सात मिनट में किए जाने वाले वर्कआउट

आप अक्सर सुनते होंगे कि जब तक बहुत सारी एक्सरसाइज नहीं करेंगे तब तक फिट नहीं रहेंगे। हाल ही में वैज्ञानिकों ने सात मिनट की एक्सरसाइज को मिला कर ऐसा वर्कआउट तैयार किया है जो आपके लिए उतना ही फायदेमंद है जितना कि घंटों करने वाले अन्य व्यायाम।

Anubha Tripathi
Written by: Anubha TripathiPublished at: Feb 10, 2014

सात मिनट में व्यायाम

सात मिनट में व्यायाम
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इस वर्कआउट के लिए सिर्फ एक दीवार, एक कुर्सी और आपके सात मिनट चाहिए। इस 7 मिनट के वर्कआउट में हर एक्सरसाइज में अलग-अलग मांसपेशी का इस्तेमाल होता है। इससे शरीर के हर हिस्से की गतिविधि होती है।

स्ट्रेचिंग

स्ट्रेचिंग
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स्ट्रेचिंग से वर्कआउट की शुरुआत करना हमेशा फायदेमंद है क्योंकि यह शरीर को लचीला बनाती है। इससे एक्सरसाइज के दौरान मांसपेशियों पर अधिक तनाव नहीं पड़ता। इसके लिए पहले सीधे खड़े होकर दोनों हाथों को ऊपर की ओर करें और शरीर को खीचें, फिर हाथों को नीचे लाएं व पंजे छूने का प्रयास करें।

पुशअप्स

पुशअप्स
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जमीन पर मैट बिछाएं और पेट के बल सीधा लेट जाएं। अब दोनों हथेलियों को कंधों के समानांतर जमीन पर रखें, शरीर को हथेलियों व पंजों के बल उठाएं और फिर नीचे आ जाएं। 30 से 60 सेकंड तक आप जल्दी-जल्दी पुशअप्स करें।

फ्री स्क्वैट्स

फ्री स्क्वैट्स
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सीधे खड़े हों और पैरों के बीच में थोड़ा गैप रखें। दोनों हाथों को उठाएं और अपने कंधों के सामने ले आएं। अब घुटनों पर हल्का भार देते हुए ठीक उसी तरह बैठने का प्रयास करें जैसे कुर्सी पर बैठते हैं। कमर सीधी रखें। फिर सीधे खड़े हो जाएं। 30 से 60 सेकंड तक इस प्रक्रिया को दोहराएं।

हैंड स्टैंड

हैंड स्टैंड
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हैंड स्टैंड शरीर के रक्त संचार को बढ़ाने में काफी कारगर है। हालांकि इसे सिर्फ वही लोग करें जो व्यायाम रोज करते हों और बीपी के मरीज न हों।इसे करने के लिए दोनों हाथों को जमीन पर रखें और इनपर भार देकर दीवार के सहारे उल्टा खड़े हो। एड़ियों को दीवार से टिकाएं और 30 से 60 सेकंड बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।

हाई नी

हाई नी
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एक स्थान पर खड़े होकर इस तरह कदम ताल करें कि घुटने आपकी छाती से छू सकें। इसे रोज 30 से 60 सेकंड तक करें। ऐसा हर रोज करने से आपकी फिटनेस बरकरार रहती है।

ट्राइसेप्स डिप्स

ट्राइसेप्स डिप्स
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कोहनियों पतला बनाने के लिए ट्राइसेप्स डिप्स अच्‍छा विकल्‍प है। इसमें दोनों हाथों को शरीर के पीछे की तरफ रखकर पैरों को कुर्सी के सामने थोड़ी दूरी पर रखते हुए कुर्सी के किनारे पर बैठें। पैरों को सीधे रखकर कुर्सी को घुमाएं ताकि आप शरीर को भुजाओं से नियंत्रित कर सकें और धीरे-धीरे कोहनी को 90 डिग्री कोण पर ले जाएं।

वॉल सिट

वॉल सिट
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अपनी पीठ को दीवार से सटाएं। फिर धीरे-धीरे अपने घुटनों को 90 डिग्री कोण की तरह मोड़ते हुए दीवार से सटे हुए बैठें। कल्पना करें कि जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठी हैं। 30-50 सेकंड तक इसी स्थिति में रुकें। फिर सामान्य अवस्था में आएं।

वॉल प्रेस-अप्स

वॉल प्रेस-अप्स
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दीवार की तरफ मुंह करके खड़ी हो जाएं। अपने हाथों को दीवार पर रखें। अपनी कोहनियों को मोड़कर चेस्ट को दीवार के नजदीक लाने की कोशिश करें। फिर पहली अवस्था में आएं। 12-16 बार इस क्रिया को दोहराएं।

एब्डॉमिनल क्रंच

एब्डॉमिनल क्रंच
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पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को सिर के पीछे रख लें। कंधों को धीरे - धीरे उठाएं। इससे आपको एब्डॉमिन में खिंचाव महसूस होगा। कंधों को वापस नीचे ले आएं। कंधों को ऊपर की तरफ उठाते वक्त सांस बाहर छोड़ना है और नीचे ले जाते वक्त सांस अंदर लेना है। जब कंधे ऊपर उठा रहे हैं , तो हाथों से सिर को सिर्फ सपोर्ट देना है। यह एब्डॉमिनल मसल्स को मजबूत बनाती है।

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