जाम हो जाते हैं। खर्राटे की ध्वनि बढ़ने पर भी नाक के रास्ते का प्रभाव पड़ता है। अगर आपको साइनस है, तो आपको अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अगर आपको जुकाम है या आप साइनस बढ़ने से परेशान हैं, तो सोने से पहले स्‍टीम लेना आपके लिए लाभकारी रहेगा। भाप लेने से सारी गंदगी बाहर आ जाएगी और आपको सांस लेने में आसानी होगी। Image Courtesy : Getty Images

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