सभी के पास होने चाहिए ऐसे दोस्‍त

दोस्‍ती के बिना जीवन अधूरी है, इसलिए लोगों की लाइफ में दोस्‍तों का अलग ही महत्‍व होता है, लेकिन सभी की जिंदगी में कुछ तरह के दोस्‍तों होना बहुत जरूरी है, क्‍या आपके पास भी ऐसे दोस्‍त हैं।

Devendra Tiwari
Written by:Devendra Tiwari Published at: Jul 27, 2015

दोस्‍ती है जरूरी

दोस्‍ती है जरूरी
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दोस्‍ती एक ऐसा शब्‍द है जिसके बिना जीवन अधूरा है। सभी के जीवन में दोस्‍त होते ही हैं। यानी दोस्‍त वो हैं जो आपके जीवन को खूबसूरत बनाते हैं और हर कदम पर आपका मनोबल भी बढ़ाते हैं। अगर कम शब्‍दों में कहा जाये तो दोस्‍ती प्‍यार है, विश्‍वास है, हौसला है, सहारा है, आदि। लेकिन सिर्फ दोस्‍ती करना ही जरूरी नहीं है बल्कि सच्‍चे दोस्‍तों की परख होना भी जरूरी है। आइए हम आपको बताते हैं कि आपके पास किस तरह के दोस्‍त होने चाहिए।

साथ निभाने वाला

साथ निभाने वाला
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वर्तमान में सभी के सामने चुनौतियां हैं, मुश्किले हैं और प्रतियोगियें हैं, लेकिन इन सबके बीच आगे बढ़ने का जज्‍बा भी है। ऐसे में अगर किसी का साथ मिल जाये तो आपकी ये मुश्किलें आसान हो सकती हैं। और आपको आगे बढ़ने में कोई नहीं रोक सकता। ये काम आपके दोस्‍त के अलावा कोई नहीं कर सकता, इसलिए एक ऐसा दोस्‍त हो जो आपका साथ निभाये।

सलाह देने वाला

सलाह देने वाला
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हर कदम पर आपको एक सलाहकार जरूरत होती है, क्‍योंकि आप कई बार इतने उलझ जाते हैं कि इससे बाहर निकलने का रास्‍ता नहीं दिखाई देता। ऐसे में आपका दोस्‍त ही है जो आपको सही सलाह देता है और मुश्किल से निकलने का तरीका भी बताता है। इसलिए सभी के जीवन में एक सलाहकार दोस्‍त होना चाहिए।

खतरा मोल लेने वाला

खतरा मोल लेने वाला
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हम यह नहीं कह रहे कि आप हमेशा लड़ाई करें और आपका दोस्‍त आपको बचाने के लिए आये, या फिर आपका दोस्‍त खतरों से खेलने वाला हो। लेकिन जीवन में इतनी उलझन है कि किसी न किसी मोड़ पर छोटी सी बात को लेकर बहस और लड़ाई होना स्‍वाभाविक है। ऐसे में आपके पास ऐसा दोस्‍त हो जो आपके लिए थोड़ा खतरा भी मोल ले ले।

ईमानदार भी हो

ईमानदार भी हो
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दोस्‍त ऐसा रिश्‍ता है जिसमें बेइमानी शब्‍द बिलकुल भी नहीं आता है। लेकिन अगर आपका कोई दोस्‍त ऐसा हो जो बहुत ही ईमानदार हो तो क्‍या कहने। इसलिए जीवन में एक ऐसा दोस्‍त जरूरी है जो बिलकुल र्इमानदार हो आपको लेकर उसके मन में न कोई लालच हो और न ही कोई द्वेष।

दु:ख में भी साथ दे

दु:ख में भी साथ दे
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ऐसा माना जाता है दु:ख में साथ देने वाला ही सच्‍चा हितैषी होता है, और यह सच भी है। क्‍योंकि वर्तमान में किसी न किसी कारण दु:ख होना स्‍वाभाविक है। इसलिए एक दोस्‍त आपका ऐसा भी होना चाहिए जो सुख में तो आपके साथ भले रहे या न रहे लेकिन जब भी दु:ख हो आपका साथ वह निभाये।

उम्र में भी हो अंतर

उम्र में भी हो अंतर
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जरूरी नहीं कि ऐसे लोग ही दोस्‍त हों जो आपके हम उम्र हों। बल्कि ऐसे लोगों से दोस्‍ती होना जरूरी है जो आपसे छोटे हों या फिर आपसे बड़े हों। दोस्‍ती के बीच में उम्र कभी भी बाधा नहीं बन सकती है। अगर आपका दोस्‍त कम उम्र होगा तो नई जानकारी देगा और आपको ऊर्जावान बनायेगा और अगर आपका दोस्‍त उम्रदराज होगा तो आपसे अपने अनुभव शेयर करेगा।

ये हैं आज के मुख्य समाचार…

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उत्तराखंड में बाढ़ की खबर हो या नेपाल में भुकंप-त्रासदी की खबर, न्यूज चैनल्स से पहले आपका ये दोस्त आपको खबर देता है। ऐसा खबरीलाल सभी की लाइफ में होना चाहिए, जो आपको देश-दुनिया की खबरों से अपडेट रखे। All Images - Getty

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