पूजा के बर्तन रखते हैं आपको सवस्थ, जानें इसके साइंटिफिक कारण

हिंदु धर्म में पूजा करने के लिए जिन बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है उसके महत्व की पुष्टि विज्ञान में भी की गई है। इन महत्व के बारे में जानें और स्वस्थ रहें।

Gayatree Verma
Written by: Gayatree Verma Published at: Feb 07, 2017

पूजा के बर्तन रखेंगे आपको सवस्थ

पूजा के बर्तन रखेंगे आपको सवस्थ
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पूजा में तांबे के लोटे और पीतल की थाली का ही इस्तेमाल होता है। इसे लोग केवल मान्यता मानकर निभा रहे हैं जबकि इससे जो फायदे होते हैं उसकी पुष्टि विज्ञान में भी हो चुकी है। विज्ञान ने भी माना है कि तांबे और पीतल के बर्तन शुद्ध होते हैं जिससे कई सारे स्वास्थ्य फायदे होते हैं। तो आइए इस स्लाइडशो में जानें की कैसे पूजा के बर्तन हमें स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

दूर होती है पेट की समस्या

दूर होती है पेट की समस्या
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पूजा करने के दौरान तांबे के ही लोटे का इस्तेमाल किया जाता है। क्योंकि तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से कई तरह के रोग दूर होते हैं। विशेषकर पेट से जुड़ी समस्याएं तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से दूर हो जाती हैं।

फेफड़े की बीमारियां होती हैं दूर

फेफड़े की बीमारियां होती हैं दूर
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तांबे के लोटे में रखे पानी में तुलसी के कुछ पत्ते डाल दें। वैसे भी पूजा स्थान में तुलसी के पत्ते रखे जाने की परंपरा है औऱ भगवान को कोई भी भोग चढ़ाने से पहले उसमें तुलसी के पत्ते जरूर डाले जाते हैं। इसी से भगवान का भोजन पूरा होता है। इसलिए लोटे में रखे पानी में तुलसी के कुछ पत्तों को डालकर रखें। इस पानी को पीने से फेफड़े और गले की बामरियां दूर होती हैं।

त्वचा जवां रखे

त्वचा जवां रखे
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तांबे के लोटे में रखा पानी पीने से त्वचा स्वस्थ बनी रहती है। क्योंकि इस पानी में पूजा की सकरात्मक ऊर्जा भी होती है और तांबे के तत्व के गुण भी आ जाते हैं जो त्वचा से जुड़ी बीमारियों से त्वचा की रक्षा करते हैं।

शुद्द पानी की प्राप्ति

शुद्द पानी की प्राप्ति
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आज जब जल प्रदुषण के कारण स्वच्छ और शुद्ध पानी मिलना आसान नहीं है तब तांबे के लोटे में रखा पानी आपके लिए अमृत के समान साबित होगा। क्योंकि तांबे के लोटे में रखा पानी कीटाणुरहित और प्रदुषणरहित होता है। इस कारण ही पूजा के लिए तांबे का लोटा इस्तेमाल किया जाता है।

पीतल के बर्तन में

पीतल के बर्तन में
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पूजा के दौरान भगवान को भोग लगाने के लिए पीतल की थाली का इस्तेमाल किया जाता है। पीतल के बर्तन में रखे खाने में पीतल के तत्व आ जाते हैं जो आपके कफ और कृमि रोग को खत्म कर देता है। पीतल के बर्तन में रखा खाना खाने से पेट में गैस की समस्या नहीं बनती।

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