जल नेती क्रिया से बंद नाक को कैसे करें साफ

हममें से कई लोगों को मौसम बदलने पर अक्सर नाक बंद होने, नाक जमने, छींक आने, आंखों में खुजली महसूस होने व कंजेस्शन की समस्या होती है, अगर ये लक्षण बहुत तीव्र हैं इससे राहत के लिए जल नेती क्रिया आजमा सकते हैं।

Shabnam Khan
Written by: Shabnam Khan Published at: Mar 13, 2015

बंद नाक के लिए जल नेती क्रिया

बंद नाक के लिए जल नेती क्रिया
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जब मौसम बदलता है तो शरीर के कुछ अंग तुरंत इससे प्रभावित हो जाते हैं, खासतौर पर नासिका द्वार और गला। हममें से कई लोगों को मौसम बदलने पर अक्सर नाक बंद होने, नाक जमने, छींक आने, आंखों में खुजली महसूस होने व कंजेस्शन की समस्या का सामना करना पड़ता है। अगर ये लक्षण बहुत तीव्र हैं तो डॉक्टर के पास जाना जरूरी हो जाता है लेकिन अगर ये लक्षण कम तीव्र हों परन्तु परेशान कर रहे हों तो जल नेती क्रिया से राहत पाई जा सकती है।Image Source - Getty Images

क्या है जल नेती क्रिया

क्या है जल नेती क्रिया
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नेती क्रियाओं को मुख्यत: श्वसन संस्थान के अवयवों की सफाई के लिए प्रयुक्त किया जाता है। इसे करने से प्राणायाम करने में भी आसानी होती है तथा इसे तीन तरह से किया जाता है। नेती क्रियाएं तीन प्रकार की होती हैं। सूती नेती, कपाल नेती और जल नेती। यहां हम जल नेती और उससे बंद नाक को होने वाले फायदे के बारे में बात कर रहे हैं।Image Source - Getty Images

क्या करती है जल नेती क्रिया

क्या करती है जल नेती क्रिया
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जल नेती क्रिया का अभ्यास करने से नाक के अंदर भरा म्यूकस और बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं। ऐसा होने पर नासिका और साइनस ब्लॉकेज खत्म हो जाती है। जब आपकी नाक साफ रहती है तो आपका दिमाग, चेहरा, आंखें और मानसिक स्थिति पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हो जाती है। Image Source - Getty Images

जल नेती के लिए जरूरी नलीदार बर्तन

जल नेती के लिए जरूरी नलीदार बर्तन
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जल नेती क्रिया के लिए जो सबसे जरूरी चीज होती है वह है एक नलीदार बर्तन। अमूमन ये नलीदार या टोटी वाला लोटा होता है। इसे खरीदते वक्त ये सुनिश्चित कर लें कि उसमें 500 एमएल पानी आराम से आ जाए। इतना पानी एक बार में इस क्रिया में इस्तेमाल होता है। इसकी नली का सिरा इतना छोटा होना चाहिए कि उसे आप अपनी नाक से लगा सकें।Image Source - Getty Images

जल नेती क्रिया के लिए तैयारी

जल नेती क्रिया के लिए तैयारी
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जल नेती क्रिया बहुत आसान और कम समय में होने वाली क्रिया है। जल नेती क्रिया के लिए आपके पास तीन चीज़ों की जरूरत होती है। पहला नलीदार बर्तन, जिसके बारे में बता दिया गया है। दूसरा, गुनगुना पानी। ध्यान रहे पानी बहुत अधिक गर्म न हो जाए, वरना नाक जल सकती है। तीसरी चीज़ जो इस क्रिया में काम आती है वो है नमक। गुनगुने पानी में बिल्कुल हल्का सा नमक भी मिलाया जाता है।Image Source - Getty Images

जल नेती क्रिया की विधि

जल नेती क्रिया की विधि
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1) हल्के गर्म पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं और नेती के बर्तन में भर लें। अब नाक के एक छेद में नली से पानी डालें। अगर आपको सर्दी हो रही है तो जो छेद बंद हो उसमें पहले डालें। धीरे-धीरे पानी डालें और लंबी सांस न लें। यह पानी नाक के दूसरे छेद से निकलना चाहिए और मुंह खुला रखें। अब इस प्रक्रिया को नाक के दूसरे छेद से करें। दोनों छेद से यह प्रक्रिया करने के बाद सीधे खड़े हो जाएं। गहरी सांस लें और फिर जल्दी-जल्दी कई बार सांस छोड़ें।Image Source - Getty Images

अन्य फायदे

अन्य फायदे
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जल नेती क्रिया न सिर्फ नाक को फायदा पहुंचाती है बल्कि कोई भी व्यक्ति इसे सुबह-सुबह कर सकता है। इसके और भी कई फायदे हैं। गर्मियों में यह आपके मस्तिष्क को ठंडक पहुंचाती है जिससे तनाव और थकान तुरंत दूर होते हैं साइनस के संक्रमण भी यह क्रिया बहुत फायदेमंद है। कान से संबंधित रोग या संक्रमण से भी यह बचाव करती है। इसे रोज करने से एकाग्रता बढ़ती है। माइग्रेन के दर्द में भी जल नेती से राहत मिलती है।Image Source - Getty Images

बरतें ये सावधानियां भी

बरतें ये सावधानियां भी
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कोई भी क्रिया तभी लाभ पहुंचाती है जब उसे करते हुए सावधानी बरती जाए। जल नेती क्रिया करते हुए भी सावधानी बरतनी जरूरी होती है। नाक, गले, कान, दाँत, मुँह या दिमाग में किसी भी प्रकार की समस्या होतो नेती क्रिया योगाचार्य के मार्गदर्शन में करना चाहिए। इसे करने के बाद कपालभाती कर लेना चाहिए।Image Source - Getty Images

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