करें ऐसी शुरुआत जो रिश्‍ते को बनाये खास

रिश्तों को खास बनाने के लिए उनकी शुरुआत भी खास होनी चाहिए। इससे आप उसे लंबे समय तक निभा सकते हैं। आइए जानें रिश्तों का खास बनाने के लिए कैसे करें इसकी शुरुआत

Anubha Tripathi
Written by: Anubha TripathiPublished at: Jul 31, 2014

रिश्तों की शुरुआत हो अच्छी

रिश्तों की शुरुआत हो अच्छी
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कहते हैं अच्‍छी शुरुआत आपके काम की आधी मुश्किल हल कर देती है। और यही बात रिश्‍तों पर भी लागू होती है। प्रेम, समानता, सम्मान और करुणा रिश्‍ते की गाड़ी के चार पहिये होते हैं। किसी एक का भी अभाव इस गाड़ी को पटरी से उतार सकता है। और अगर एक बार गांठ पड़ गई, तो दोबारा वही मुकाम हासिल करना लगभग नामुमकिन हो जाता है। क्यों ना ऐसी नौबत आने से पहले ही रिश्तों को संभाल लिया जाए। आइए जानें रिश्तों में किन बातों की शुरुआत करें।

नकारात्मक लोगों का साथ छोड़ें

नकारात्मक लोगों का साथ छोड़ें
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ऐसे लोगों के साथ समय बिताएं जो स्मार्ट हो सकारात्मक सोच रखते हों। रिश्ते आपकी मदद के लिए होने चाहिए ना कि तकलीफ देने के लिए। ऐसे लोगों के साथ रहें जिनके साथ आप रहना चाहते हैं। जो आपके साथ दोस्ती रखने में गर्व महसूस करते हों या जो आपको प्यार और आदर देते हों हमेशा उनका साथ ही चुनें।  

जो चला गया उसे जाने दें

जो चला गया उसे जाने दें
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यह एक कड़वी सच्चाई है कि कुछ लोग आपके साथ सिर्फ अपनी जरूरतों के लिए रहते हैं। काम खत्‍म होते ही वे आपका साथ छोड़ देते हैं। तो ऐसे में आप क्यों उनके जाने का दुख मनाते हैं। अच्छा होगा कि आप उनके बिना अपनी जिंदगी जिएं और उसका आनंद उठायें।

अनजानों को भी दें एक मौका

अनजानों को भी दें एक मौका
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जिंदगी के हर मोड़ पर आप कई ऐसे अनजान लोगों से टकराते हैं। और वही अनजान लोग आगे चलकर खास हो जाते हैं। हर अनजान को खास तो नहीं बनाया जा सकता, लेकिन कोई ऐसा इनसान भी होता है, जिससे मिलकर आपका दिल उसे मौका देने का करता है। ऐसे इनसान को जानें-समझें फिर उसके बारे में राय कायम करें।  

करुणा और सम्मान का भाव रखें

करुणा और सम्मान का भाव रखें
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सम्‍मान हर व्‍‍यक्ति का अधिकार है। और आपका दायित्‍व कि आप हर किसी के साथ सम्मान के साथ पेश आएं। यहां तक कि जो आपके साथ बुरा व्यवहार करते हैं, उनके प्रति भी करुणा का भाव रखे। इसलिए नहीं कि वे बहुत अच्छे बल्कि इसलिए क्योंकि आप बहुत अच्छे हैं। किस तरह के लोग इज्जत के काबिल इसके लिए सीमाएं बनाना थोड़ा मुश्किल है। इसलिए हर किसी के साथ अच्छे से और प्यार से बात करें।

जो जैसा है उसी तरह स्वीकार करें

जो जैसा है उसी तरह स्वीकार करें
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कई बार ऐसा होता है कि आपकी जिंदगी में शामिल लोगों की आदतें आपको पसंद नहीं आतीं। ऐसे में आप उन्हें बदलने की जगह उन्हें वैसे ही स्वीकार करें। लेकिन ऐसे लोगों से खुद को बचाना ना भूलें।  

दूसरों को प्रोत्साहित करें

दूसरों को प्रोत्साहित करें
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अपने आसापास के लोगों को प्रोत्साहित करें उनके आगे बढ़ने की कामना करें। ऐसा करने से उनके चेहरे पर जो खुशी आएगी वो आपको काफी सुकून देती है। उनकी सफलताओं पर खुश हो और उसे सेलीब्रेट करें।

माफ करना सीखें

माफ करना सीखें
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दिल में नफरत के साथ ना जिएं। क्योंकि जब किसी से नफरत करते हैं तो सामने वाले से ज्यादा खुद को तकलीफ देते हैं। ऐसे में जो भी आपको दुख पहुंचाता है उसे माफ कर आगे बढ़ें। माफ करने का मतलब यह नहीं है कि जो कुछ भी हुआ आप उसे भूल चुके हैं। इसका मतलब यह कि आप इस घटना से सीख ले चुके हैं और माफ करके आगे बढ़ने में यकीन रखते हैं।

हर रोज दूसरों के लिए कुछ करें

हर रोज दूसरों के लिए कुछ करें
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कभी-कभी आप दूसरों के लिए छोटी सी चीज करके उनके दिल में बड़ी जगह बना लेते हैं। आप हर किसी के लिए सब कुछ नहीं कर सकते हैं लेकिन कुछ लोगों के लिए छोटी-छोटी चीजें करके उन्हें खुश कर सकते हैं।  

सच्चे दोस्तों पर ध्यान दें

सच्चे दोस्तों पर ध्यान दें
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सबसे पहले सच्चे दोस्तों की पहचान करना सीखें। याद रखें जीवन किसी पार्टी से कम नहीं है जिसमें आप कई सारे लोगों को बुलाते हैं उनमें से कुछ जल्दी चले जाते हैं, कुछ पूरी रात रुकते हैं, कुछ आप पर हसंते हैं, कुछ पर आप हंसते हैं। लेकिन  कुछ होते हैं जो पार्टी के बाद आपके घर को ठीक करने में मदद करते हैं। वो ही आपके सच्चे दोस्त कहलाते हैं।

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