अहंकार के इन 6 संकेतों से अनजान हैं आप

अहंकार कब जीवन में चुपके से कदम रख जाता है, हमें पता भी नहीं चलता। मगर इससे जीवन बोझिल होने लगता है, इस स्‍लाइडशो में विस्‍तार से जानिये अहंकारी होने के क्‍या लक्षण हैं।

Nachiketa Sharma
Written by: Nachiketa SharmaPublished at: Aug 11, 2015

क्‍यों आती है अहं की भावना

क्‍यों आती है अहं की भावना
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क्या आपकी जिंदगी में मस्ती से ज्यादा मुश्किलें हैं?क्या आप दूसरों को मूर्ख समझते हैं?क्या दूसरों की अस्वीकृति से आपको तनाव होने लगता है?यदि कोई आपको तवज्जो न दे तो क्या आप खुद को महत्वहीन समझने लगते हैं?Image Source : Getty

घमंडी होने के संकेत

घमंडी होने के संकेत
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उपरोक्त दिये गए किसी भी सवाल का जवाब यदि आपने ‘हां में दिया है तो यह बताते हुए बेहद अफसोस होगा कि आप अपने वास्तविक जीवन में अहंकारी हैं। जी, हां! शायद आप अब तक इस तथ्य से वाकिफ नहीं थे। लेकिन सच्चाई यही है। मनोचिकित्सकों की मानें तो अहंकार कब जीवन में चुपके से कदम रख जाता है, हमें पता भी नहीं चलता। मगर इससे जीवन बोझिल होने लगता है। अकसर दूसरों की बातों से कोफ्त होती है और खुद को तवज्जो न मिले तो हमें कुढ़न होती है। Image Source : Getty

दूसरों की परवाह न करना

दूसरों की परवाह न करना
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अहंकारी लोग दूसरों की परवाह नहीं करते। अगर आपमें भी यह अवगुण मौजूद है तो समझ जाइये कि आप अहं की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे लोग अकसर अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए दूसरों का किसी भी हद तक इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बुरी बात यह है कि वे काम निकलने पर उनकी परवाह करना पसंद नहीं करते। जबकि इंसान के सबसे बड़े गुणों में हमदर्दी शुमार है।Image Source : Getty

खुद को सर्वोपरि रखना

खुद को सर्वोपरि रखना
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खुद की तारीफ करना अच्छी बात है। लेकिन दूसरों को निचले दर्जे का समझना निरानिर बेवकूफी। दरअसल अहं में लिप्त शख्स अकसर खुद को दूसरों से बेहतर, समझदार व चुनौतीपूर्ण समझता है। जबकि यह सोचना हमारी नकारात्मकता को दर्शाता है। हमें यह पता होना चाहिए कि हम तमाम लोगों से बेहतर हैं तो तमाम लोगों से बदतर भी हो सकते हैं। मनोचिकित्सकों का मानना है कि जो लोग दूसरों को हमेशा खुद से कमतर आंकते हैं, वे असल में अंदर तक डरे होते हैं। उन्हें हारने का डर होता है। उन्हें प्रतिस्पर्धा से डर लगता है। अगर आपमें यह लक्षण मौजूद है तो समझ जाइये कि अहंकार आपके अंदर पांव जमाने की कोशिश कर रहा है।Image Source : Getty

हमेशा आलोचनात्मक रवैय्या अपनाना

हमेशा आलोचनात्मक रवैय्या अपनाना
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दूसरों की आलोचना करना बुरी बात नहीं है। विशेषज्ञ कहते हैं कि आलोचना से कई बातें साफ हो जाती हैं। लेकिन हर वक्त आलोचनात्मक रवैय्या अपनाना कतई सही नहीं है। इससे यह पता चलता है कि आपको दूसरों की बुराई करने में ही सफलता का एहसास होता है। आप उन लोगों में शामिल होते हैं जो अपनी जीत से नहीं दूसरों की हार में खुश होते हैं। आपका आलोचनात्मक रवैय्या आपके अहंकार की तस्दीक करता है। दूसरों का साथ चाहिए तो अपने इस व्यवहार से तौबा कीजिए।Image Source : Getty

अकसर विरोध करते हुए गुस्सा करना

अकसर विरोध करते हुए गुस्सा करना
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कहते हैं दमदार शब्दों में कही हुई बात धीमे स्वर में कही जाए तो भी सुनी जाती है। शांत और स्थिर व्यक्तित्व के व्यक्ति की यह बहुत बड़ी निशानी है। ठीक इसके विपरीत चिल्लाना व शोरगुल करके अपनी बात मनवाना अहंकारी लोगों की निशानी है। वास्तव में अहं इस तरह गहरे तक हमारे अंदर घर कर जाता है कि उसे पहचान पाना काफी मुश्किल होता है। विशेषज्ञों कि माने तो यह आत्मविश्वास की कमी की निशानी है। साथ ही नकारे जाने का डर भी इसमें शामिल है। अगर आप भी इस तरह का रुख इख्तियार करते हैं तो बेहतर है सचेत हो जाएं।Image Source : Getty

अत्यधिक रक्षात्मक होना

अत्यधिक रक्षात्मक होना
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अगर आप बात बात पर सफाई देते हैं तो यह भी आपके अहंकारी संकेतों में एक है। जिन लोगों को खुद पर भरोसा है, वे रक्षात्मक रवैय्या नहीं अपनाते। वे जानते होते हैं कि उन्होंने जो बात कह दी है, वह गलत नहीं है। लेकिन जो इसके उलट होते हैं यानी हर बात पर अपनी सफाई देने की चेष्टा करते हैं उनका मनोविज्ञान काफी डरावना होता है। वास्तव में ये लोग हमेशा खुद को सही ठहराने की फिराक में लगे रहते हैं। इनमें आत्मविश्वास की काफी कमी होती है और हर संभव स्तर पर खुद को सही साबित करने की कोशिश करते हैं।Image Source : Getty

आत्मविश्वास की भरसक कमी

आत्मविश्वास की भरसक कमी
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हालांकि अहंकारी लोग अकसर आत्मविश्वास से लबरेज दिखने की कोशिश करते हैं। वे चाहते हैं कि लोग उन्हें देख अंदर से डरने लगे। उन्हें समझदार, चुनौतीपूर्ण तथा अतुलनात्मक मानें। मगर मनोचिकित्सकों पर भरोसा करें तो अहं से भरे लोग सबसे ज्यादा आत्मविश्वास की कमी का शिकार होते हैं। वे जो दिखने की कोशिश करते हैं, वैसे बिल्कुल नहीं होते। अतः आप इससे खुद को मूल्यांकन करें कि कहीं अहं आपको घेरे में लेने की कोशिश तो नहीं कर रहा।Image Source : Getty

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