नींद की गोलियों का सेवन हो सकता है खतरनाक, जानें इसके 7 बड़े नुकसान

अगर आपको अनिद्रा की शिकायत है या तनाव की स्थिति में आप सुकून भरी नींद पाने के लिए नींद की गोलियों (Sleeping Pills) का सहारा लेते हैं, तो आप सावधान हो जाइए। नींद की गोलियों का ल्रबे समय तक सेवन या हाई डोज लेना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Jun 19, 2015

नींद की गोलियों का सेवन

नींद की गोलियों का सेवन
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बहुत से लोगों को अनिद्रा की शिकायत होती है। जिसके लिए वह नींद की गोलियों का स‍हारा लेते हैं, जो कि सरासर गलत है। नींद की गोलियों का सेवन आपके दिमाग पर असर डालती हैं, क्‍योंकि यह गालियां काफी नशीली होती हैं। बहुत से लोग नींद की गोलियों के आ‍दी हो जाते हैं और वह सोने के लिए नींद की गोली का सहारा लेते हैं। इन दवाइयों के लगातार सेवन से इनका प्रभाव कम होने लगता है जिसके कारण आप इनके हाई डोज लेना शुरू करते हैं। लेकिन नींद की गोलियां आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। आइए हम आपको बताते हैं यदि आप नींद की गोलियों का सेवन करते हैं, तो इसका आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर क्‍या असर पड़ता है। 

स्वाभाविक नींद नहीं

स्वाभाविक नींद नहीं
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पहली बात तो यह है कि ये दवाएं स्वाभाविक नींद नहीं लाती। इन दवाओं के लगातार सेवन से शरीर एवं मन पर बुरा असर पड़ता है जिससे कई भयंकर रोग उत्पन्न होने लगते हैं। बार-बार उपयोग करने से इनका असर कम होने लगता है। इनकी मात्रा भी बढ़ने लगती है।

दिल का खतरा

दिल का खतरा
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नींद की दवाओं के 35 मिल‌ीग्राम के स्टैंडर्ड डोज़ लेने से दिल के दौरे का खतरा 20 प्रतिशत बढ़ जाता है जबकि साल में करीब 60 नींद की दवाएं लेने से यह रिस्क 50 प्रतिशत हो सकता है।नींद की दवाओं में मौजूद तत्व - जोपिडेम को दिल की बीमारियों की वजह बताया है।

गर्भावस्था को नुकसान

गर्भावस्था को नुकसान
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किसी विशेष परिस्थिति या अवस्था में जैसे गर्ववती महिलायें यदि डॉक्टर की सलाह के बिना ही इन दवाओं का प्रयोग करती हैं तो उनकी भावी संतान पर प्रभाव पड़ता है तथा अंग-भंग की भी आशंका बनी रहती है।

रूक सकती है सांस

रूक सकती है सांस
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एवं जिगर के मरीजों के लिये नींद की गोलियां खतरनाक साबित हो सकती हैं, साथ ही उनके लिए भी जो नींद में खर्राटे भरते हैं। उनको भी नहीं केवन करना चाहिए क्योंकि खर्राटों के बीच कभी-कभी सांस रुक जाती है जो जानलेवा भी सिद्ध हो सकता है।

याददाश्त होती है कमजोर

याददाश्त होती है कमजोर
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लंबे समय तक नींद की गोलियां लेने के कारण रक्त नलिकाओं में थक्के बन जाते हैं, याददाश्त कमजोर हो जाती है और बेचैनी की शिकायत आम हो जाती है। नींद की गोलियों का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

स्नायु तंत्र हो जाती है शिथिल

स्नायु तंत्र हो जाती है शिथिल
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नींद की गोलियां स्नायु तंत्र को शिथिल कर देती हैं, इसीलिए अगर लंबे समय तक इनका सेवन किया जाए, तो स्नायु तंत्र संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा इनमें जो तत्व होते हैं, उनके खराब साइड इफेक्ट्स होते हैं।

कैंसर

कैंसर
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एक शोध के मुताबिक यह बात भी सामने आई है कि जो लोग रोजाना इसी गोली पर निर्भर रहते हैं, उन्‍हें कैंसर का भी खतरा होता है। इन गोलियों में ऐसे तत्‍व पाए जाते हैं जिनका रोजाना सेवन नहीं करना चाहिये, नहीं तो ओवरडोज़ हो जाता है।

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