जीवन के अंतिम क्षणों के हैं ये संकेत

मृत्यु के ये सभी संकेत, सभी लोगों में दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को मृत्यु के करीब पहुंचने पर निम्न में से कुछ लक्षणों के संयोजन का अनुभव होता है। चलिये जानें क्या होते हैं ये संकेत।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Apr 21, 2016

मृत्यु के संकेत

मृत्यु के संकेत
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कोई भी मृत्यु के क्षण की भविष्यवाणी नहीं कर सकता है। लेकिन जीवन के अंत समय तक की जानी वाली देख-भाल में चिकित्सक और नर्स जानते हैं कि कौंन से लक्षण आमतौर पर शरीर के बंद होने से जुड़े होते हैं। (व्यक्ति को किसी विशेष प्रकार की बीमारियों के प्रभाव से अलेदा) मौत के करीब पहुंच के ये संकेत प्राकृतिक मृत्यु की प्रक्रिया वाले होते हैं। मृत्यु के ये सभी संकेत, सभी लोगों में दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को मृत्यु के करीब पहुंचने पर निम्न में से कुछ लक्षणों के संयोजन का अनुभव होता है। चलिये जानें क्या होते हैं ये संकेत - Images source : © Getty Images

भूख में कमी

भूख में कमी
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ऐसे में व्यक्ति भोजन और तरल पदार्थ से मना करना शुरू कर सकता है, और भोजन लेना बंद कर सकता है। या फिर वह बहुत कम मात्रा में केवल नरम भोजन ही कर पाता है। पचाने में मुश्किल खाद्य को ऐसे में व्यक्ति सबसे पहले थोड़ता है। मृत्यु के निकट जाता हुए इंसान निगलने में असमर्थ हो सकता है। ऐसे में क्या करें - ऐसे में खाना खिलाने की ज़बरदस्ती न करें। समय समय पर उसे आइस चिप्स, एक छोटी आइसक्रीम या पानी के घूंट पिलाते रहें। किसी सूती कपड़े को पानी में भगोकर उसके होंठो को पास फिराते रहें, ताकि इसके होंठ गीले रहें और वह अरामदायक स्थिति में रहे।  Images source : © Getty Images

अत्यधिक थकान और नींद

अत्यधिक थकान और नींद
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ऐसे में व्यक्ति दिन और रात दोनों में बहुत सोने शुरू कर देता है, क्योंकि चयापचय धीमा हो जाता है, भोजन में गिरावट होती है तथा निर्जलीकरण होने लगता है। ऐसे व्यक्ति को नींद से जगाना मुश्किल हो जाता है।                            ऐसे में क्या करें - व्यक्ति को सोने दें। उसे ज़बरदस्ती जगाए रखने का कोशिश न करें। मान लें कि आप जो सब कुछ कह रहे हैं, वो सुना जा सकता है। क्योंकि ऐसे में भी व्यक्ति के सुनने की क्षमता बरकरार रहती है, यहां तक कि तब भी जब व्यक्ति बेहोश हो, कोमा में हो या फिर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया ना दे रहा हो।Images source : © Getty Images

ज्यादा शारीरिक कमजोरी

ज्यादा शारीरिक कमजोरी
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लंबे समय से भोजन कर ने में गिरावट होने से ऊर्जा में गिवाट होने लगती है, यहां तक कि हाथ को उठाने या पलंग से उठने में भी दिक्कत होती है। यहां तक कि ऐसे में व्यक्ति को स्ट्रॉ से पानी पीने में भी मेहनत लगती है। ऐसे में क्या करें - व्यक्ति को आराम से रखने पर अपना ध्यान केंद्रित करें और उसका हर समय पूरा खयाल रखें। Images source : © Getty Images

मानसिक भ्रम या भटकाव

मानसिक भ्रम या भटकाव
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ऐसे में मस्तिष्क सहित, अंग विफल होना शुरू कर देते हैं। चेतना में बड़े स्तर पर बदलाव आने लगते हैं। डाईंग वेल के लेखक व पैलिएटिव-केयर फिजिशियन, ईरा ब्यॉक बताते हैं कि, कुछ मामलों मृत्यु से पहले व्यक्ति बहुत ज्यादा सचेत हो जाता है। व्यक्ति को पता ही नहीं रहता कि वो कहां है, और उसके साथ कमरे में कौंन लोग हैं। वे बातों का उत्तर नहीं दे पाते हैं, या उन लोगों से बात करते हैं, जो कमरे में होते ही नहीं हैं। ऐसे में क्या करें - ऐसे में जरूरी है कि आप शांत और आश्वस्त रहें। व्यक्ति से धीरे और विनम्रता के साथ बात करें और यदि वो आपसे बात करना चाहते हैं तो उनके संकेतों को पहहचानने की कोशिश करें।  ये आसन्न मृत्यु के सामान्य लक्षण हैं और हर व्यक्ति-व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति लाइफ सपोर्ट पर है तो मृत्यु की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। यहां सूचीबद्ध मौत के लक्षण एक प्राकृतिक मृत्यु का प्रक्रिया का वर्णन करते हैं।  Images source : © Getty Images

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