खाने में सरसों के तेल के ज्यादा इस्तेमाल से सेहत को हो सकते हैं ये 8 नुकसान

सरसों तेल खाने से स्वास्थ्य को कई लाभ हैं। लेकिन अधिक मात्रा में सरसों तेल खाने से सेहत को कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। जानते हैं इस बारे में-

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jul 15, 2021

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सरसों तेल में कई ऐसे तत्व मौजूद होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं। इसके सेवन से परिसंचरण में सुधार होता है। रिफाइंड तेल की तुलना में सरसों तेल को काफी हेल्दी माना जाता है। इसके सेवन से श्वसन प्रणाली, इम्यूनिटी और पाचन शक्ति मजबूत होती है। इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक चिकित्सा में भी किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके अधिक मात्रा में सेवन से सेहत को कुछ नुकसान भी होते हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में-

यूरिक एसिड हाई होना

यूरिक एसिड हाई होना
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सरसों तेल का सेवन अधिक मात्रा में करने से यूरिक एसिड की समस्या बढ़ सकती है। दरअसल, कई रिसर्च में बताया गया है कि सरसों तेल में यूरिक एसिड की मात्रा काफी ज्यादा करीब 42 से 47 फीसदी पाई जाती है। शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। इससे अर्थराइटिस, दस्त, एनीमिया जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।

दिल को करता है प्रभावित

दिल को करता है प्रभावित
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सरसों तेल में एरिटिक एसिड की उच्च मात्रा होती है, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। यह हार्ट हेल्थ के लिए नुकसानदेय होता है। एरिटिक एसिड दिल की मांसपेशियों पर बुरा असर डालता है। इसलिए अधिक मात्रा में सरसों तेल का सेवन नहीं करना चाहिए।

प्रेग्नेंसी में ज्यादा न करें इस्तेमाल

प्रेग्नेंसी में ज्यादा न करें इस्तेमाल
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गर्भवती महिलाओं को भी सरसों तेल का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि सरसों तेल में कुछ ऐसे रासायनिक यौगिक होते हैं, जो पेट में पल रहे शिशु के लिए अच्छे नहीं माने जाते हैं। अधिक मात्रा में सरसों तेल का सेवन करने से गर्भपात का खतरा रहता है। इसलिए प्रेग्नेंसी में कम मात्रा में सरसों तेल का सेवन करना चाहिए।

राइनाइटिस की समस्या को देता है बढ़ावा

राइनाइटिस की समस्या को देता है बढ़ावा
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अधिक मात्रा में सरसों तेल का सेवन करने से राइनाटिस की समस्या बढ़ सकती है। दरअसल, सरसों का ज्यादा सेवन करने से श्र्लेष्मा झिल्ली में सूजन आने लगती है, जिसके कारण खांसी, छींक, नाक बहने की समस्या हो सकती है। इसलिए इस तरह की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए सरसों तेल का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। 

खुलजी की समस्या

खुलजी की समस्या
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कुछ लोगों को सरसों तेल का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से एलर्जी की समस्या हो सकती है। इससे आपको इम्युनोग्लोबुलिन ई या फिर आईजीई वाली एलर्जी हो सकती है। इस तरह की एलर्जी के कारण आपकी स्किन में लालिमा, ड्राई या फिर खुजली की शिकायत हो सकती है। 

स्किन को हो सकता है नुकसान

स्किन को हो सकता है नुकसान
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अधिक समय तक खाने में सरसों तेल के इस्तेमाल से स्किन को कई तरह की परेशानी होने लगती है। रिसर्च में बताया गया है कि सरसों तेल का अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से स्किन का कार्य बाधित होता है। इससे स्किन की संरचना बाधित होती है। इससे आपके शरीर में पानी के नुकसान को बढ़ावा देता है, जिससे स्किन में फफोले पड़ने लगते हैं। साथ ही चेहरे पर भी कई तरह की समस्या होने लगती है।

जलन का बनता है कारण

जलन का बनता है कारण
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सरसों तेल में कई तरह के हानिकारण केमिकल यौगिक होते हैं। इस केमिकल यौगिक को आइसोथियोसाइनेट कहा जाता है। यह बहुत ही शक्तिशाली यौगिक होता है, जिसके कारण आंतों में सूजन, फेफड़ों और जठरांत्र संबंधी मार्ग में समस्या उत्पन्न होने लगती है। इसके कारण सीने में जलन और आंखों से आंसू आने की समस्या होती है।

फेफड़ों को पहुंचाता है नुकसान

फेफड़ों को पहुंचाता है नुकसान
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सरसों तेल के सेवन से दिल से जुड़ी परेशानियों के साथ-साथ फेफड़ों से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ती हैं। इस तेल में मौजूद एरिटिक एसिड फेफड़ों को भी प्रभावित करता है। यह श्वसन तंत्र पर असर डालता है। इससे आपको सांस लेने में परेशानी होती है। अगर आप लंबे समय तक सरसों तेल का सेवन करते हैं, तो आपको कई तरह की परेशानी हो सकती है। इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें।

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ध्यान रखें कि सरसों तेल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन किसी भी चीज का अधिक मात्रा में सेवन करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेय भी होता है। इसलिए सरसों तेल का सेवन भी ज्यादा मात्रा में न करें। अगर आपको सरसों तेल से किसी भी तरह की एलर्जी महसूस हो, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। साथ ही डॉक्टर के सलाहनुसार अपने डाइट का चुनाव करेँ। 

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