संस्कृत के इन श्लोकों में छुपा है जीवन का रहस्‍य

हिंदुओं के पूजा के विधि-विधान में कई श्लोकों का प्रयोग किया जाता है जिनमें जीवन के कई गहरे रहस्‍य छुपे हैं। कुछ महत्‍वपूर्ण श्लोकों और उनके अर्थ के बारे में इस स्लाइडशो में पढ़ें।

Gayatree Verma
Written by:Gayatree Verma Published at: Nov 27, 2015

संस्कृत श्लोक और जीवन का रहस्‍य

संस्कृत श्लोक और जीवन का रहस्‍य
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पुराने जमाने में संस्कृत के श्लोकों और मंत्रों का प्रयोग गुरु, शिष्यों को जीवन का अर्थ समझाने और हिंदू संस्कृति का ज्ञान देने के लिए करते थे। फिर धीरे-धीरे समय बदला, पढ़ने-पढ़ाने का तरीका बदला और शिष्यों के लिए संस्कृत के श्लोक और उनको याद करना स्कूल के समय में गणित से भी बड़ी समस्या बन गई। लेकिन अब जब जिंदगी सबसे बड़ी समस्या बन गई है तो लोग फिर से इन श्लोकों के अर्थ में जिंदगी का समाधान खोज रहे हैं। Image source @ wordpress  

आलसी ना होने की सीख

आलसी ना होने की सीख
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आलसी को विद्या नहीं मिलती। अनपढ़ या मूर्ख को धन मिल जाने से कुछ नहीं होता। निर्धन को मित्र नहीं मिलते और मित्र बिना खुशी नहीं मिलती। Image source @ scoopwhoop

मेहनत बिना कुछ नहीं

मेहनत बिना कुछ नहीं
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बिना मेहनत के कोई कार्य सिद्ध नहीं होता। जैसे कि सोए हुए शेर के मुंह में खुद कोई हिरन नहीं आता, जब तक कि वो शिकार करने ना जाए। Image source @ scoopwhoop

सत्य ही बलवान है

सत्य ही बलवान है
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सत्य ही ईश्वर है औऱ सारी सृष्ट सत्य के पीछे चलती है। सभी चीजों का जड़ सत्य है और इस लोक में सत्य से बड़ा कुछ भी नहीं। Image source @ scoopwhoop

विद्या सबसे बड़ा हथियार

विद्या सबसे बड़ा हथियार
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विद्या सबसे बड़ा धन है। इसे कोई चुरा नहीं सकता। छीन नहीं सकता। सगे-संबंधियों में बांट नहीं सकता। ना ही यह भारी है कि इसका कोई बोझ नहीं उठा सकता। इसे जितना बांटोगे ये उतना फलेगा-फुलेगा। Image source @ scoopwhoop

जो करें, आज करें

जो करें, आज करें
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किसी को नहीं मालुम की कल क्या होगा। सो बुद्धिमान लोगों को कल का कार्य आज करना चाहिए। Image source @ scoopwhoop

शिष्टाचार है जरूरी

शिष्टाचार है जरूरी
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फलों से लदा वृक्ष जैसे झुके रहता है उसी तरह सज्जन पुरुष हमेशा आचरण में रहकर बात करते हैं। वहीं दूसरी ओर फलरहित पेड़ और दुर्जन लोग हमेशा बर्बाद हो जाते हैं। Image source @ scoopwhoop

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