नर्सरी एडमिशन से पहले बच्‍चों को ऐसे करें मानसिक रूप से तैयार

जब बच्‍चा बड़ा होने लगता है तो माता पिता को सबसे पहले उसकी पढ़ाई की चिंता सताने लगती है। खासकर नर्सरी एडमिशन की चिंता हर माता पिता को होती है। पैरेंट्स के दिमाग में अक्‍सर ये सवाल आता है कि उनके लाडले को क्‍या अच्‍छे स्‍कूल में दाखिला मिल पाएगा? क्‍या उनका बच्‍चा एडमिशन के लिए मानसिक रूप से तैयार है? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब जरूरी है। आज हम आपको इन सवालों से जुड़ी समस्‍याओं से निपटने का समाधान बता रहे हैं।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Dec 21, 2017

बच्चे को समझे

बच्चे को समझे
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किसी भी अच्छे स्कूल में नर्सरी में ऐडमिशन के वक्त बच्चे में निर्देशों का पालन करने की क्षमता पर नजर डाली जाती है। हम देखते हैं कि बच्चे में सोचने की क्षमता कितनी है और उसका कॉन्फिडेंस लेवल कितना है? इसके अलावा, बच्चे के एटिकेट्स पर भी ध्यान दिया जाता है।' इस वजह से बच्चे की थिंकिंग ऐबिलिटी और कॉन्फिडेंस लेवल पर खासा ध्यान दें। दरअसल, इसी बेसिस पर स्कूलों में ऐडमिशन तय किया जाता है।

घर पर करें बच्‍चों को तैयार

घर पर करें बच्‍चों को तैयार
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नर्सरी में ऐडमिशन के लिए बच्चे को घर पर तैयारी कराएं। इसके लिए घर पर नर्सरी जैसी सिचुएशन तैयार करें और उन्हें कुछ बेसिक नॉलेज दें। खुद को इंट्रोड्यूस करना, फेमस राइम्स, ऐड्रेस, काउंटिंग जैसी चीजें उन्हें घर पर खेल-खेल में ही सिखाएं। उन्हें फैमिली के सदस्‍यों के नाम लिखना सिखाएं, जिससे अल्फाबेट्स पर उनकी पकड़ बन सके। उन्हें कलरफुल चित्रों से सिखाएं ताकि उन्हें जल्दी याद हो सके। बच्चे को स्कूल टाइम के लिए भी रेडी करना न भूलें।

खुद को भी करें तैयार

खुद को भी करें तैयार
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बच्चों का अच्छे स्कूलों में ऐडमिशन पैरंट्स के लिए बड़ा मुश्किल होता है। इसके लिए कई महीनों पहले से ही पैरंट्स को तैयारी शुरू कर देना चाहिए। दरअसल, पैरंट्स से उनकी क्वॉलिफिकेशन से लेकर जॉब और सैलरी तक के बारे में कई सवाल पूछते हैं। इसके अलावा, फैमिली टाइप, बच्चों की संख्या जैसी चीजें भी पूछी जाती हैं, जिसके लिए पहले से ही तैयार रहना चाहिए।

वर्किंग पैरंट्स

वर्किंग पैरंट्स
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अगर किसी बच्चे के माता-पिता दोनों ही वर्किंग हों, तो उनसे उनकी जॉब प्रोफाइल, वर्क प्लेस और जॉब से जुड़ी कुछ बातें जरूर पूछी जाती हैं।

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