इन बीमारियों से ग्रस्त हैं तो ना करें ड्राइविंग, हो सकता है एक्सीडेंट

गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को ड्राइविंग करने से बचना चाहिए। ड्राइविंग सेहत को ना सिर्फ नुकसान पंहुचा सकती है साथ ही ये आपको दुर्घटना का शिकार भी बना सकती है।

Aditi Singh
Written by:Aditi Singh Published at: Dec 21, 2015

बीमारीग्रस्त ना करें ड्राइविंग

बीमारीग्रस्त ना करें ड्राइविंग
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ड्राइविंग से कई तरह की बीमारियां हो सकती है, ये बात तो आप सभी जानते है पर क्या आपको मालूम है कि कुछ बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को भी ड्राईविग नहीं करना चाहिए। मोतियाबिंद, तनाव और अनिद्रा, मिर्गी का रोग और नशीली दवाओं के रोगियो का ड्राइविंग करना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे रोगियों के ड्राइविंग करने से एक्सीडेंट होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। Image Source-Getty

मोतियाबिंद

मोतियाबिंद
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मोतियाबिंद के कारण रात में ड्राइविंग करना खतरनाक साबित होता है। क्योंकि, सामने से आ रही गाडि़यों की हेडलाइट से पैदा हुई चकाचौंध परेशानी पैदा करती है। संकेतों को पढ़ने और दूरी का अंदाजा लगाने में दिक्कत होती है। आसपास की चीजें धुंधली और अस्पष्ट दिखती हैं। रंग फीके दिखते हों। रात में देखने में मुश्किल होती हो और एक आंख बंद करके देखने पर चीजें दोहरी दिखने लगती है। अगर आपको भी मोतियाबिंद की शिकायत हो तो बेहतर है कि आप अपनी ड्राइविंग कौशल को ना आजमायें वरना एक्सीडेंट होना तय है। Image Source-Getty

तनाव और अनिद्रा

तनाव और अनिद्रा
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तनाव और चिंताग्रस्त युवा चालकों के साथ अक्सर सड़कों पर असुरक्षा का खतरा बना रहता है। तनाव के कारण युवाओं में जोखिम भरे वाहन चलाने का व्यवहार भी बढ़ता है। गाड़ी तेजी से चलाना, सीट बेल्ट नहीं बांधना और गाड़ी चलाने के दौरान मोबाइल फोन पर बात करना इसी के नतीजे हैं। तनाव का कई बार कारण होता है अधूरी नींद।  अगर आप काफी समय से सोये नहीं है तो ड्राइविंग करना बेहद खतरनाक हो सकता है। ड्राइविंग के समय से पहले कम से कम आपको 6 से 7 घंटे की अच्छी नींद होना जरुरी है। Image Source-Getty

मिर्गी का रोग

मिर्गी का रोग
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यदि आप ड्राइव करना नहीं चाहते,अपनी मिरगी की दवा लेना भूल गए है या आप को लगे की दौरा पड़ सकता है तो किसी और को ड्राइविंग करने को कहे।  कुछ लोगों में संगीत के कुछ खास स्वर और ध्वनियां सुनते ही मिर्गी का दौरा पड़ता है। ड्राइविंग न करें तो बेहतर। जब दो साल तक लगातार एक भी दौरा न पड़े, तब ड्राइविंग शुरू की जा सकती है।Image Source-Getty

नशीली दवा

नशीली दवा
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दवाओं के प्रभाव में ड्राइविंग करना भी खतरनाक होता है। कुछ बीमारियों के इलाज के लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाईयों के सेवन से उनींदापन की समस्या होती है। इनके सेवन के तुंरत बाद ड्राइविंग करने से आपको नींद का झोका आने का खतरा रहता है, जो एक्सीडेंट का कारण बन सकता है। कोशिश करें कि दवाओं का सेवन करके ड्राइविंग ना करें। Image Source-Getty

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