जानें क्‍यों त्‍योहार पर खानी चाहिए घर पर बनी मिठाइयां

बाजार की मिठाइयों में तरह-तरह की मिलावट खासतौर पर मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए कृत्रिम रंगों का प्रयोग जरूरत से ज्‍यादा होने से मिठाई आपके त्योहार के रंग को फिका कर सकती है। आइए जानें आखिर घर में बनी मिठाइयां क्‍यों खानी चाहिए।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Nov 02, 2015

क्‍यों फायदेमंद है घर में बनी मिठाइयां

क्‍यों फायदेमंद है घर में बनी मिठाइयां
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त्‍योहार चाहे कोई भी हो, बिना मिठार्इ के त्‍योहार की कल्‍पना अधूरी सी लगती है। त्योहार के मौसम में कुछ मीठा न हो तो त्योहार का रंग फीका पड़ जाता है। ऐसे में भला कौन बिना मीठा के रह सकता है। हालांकि मिठाइयों के स्वरूप, आकार-प्रकार में समय के साथ-साथ बहुत बदलाव आया हैं और बाजारों में तरह-तरह की रंगबिरंगी और सुंदर मिठाइयों को देखकर मन ललचाये बिना नहीं रह पाता। इसके बावजूद घर में बनी मिठाइयां बाजार से बेहतर होती हैं क्‍योंकि इनमें कृत्रिम रंगों का प्रयोग कम से कम किया जाता है जबकि बाजार की मिठाइयों में तरह-तरह की मिलावट खासतौर पर मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए कृत्रिम रंगों का प्रयोग जरूरत से ज्‍यादा होने से मिठाई आपके त्योहार के रंग को फिका कर सकती है। आइए जानें आखिर घर में बनी मिठाइयां क्‍यों खानी चाहिए।

गुणवत्‍ता में कमी

गुणवत्‍ता में कमी
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त्‍योहार की तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है। ऐसे में कई दुकानदार मुनाफे के लिए पहले से ही मिठाई बनाने लगते हैं। इससे हो सकता है जो मिठाई आपको त्‍योहार के मौके पर मिले वह गुणवत्‍ता के लिहाज से कम हो और मिलावटी हो।

पेट संबंधी विकार

पेट संबंधी विकार
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पहले से बनी मिठाइयों में सिंथेटिक दूध, खोया या पनीर के इस्‍तेमाल भी आपके लिए नुकसादायक हो सकता है। जीं हां ऐसी मिठाइयों के सेवन से पेट संबंधी विकार जैसे दस्त, अपच, अम्लता, हैजा, डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

किडनी और लिवर को नुकसान

किडनी और लिवर को नुकसान
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त्‍योहार के दिनों में अधिक दिनों तक मिठाई को खराब होने से बचाने की कोशिश की जाती है और अधिक दिन तक मिठाई को खराब होने से बचाने के लिए कई मिठाई निर्माता, मिठाइयों में फॉर्मालिन नामक केमिकल का प्रयोग करते हैं। इन मिठाइयों को खाने से किडनी और लिवर को नुकसान होता है। साथ ही इससे अस्थमा का अटैक भी आ सकता है।

बेहतर विकल्प का चुनाव

बेहतर विकल्प का चुनाव
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ऐसे में क्‍यों न घर पर ही मिठाई बना ली जाये, जो शुद्ध होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी अच्छी हो। खोये की जगह नारियल की मिठाई बनाएं। ये कम कैलोरी वाली और सुपाच्य होती हैं। दूध से बनी मिठाइयां बनाना के लिए कोशिश करें कि खोया और पनीर घर पर ही बनाएं। इससे न तो आपको सिंथेटिक दूध का डर रहेगा और न किसी तरह की मिलावट का। इसके अलावा मिठाई बनाने के लिए चीनी की जगह सीमित मात्रा में सिंथेटिक स्वीटनर का प्रयोग कर सकती हैं या शूगर फ्री मिठाई बना सकती हैं।Image Source : Getty

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