भाई-बहन ही समझ सकते हैं रिलेशनशिप की ये 5 बातें

जीवन जीतना खूबसूरत है उससे कहीं खूबसूरत इंसानी रिश्‍ते होते हैं। हर रिश्‍ता खास होता है क्‍योंकि इस रिश्‍ते से खुशी और गम जुड़े होते हैं। इस स्‍लाइडशो में हम ऐसे ही खास रिश्‍ते के बारे में बात कर है जो भाई-बहन का रिश्‍ता है।

Devendra Tiwari
Written by: Devendra Tiwari Published at: Jul 28, 2016

ये रिश्‍ता अनमोल है

ये रिश्‍ता अनमोल है
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जीवन जीतना खूबसूरत है उससे कहीं खूबसूरत इंसानी रिश्‍ते होते हैं। हर रिश्‍ता खास होता है क्‍योंकि इस रिश्‍ते से खुशी और गम जुड़े होते हैं। इस स्‍लाइडशो में हम ऐसे ही खास रिश्‍ते के बारे में बात कर है जो भाई-बहन का रिश्‍ता है। इस रिश्‍ते में लड़ाई है, झगड़ा है, प्‍यार है, दोस्‍ती है, अपनापन है और सबसे बड़ी बात ये नि:स्‍वार्थ है। परिवार में मां के बाद अगर कोई लड़की किसी लड़के के जीवन में आती है तो वह है बहन और लड़की के साथ भी यही है। आज हम आपको रिलेशनशिप की कुछ बातों के बारे में बता रहे हैं जिसे एक भाई-बहन ही समझ सकते हैं।

स्‍कूल की परेशानी

स्‍कूल की परेशानी
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स्‍कूल या कॉलेज की परेशानी अगर घर के बड़ों से शेयर की जाये तो बात बिगड़ सकती है। खासकर किसी लड़की को अगर कोई तंग कर रहा है तो वह बड़ों को बताने से हिचकती है। ऐसे में अगर उसका कोई बड़ा भाई है तो वह उससे ये सारी बातें आसानी से शेयर कर सकती है। और इस समस्‍या के समाधान में भाई उसका पूरा साथ देता है।

बिना बात की लड़ाई

बिना बात की लड़ाई
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जी हां, घर में एक रिश्‍ता ऐसा भी है जिसे आप बिना किसी वजह के लड़-झगड़ सकते हैं। भाई-बहन के बीच भी ऐसा ही है, वो दोनों बिना किसी बात के या फिर छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई करते हैं। यानी अगर कोई बात न होने पर भी बिना बात लड़ाई करने को मन करे तो भाई की टांग खींचने और बहन के चोटी खराब करने से अच्छा विषय तो कोई और हो ही नहीं सकता।

मम्‍मी के गुस्‍से से बचाने वाला

मम्‍मी के गुस्‍से से बचाने वाला
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याद कीजिए, बचपन में आपने कितनी गलतियां की होंगी। उन सब ग‍लतियों के बाद आपको मम्‍मी की कितनी मार और डांट सहीन पड़ी रही होगी। लेकिन आपकी गलती छुपाने और मम्‍मी के आगे कोई ढाल बनकर आपके सामने खड़ी होती होगी वह है आपकी बहन। यानी मम्मी के गुस्से से बचाने और कई बार मम्मी से पिटवाने वाले भी तो प्यारे भाई-बहन ही होते हैं।

पॉकेट मनी खत्‍म हो जाये तो

पॉकेट मनी खत्‍म हो जाये तो
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बचपन के खर्चे चलाने के लिए एक निश्चित राशि यानी पॉकेट मनी मिलती है। लेकिन कई बार कुछ जरूरतों की वजह से या फिर फिजूलखर्ची के कारण पॉकेट मनी का खर्च हो जाना कोई बड़ी बात नहीं है। ऐसे में अगर दोबारा घरवालों से पैसे मान लिये तो कयामत आना स्‍वाभिक है। इस दौरान भाई-बहन एक दूसरे के पिगी बैंक थे।

हर जगह साथ देना

हर जगह साथ देना
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जीवन में हर तरह के उतार-चढ़ाव होते हैं। और जैसे ही किशोरावस्‍था आती है मन अधिक मचलने लगता है। इस दौरान अगर कोई लड़की या लड़का आपकी जिंदगी में आ गया तो उसके बारे में पैरेंट्स से बताना मतलब मुसीबत मोल लेना। ऐसे में भाई-बहन ही काम आते हैं और इस जगह भी भाई बहन का और बहन भाई का साथ निभाती है। यानी यह एक ऐसा प्‍यारा रिश्‍ता है जहां, केयर भी है, सुरक्षा भी है और जीवनभर एक-दूसरे का साथ भी है।Image Source : Getty

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