International Yoga Day 2020: रोजाना 10 मिनट करें ये 10 योगासन, मलाई की तरह निकल जाएगी पेट की सारी चर्बी

पेट की अधिक चर्बी पूरे लुक को खराब कर सकती है। इसे हटाने के लिए योग का सहारा लिया जा सकता है। भुजंगासन, बलासन, पश्चिमोत्तानासन, कपालभाति आदि कुछ ऐसे आसन है जिनसे पेट की चर्बी कम हो जाती है।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Mar 24, 2017

योग से पाएं सपाट पेट

योग से पाएं सपाट पेट
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Yoga For Belly Fat In Hindi: अगर आप फिट रहने के साथ आकर्षक लुक चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी बॉडी का वजन और साइज पर ध्‍यान देना होगा। अगर आपके पेट की चर्बी बढ़ी है तो यह आपका पूरा लुक खराब कर सकता है। अक्सर लोगों के साथ होता है कि उनके पेट पर बाकी शरीर की तुलना में अधिक चर्बी जम जाती है, जिससे पेट बाहर की तरफ लटका हुआ प्रतीत होता है। अगर आप भी अपने पेट की बढ़ती चर्बी से परेशान हैं और इसे कम करने के लिए किसी कारगर उपाय की तलाश में हैं तो योग आपके लिए बहुत मददगार हो सकता है। योगासनों से न सिर्फ आपको पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलेगी बल्कि आपकी मांसपेशियां मजबूत होगी और शरीर लचीला होगा। आइये पेट की चर्बी घटाने वाले आसनों के बारे में जानते हैं।

भुजंगासन

भुजंगासन
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भुजंगासन से पेट की चर्बी कम होती है। साथ ही साथ, बाजुओं, कमर और पेट की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और शरीर लचीला बनता है। इसके लिए पहले पेट के बल सीधा लेट जाएं और दोनों हाथों को माथे के नीचे टिकाएं। दोनों पैरों के पंजों को साथ रखें। अब माथे को सामने की ओर उठाएं और दोनों बाजुओं को कंधों के समानांतर रखें जिससे शरीर का भार बाजुओं पर पड़े। शरीर के अग्रभाग को बाजुओं के सहारे उठाएं। शरीर को स्ट्रेच करें और लंबी सांस लें। कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहने के बाद वापस पेट के बल लेट जाएं।

बलासन

बलासन
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बलासन उन लोगों के लिए सबसे अच्छा आसन है जिन्होंने योगासन की शुरुआत की हो। इससे पेट की चर्बी भी कम होती है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसके लिए, घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं जिससे शरीर का सारा भाग एड़ियों पर हो। गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। आपका सीना जांघों से छूना चाहिए और माथे से फर्श छूने की कोशिश करें। कुछ सेकेंड इस अवस्था में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए वापस उसी अवस्था में आ जाएं। गर्भवती महिलाएं या घुटने के रोग से पीड़ित लोग इसे न करें।

पश्चिमोत्तानासन

पश्चिमोत्तानासन
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पश्चिमोत्तानासन पेट की चर्बी कम करने के लिए बेहद आसान और प्रभावी आसन है। इसके लिए, सबसे पहले सीधा बैठ जाएं और दोनों पैरों को सामने की ओर सटाकर सीधा फैलाएं। दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और कमर को बिल्कुल सीधा रखें। फिर झुककर दोनों हाथों से पैरों के दोनों अंगूठे पकड़ने की कोशिश करें। ध्यान रहे इस दौरान आपके घुटने न मुड़ें और न ही आपके पैर जमीन से ऊपर उठें। कुछ सेकंड इस अवस्था में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।

कपालभाति

कपालभाति
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इस प्राणायाम से पेट की चर्बी कम होती है। इसके लिए, सबसे पहले पद्मासन या सुखासन जैसे किसी ध्यानात्मक आसन में बैठ जाएं। कमर व गर्दन को सीधा कर लें। यहां छाती आगे की ओर उभरी रहेगी। हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रख लें। आंखें बंद करके आराम से बैठ जाएं व ध्यान को श्वास की गति पर ले आएं। यहां पेट ढीली अवस्था में होगा। अब कपालभाति प्रारंभ करें। इसके लिए नाभि से नीचे के पेट को पीछे की ओर पिचकाएं या धक्का दें। इसमें पेट की मांसपेशियां आकुंचित होती हैं। साथ ही, सांस को नाक से बलपूर्वक बाहर की ओर फेंकें, इससे सांस के बाहर निकलने की आवाज भी पैदा होगी। अब अंदर की ओर दबे हुए पेट को ढीला छोड़ दें और सांस को बिना आवाज भीतर जाने दें। सांस भरने के लिए जोर न लगाएं, वह स्वयं ही अंदर जाएगी। फिर से पेट अंदर की ओर दबाते हुए तेजी से सांस बाहर निकालें।

धनुरासन

धनुरासन
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यह आसन पेट की चर्बी काटने में काफी कारगर है। इससे आपके शरीर में लचीलापन भी आता है। उल्टा लेटकर व अपने दोनों पैरों को मोड़कर हाथ से पकड़ें और नीचे व ऊपर से खुद को स्ट्रेच करें। इसी अवस्था में 30-60 सेकंड तक रुकें और नीचे आ जाएं व दोहराएं।

पादहस्तासन

पादहस्तासन
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इस आसन से पेट के आसपास के हिस्से पर जमा फैट्स बर्न करने में मदद मिलती है। साथ ही, इससे शरीर लचीला होता है। इसे करने के लिए, दोनों पैरों के बीच थोड़ा गैप रखें और सीधे खड़े हो जाएं। अब सांस खींचते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और सांस छोड़ते हुए नीचे ले जाएं। दोनों हाथों से पंजे छूने की कोशिश करें और ध्यान रखें कि घुटने न मुड़ें।

उष्ट्रासन

उष्ट्रासन
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ये आसन पेट को सपाट करने में मदद करता है। इसके लिए, वज्रासन में बैठें। फिर घुटनों के बल खड़े हो जायें। घुटनों से कमर तक का भाग सीधा रखें व पीठ को पीछे की ओर मोड़कर हाथों से पैरों की एड़ियां पकड़ लें। अब सिर को पीछे झुका दें। श्वास सामान्य, दृष्टि जमीन पर व ध्यान विशुद्धाख्य चक्र (कंठस्थान) में हो। इस अवस्था में 10-15 सेकेंड रुकें। आसन छोड़ते समय हाथों की एड़ियों से हटाते हुए सावधानीपूर्वक वज्रासन में बैठें व सिर को सीधा करें। ऐसा 2-3 बार करें। क्रमशः अभ्यास बढ़ाकर एक साथ 1 से 3 मिनट तक यह आसन कर सकते हैं।

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