इन 8 सुपरमार्केट फूड में छिपा है हर बीमारियों का इलाज

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 24, 2015
अपनी बीमारियों से बचने के लिए बाजार में कई तरह के आहार मौजूद है। इन्हें आसानी से खरीदा भी जा सकता है और सेवन मे भी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए ये स्लाइडशो पढ़ें।
  • 1

    सुपरमार्केट मे मिलने वाले फूड

    हम सब अपनी सेहत को लेकर बहुत सतर्क रहते है पर फिर भी कहीं ना कहीं चूक हो ही जाती। हर दूसरा इंसान किसी ना किसी बीमारी से परेशान है । इऩ बीमारियों से बचने के लिए दवाओं से ज्यादा आपके पास के सुपरमार्केट मे मिलने वाले आहार ज्यादा फायदेमंद होते है। आसानी से आपको बाजार मे मिल भी जाएगें औऱ बीमारियों से भी आपको बचाएंगे।
    ImageCourtesy@gettyimages

    सुपरमार्केट मे मिलने वाले फूड
    Loading...
  • 2

    सफेद चाय

    चाय बागान की सबसे नाजुक और कोमल पत्तियों को सूखने के बाद तैयार की गई चाय सफेद चाय है। जिसमें सबसे अधिक एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है। सिलवर रंग की सफेद चाय दुनिया की सबसे महंगी चाय मानी जाती है। इसमें उपस्थित एंटी ऑक्सीडेंट रक्तचाप को तेजी नियंत्रित करती है।सफेद चाय  में मौजूद पोलीफेनॉल्स शरीर में मौजूद एक अणु को अवरुद्ध कर देता है। इस अणु से ही शरीर में एथेरोस्लेरोसिस बढ़ता है। एथेरोस्लेरोसिस से ही आगे चलकर हृदयरोग, स्ट्रोक और मृत्यु का कारण बन सकता है।
    ImageCourtesy@gettyimages

    सफेद चाय
  • 3

    कॉफी

    अगर आप हर दिन कॉफी पीते हैं, तो ऐसे में आपको कैंसर के कई प्रकारों से मुक्ति मिल सकती है। जैसे- प्रास्टेट कैंसर, पेट का कैंसर, मुंह के कैंसर इत्यादि। कॉफी में 1000 से ज्यादा रसायन मिले हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स प्रमुख हैं, जो कैंसर को रोकने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।कॉफी पीने से अमाशय, बड़ी आंत, मस्तिष्क के कैंसर को भी रोका जा सकता है। पौरुष ग्रंथि कैंसर में कॉफी का सेवन करने से फायदा होता है लेकिन कॉफी का सेवन भी सीमित मात्रा यानी दो से चार कप ही करनी चाहिए।
    ImageCourtesy@gettyimages

    कॉफी
  • 4

    फ्लैक्स सीड

    फ्लैक्स सीड यानी अलसी के बीज में ओमेगा 3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसमें लिगानैन तत्व पाया जाता है, जो एक प्रकार का फाइटोएस्ट्रोजेन एंटीऑक्सीडेंट होता है। अलसी में फाइबर बहुत होता है, जो डायबिटीज और हृदय संबंधी रोगों से दूर रखने में मदद करता है। फ्लैक्स सीड में राई, व्हीट जर्म, ज्वार आदि से भी अधिक फाइटो न्यूट्रीएंट होते हैं, जो कैंसर से दूर रखने में सहायक होते हैं।
    ImageCourtesy@gettyimages

    फ्लैक्स सीड
  • 5

    साबुत अनाज

    साबुत अनाज अर्थात दाने के तीनों भागों को खाया जाता है जिसमें रेशा युक्त बाहरी सतह और पोषकता से भरपूर बीज भी शामिल है। साबुत अनाज सेहत से भरपूर्ण होता है। भूसी एवं बीज से विटामिन ई, विटामिन बी और अन्य तत्व जैसे जस्ता, सेलेनियम, तांबा, लौह, मैगनीज एवं मैग्नीशियम आदि प्राप्त होते हैं। इनमें रेशा भी प्रचुर मात्र में पाया जाता है। सभी साबुत अनाजों में अघुलनशील फाइबर पाये जाते हैं जो कि पाचन तंत्र के लिए बेहतर माने जाते हैं, साथ ही कुछ घुलनशील फाइबर भी होते हैं जो रक्त में वांछित कोलेस्ट्रोल के स्तर को बढ़ाते हैं।
    ImageCourtesy@gettyimages

    साबुत अनाज
  • 6

    योगर्ट

    योगर्ट एक ऐसा डेयरी उत्पाद है जो दूध में बैक्टीरियाई खमीरीकरण से तैयार किया जाता है। इसके लिए 'योगर्ट कल्चर' का इस्तेमाल किया जाता है। इस बैक्टीरिया से लैक्टोज का किण्वन होता है और लैक्टिक एसिड तैयार होता है। योगर्ट कैल्शियम, फास्फोरस, राइबोफ्लेविन-विटामिन B2, आयोडिन, विटामिन B12, ज़िंद, पोटाशियम, प्रोटीन और मोलिबडेनम का अच्छा स्रोत है। योगर्ट में उच्च मात्रा में प्रोबायोटिक्स भी होते हैं जो लंबे समय तक जीने में मदद करते हैं। बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है।
    ImageCourtesy@gettyimages

    योगर्ट
  • 7

    दूध

    दूध में भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है, जो हमारी हड्डियों की मजबूती के लिए बेहद आवश्‍यक होता है। सिर्फ बढ़ते बच्‍चों के लिए ही कैल्शियम जरूरी नहीं होता, बल्कि वयस्‍कों को भी अपनी हड्डियां मजबूत बनाये रखने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है। इससे वे ऑस्‍ट‍ियोपोरोसिस से बचे रहते हैं। दूध दांतों के लिए भी फायदेमंद होता है। यह दांतों की सड़न और कैविटी से बचाये रखने में मदद करता है।
    ImageCourtesy@gettyimages

    दूध
  • 8

    काली बीन्स

    छोटे-छोटे काले, चिकने से दिखने वाले ब्लैक बीन्स  एंटी-ऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत होते हैं। महज एक कप काले बीन्स के सेवन से 90 प्रतिशत तक फोलेट प्राप्त किया जा सकता है। इसमें मौजूद विटामिन ए, बी12, डी और कैल्शियम भी स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। बीन्स में फैट की मात्रा तो कम होती ही है, साथ ही इससे शरीर के लिए आवश्यक ओमेगा-3 और ओमेगा-6 की पूर्ति भी होती है।
    ImageCourtesy@gettyimages

    काली बीन्स
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK