30 से पहले जरूर सीखें ये हुनर

30 साल के होने से पहले खुद को फिट रखने, पैसे का प्रबंधन, खाना पकाने, अकेले रहने, खुद को बचाने, रिश्‍तों को समझने की कला के साथ-साथ कई और भी हुनर सीखना बहुत जरूरी है।

Nachiketa Sharma
Written by: Nachiketa SharmaPublished at: Aug 01, 2014

30 साल का होने से पहले

30 साल का होने से पहले
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30 की उम्र जीवन का ऐसा पड़ाव है जब व्‍यक्ति पूरी तरह से अपने काम और जीवन में तल्‍लीन हो जाते हैं। एक साथ कई प्रकार की जिम्‍मेदारी उनके ऊपर आ जाती है। जीवन में इस उम्र तक पहुंचने से पहले सीखे हुए कुछ हुनर इसका प्रंबंधन सही तरीके से करने से करने में आपकी मदद करते हैं और जीवन को उलझनों से बचाते हैं। स्‍वस्‍थ और सुखी जीवन यापन के लिए जरूरी है कि 30 साल से पहले कुछ हुनर जरूर सीख लें। image source - getty images

खाना पकाना

खाना पकाना
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खाना-पकाना ऐसी कला है जिसे सभी को सीखना चाहिए। खाना पकाना सीखकर आप कठिन परिस्थितियों में भी खुद को जीवित रख सकते हैं। वीकेंड पर दोस्‍तों के साथ पार्टी के दौरान आपकी यह कला रौनक बढ़ा सकती है। घरवालों के पसंद का खाना पकाकर आप उनका दिल जीत सकते हैं। image source - getty images

पैसे का प्रबंधन

पैसे का प्रबंधन
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उम्र के इस पड़ाव तक पहुंचने के बाद आपको पैसे के प्रबंधन की जानकारी होनी चाहिए। आपको इतना तो पता ही होना चाहिए कि आखिर आपका पैसा कहां से आता है और कहां जाता है। यदि आपको इस बात का सही अंदाजा नहीं है, तो एक दिन आराम से बैठकर हिसाब लगाइए कि आखिर ऐसा क्‍यों है। और इसे सुधारा कैसे जा सकता है। इसके लिए विशेषज्ञ से सहायता लेने में भी कोई शर्म नहीं। image source - getty images

अकेले रहना सीखें

अकेले रहना सीखें
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अब तक अगर आप सबके साथ रहते हैं दोस्‍तों और घरवालों से घिरे रहते हैं तो उम्र के इस पड़ाव तक आते-आते अकेले रहने की कला भी जरूर सीखें। हो सकता है बाकी जिंदगी में आपके पास किसी का साथ न हो, ऐसे में उस परीस्थिति से पहले खुद को सज कर लीजिए। इसके लिए कुछ दिन कहीं अकेले जाकर बितायें। image source - getty images

खुद को बचाना सीखें

खुद को बचाना सीखें
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आप कभी भी किसी मुसीबत में फंस सकते हैं, इसलिए सेल्‍फ-डिफेंस के बारे जरूर सीखें। वर्तमान परीस्थितियों को देखा जाये तो कोई भी सुरक्षित नहीं है, हर जगह पर खतरा है, ऐसे में खुद को बचाने के लिए थोड़ा एक्टिव रहना तो जरूरी है। अगर आपके आसपास खुद को बचाव करने वाली क्‍लासेज चल रही हैं तो उसमें जरूर हिस्‍सा लें। image source - getty images

रिश्‍तों की समझ

रिश्‍तों की समझ
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रिश्‍तों की समझ आपकी जिंदगी को सुहाना और रिश्‍तों की नासमझ आपकी जिंदगी को बदतर बना सकती है। हालांकि अपने पार्टनर के बारे में अच्‍छे से जानना बहुत मुश्किल काम है, लेकिन अगर आपको रिश्‍तों की सही समझ है तो काफी हद तक आपकी मुश्किलें आसान हो जाती हैं और रिश्‍तों में खटास नहीं आती। image source - getty images

ना और हां कहना सीखें

ना और हां कहना सीखें
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जीवन उलझनों से भरा पड़ा है, हर पल और हर कदम पर मुसीबतें कभी भी आपके सामने आ सकती हैं। इसके अलावा कुछ मुसीबतें हम खुद मोल ले लेते हैं, क्‍योंकि हम लोगों को नकार नहीं सकते और उनके कारण हम मुसीबत में पड़ जाते हैं। इसलिए उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचने से पहले सही को हां और गलत को ना कहना सीखें। image source - getty images

गुस्‍से पर काबू पाना

गुस्‍से पर काबू पाना
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गुस्‍से पर काबू पाना बहुत मुश्किल काम है, यह ऐसा मानवीय गुण है, जिससे पार पाना आसान नहीं। इसके लिए क्रोध पर नियंत्रण रखना जरूरी है। पार्किंग या सड़क पर जरा सी बात होने पर आप मरने-मारने को ऊतारू हो जाते हैं, यह बहादुरी का काम नहीं, बल्कि वास्‍तव में मूर्खता है। हिंसा और उसके बदले प्रतिहिंसा किसी समस्‍या का हल नहीं। इसका अर्थ कायरता नहीं है, बल्कि अपनी शक्ति को व्‍यर्थ होने से बचाना है। image source - getty images

किताबें पढ़ना सीखें

किताबें पढ़ना सीखें
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किताबें आपकी सबसे अच्‍छी दोस्‍त होती हैं। बाहर घूमने जाना हो या फिर ऑफिस का सफर अपने बैग में किताबें जरूर रखें। किताबें जीवन की वास्तविकता से परिचय कराती हैं। किताबें जीवन को नयी दिशा और दशा देने में मदद करती हैं। कितने ही लोगों को जीवन की प्रेरणा और लक्ष्‍य पहचानने और हासिल करने में किताबों ने बहुत मदद किया है। देर तक टीवी देखने और मोबाइल पर गेम खेलने से अच्‍छा है कि रात को सोने से पहले किताबें पढ़ें, इससे दिमाग तेज होगा और अच्‍छी नींद आयेगी। image source - getty images

आलोचना स्‍वीकार करना सीखें

आलोचना स्‍वीकार करना सीखें
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उम्र के इस पड़ाव तक पहुंचते-पहुंचते कई लोग आपके आलोचक हो जाते हैं, आपकी सफलता और असफलता की आलोचना करते हैं। इसलिए जरूरी है कि आलोचनाओं को स्‍वीकार करना सीखें। हालांकि यह काम काफी मुश्किल है, अकसर लोग आलोचना और निंदा में अंतर नहीं महसूस कर पाते और वे आलोचना को अहम से जोड़ लेते हैं। जबकि आलोचना आपको बेहतर इनसान बनाने में मदद करती है। image source - getty images

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