शादीशुदा महिला ही बता सकती है वैवाहिक जीवन की असलियत

शादीशुदा लाइफ परी कथा से अलग टीवी सीरियल की तरह होती है। जिसमें ग्लैमरस मेकअप व कपड़े और पति के प्यार के अलावा तानें और जिम्मेदारियां भी होती हैं। इसके अलावा कुछ बातें और भी हैं, उनको जानने के लिए इस स्‍लाइडशो को पढ़ें।

Gayatree Verma
Written by: Gayatree Verma Published at: May 13, 2016

शादी के बाद की जिंदगी

शादी के बाद की जिंदगी
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अगर किसी नई-नवेली दुल्‍हन की सुंदरता और चेहरे की चमक को देखकर आपको भी शादी करने मन कर रहा है तो उस चमक की पीछे की ताप की सच्चाई को भी एक बार जरूर देख लें। सामान्य तौर पर लड़कियां शादी को ग्लैमर और पति के प्यार से जोड़कर देखती हैं। जबकि शादीशुदा लाइफ में प्यार के अलावा सबकुछ होता है। अगर आप ये सोचती हैं कि शादी के बाद फिल्मों की तरह आपका भी पति आपको सुबह-सुबह चाय बनाकर देगा तो आप बिलकुल गलत हैं। औऱ इसी तरह शादी के लिए आपके सारे ख्‍वाब जो आपने परी-कथाओं में सुन रखें हैं वो भी गलत हैं। वैवाहिक जीवन की असलियत तो केवल एक शादीशुदा महिला ही बता सकती है।

करना पड़ेगा पूरा काम

करना पड़ेगा पूरा काम
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अगर आप दोस्तों के साथ रोड ट्रिप पर जाकर व बैचेलर पार्टी कर के बोर हो चुकी हैं और इस बोरियत को मिटाने के लिए शादी करने की सोच रही हैं तो आप गलत हैं। अगर आप शादी केवल इसलिए करना चाहती हैं कि आप थोड़े दिनों के लिए अकेले और शांत रह सकेंगी तो आप गलत हैं। शादी एक घर और उस घर में रहने वाले परिवार की सारी जिम्मेदारियां उठाने का नाम है। इस रोड ट्रिप और बैचलर पार्टी से जब चाहे ब्रेक ले सकती हैं लेकिन शादीशुदा लाइफ के साथ ऐसा नहीं होगा।

नहीं करता केयर

नहीं करता केयर
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अगर आप केवल इसलिए शादी करना चाहती हैं कि आपका एक पार्टनर होगा जो आपसे बात करेगा, आपके दुख-दर्द सुनेगा, आपसे प्यार करेगा तो आप गलत हैं। शादी के बाद लड़का अच्छा रहा हो तो सही है लेकिन इतने अच्छे कभी कोई लड़के नहीं होते कि वो आपकी केयर हमेशा करें और ऑफिस से आने के बाद आपको प्यार करें। शादी के बाद ऑफिस से आने के बाद आपको दोनों के लिए चाय बनानी होगी जो आप फिलहाल केवल खुद के लिए बनाती हैं। सो किसी और के लिए बनाने से अच्छा है खुद के लिए ही बनाकर शांति से पिएं। जितने दिन पी सकती हैं, क्योंकि शादी तो एक न एक दिन होनी ही है।

सारी पसंद खत्म

सारी पसंद खत्म
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शादी के बाद सारी पसंद को बाय बोलने का समय होता है। शादी के बाद आपको हर चीज भुलाकर रिश्तों को प्राथमिकता देनी पड़ती है और वही करना और कहना होता है जो आपके आस-पास के लोगों को पसंद आता है। इसमें भी हर कोई आपसे सौ फीसदी खुश रहे कोई गारंटी नहीं। ऐसे में अकेले रहें और अपनी हर पसंद को दिल से पूरा करें।

सहनशीलता का दूसरा नाम शादी

सहनशीलता का दूसरा नाम शादी
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अगर आपमें धैर्य नहीं है और सहने की क्षमता नही है तो शादी के बंधन में ना ही पड़ें। क्योंकि शादी में बहुत सारी कॉम्परमाइज करने पड़ते हैं औऱ बहुत सारी चीजें चुपचाप सहन कर लेनी पड़ती है। जैसे कई बार शादी के बाद पति के खर्राटे रात को सुनकर गुजारने पड़ते हैं तो कई बार अपनी सासु मां को खुश करने के लिए पूरे दिन किचन में खड़ा रहना पड़ता है।

जबरदस्ती हामी

जबरदस्ती हामी
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शादी के बाद ऐसी कई स्थितियों और इंसानों से सामना करना पड़ता है जो आपको बिल्कुल भी नहीं पसंद होगा लेकिन उसके सामने जबरदस्ती मुस्कुराना होगा। मैरीटल रेप भी इसमें से एक अनचाही स्थिति है जिसके खिलाफ आप चाहकर भी कुछ नहीं कर पाएंगी। क्योंकि भारतीय समाज में पति और ससुराल वाले जो कुछ भी कहे और करे वो सब सही होता है।

परियों की कहानी नहीं

परियों की कहानी नहीं
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शादी के बाद जिंदगी परियों की कहानी नहीं बल्कि टीवी सीरियल में आ रहे सोप ओपेरा का सच होना होता है। केवल टीवी सीरियल की जैसी ग्लैमरस बहु   रियल लाइफ में नहीं होती। ना होता है आपके और आपके पार्टनर के बीच रोमांटिक बातें और खुशनुमा पल। केवल होती हैं ससुराल की जिम्मेदारियां, सासु मां की बातें और नखरे, सुबह जल्दी उठना और सबकी पसंद का ख्याल रखने की हिदायतें।

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