नॉकआउट लेग के लिए सामान्य लेकिन बेहतरीन टिप्स

पैरों को स्थिर रखकर उनको नॉकऑउट बनाया जाता है। यह इंसान की इच्छाशक्ति और लगन से होता है। जिससे कि पैर अधिक वजन और अतिरिक्त दबाव को आसान से बर्दाश्त कर पायें। इस स्लाइडशो में पैरों को नॉकआउट बनाने के आसान लेकिन बेहतरीन तरीकों के बारे में बताते हैं।

Devendra Tiwari
Written by: Devendra Tiwari Published at: Jul 18, 2016

नॉकऑउट लेग के टिप्स

नॉकऑउट लेग के टिप्स
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हमारे शरीर का पूरा ढांचा पैरों पर ही निर्भर रहता है, इसलिए पैरों को मजबूत बनाना बहुत जरूरी है। लेकिन आपने देखा होगा एथलीट और दौड़ में हिस्सा लेने वाले, हाई जंप करने वाले लोगों के पैर बहुत मजबूत होते हैं। कुछ लोगों के पैर स्वाभाविक रूप से मजबूत होते हैं, लेकिन पैरों को स्थिर रखकर उनको नॉकऑउट बनाया जाता है। यह इंसान की इच्छाशक्ति और लगन से होता है। जिससे कि पैर अधिक वजन और अतिरिक्त दबाव को आसान से बर्दाश्त कर पायें। इस स्लाइडशो में पैरों को नॉकआउट बनाने के आसान लेकिन बेहतरीन तरीकों के बारे में बताते हैं।Image Source : Getty

वार्म-अप को नजरअंदाज न करें

वार्म-अप को नजरअंदाज न करें
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पैरों को नॉकआउट बनाने की शुरूआत वॉर्म-अप से कीजिए। यह सुबह की चाय के पहले घूंट की तरह है। वर्कआउट को सही तरीके से करने की शुरूआत ही वार्म-अप है। वार्म-अप करने से पैरों की मांसपेशियां ट्रेनिंग के लिए तैयार हो जाती हैं। चूंकि हमारे पैरों की मांसपेशियां कसी हुई होती हैं इसलिए वर्कआट से पहले उनको लचीला बनाने के लिए भी वार्म-अप बहुत जरूरी है। वार्म-अप करने से पैरों की मांसपेशियों में चोट लगने की संभावना बहुत कम हो जाती है। Image Source : Getty

दिमाग के साथ तालमेल बनायें

दिमाग के साथ तालमेल बनायें
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जब हम‍ कोई लक्ष्य निर्धारित करते हैं और उसे पूरा करने का प्रयास करते हैं तब वह बोझ लगने लगने लगता है और हम अपना बेहतर नहीं कर पाते हैं। लेकिन जब हम अपने लक्ष्य को महसूस कर दिमाग के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ते हैं तब वह न केवल आसान हो जाता है बल्कि हम अपना बेहतर प्रयास भी करते हैं और परिणाम सबके सामने होता है। यही फार्मूला नॉकआउट लेग पाने के साथ भी लगता है। वर्कआउट शुरू करने से पहले दिमाग और मांसपेशियों के साथ तालमेल बिठायें, फिर देखिये कैसे आप अपने पैरों को और अधिक मजबूत बना सकेंगे। Image Source : Getty

अपनी क्षमता का ध्यान रखें

अपनी क्षमता का ध्यान रखें
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ट्रेनिंग शुरू करने से पहले अपनी क्षमता का आकलन आपको होना चाहिए। अगर आपने अपनी क्षमता से अधिक वजन उठा लिया तो चोट लग सकती है और इससे पूरा शरीर प्रभावित हो सकता है। इसलिए उतना ही वजन उठायें जिसका भार आपके पैर बर्दाश्त कर सकें। धीरे-धीरे आप वजन बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा जब भी वजन उठायें तो सही तकनीक का प्रयोग करें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी गलती आपको चोटिल कर सकती है। इसके अलावा रोज ट्रेनिंग के दौरान अपने ट्रेनर से भी सलाह लेते रहें। Image Source : Getty

अधिक वजन से डरें नहीं

अधिक वजन से डरें नहीं
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सिर्फ वेट लिफ्टर ही अधिक वजन नहीं उठाते, बल्कि पैरों को मजबूत बनाने के लिए भी अधिक वजन उठाने की जरूरत पड़ती है। क्योंकि जितने अधिक वजन का दबाव पैरों पर पड़ेगा वे उतना ही मजबूत बनेंगे। लेकिन ट्रेनिंग के दौरान अधिक वजन देखकर लोग डर जाते हैं। लेकिन यहां डरना मना है। क्यों कि पैरों को मजबूत और पसंदीदा शेप में लाने के लिए हैवी वेट‍ लिफ्टिंग जरूरी है। आपके पूरे शरीर में सबसे अधिक मजबूत मांसपेशियां पैरों की होती हैं, जिनपर अधिक वजन का बोझ डालने से दिक्कत भी नहीं होती है। इसलिए डरें नहीं बल्कि अपने ट्रेनिंग पर ध्यान दें। Image Source : Getty

इन बातों का भी ध्या‍न रखें

इन बातों का भी ध्या‍न रखें
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चूंकि एथलीट को सबसे अधिक चोट पैरों में लगती है, इसिलए एक साथ बहुत अधिक वर्कआउट न करें। अधिक वजन उठाने के दौरान लिफ्टिंग बेल्ट का प्रयोग बहुत जरूरी है। ट्रेनिंग के समय सभी एंगल को आजमायें, आपके थोड़े से बदलाव का परिणाम और अधिक बेहतर हो सकता है। इसके अलावा नॉकआउट लेग के लिए सबसे अधिक जरूरी है सही जूते। अगर आप गलत जूतों के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं तो चोटिल होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए सही जूतों का चयन बहुत जरूरी है। ट्रेनिंग के साथ आराम भी बहुत जरूरी है। इसका भी ध्यान रखें और आसानी से पायें नॉकआउट पैर, जो किसी भी प्रतिस्पर्धा में आपको बनायेंगे विजेता।Image Source : Getty

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