अपने दिल की रफ्तार को काबू में रखें

किसी सामान्य इंसान के दिल की धड़कन 60 से 90 बीट प्रति मिनट (बीएमपी) होती है, इस से ऊपर या नीचे होने पर दिल को गंभीर घतरा होता है, इसलिए अपनी हृदय गति को सामान्य बनाए रखना बेहद जरूरी होता है।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Aug 28, 2014

सामान्य हृदय गति

सामान्य हृदय गति
1/10

हमारी आदतें हमारे दिल को बीमार बना रही हैा। बेतरतीब जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें हृदय रोग के सबसे बडे कारकों में शामिल हैं। इन्ही की चलते आजकल दिल की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। गंभीर बात यह है कि 25 से 30 साल की उम्र में भी दिल की धड़कनों के दगा देने के मामले सामने आते हैं। इसलिये हम आपको बता रहे हैं कुछ कुछ ऐसे तरीके जिनकी मदद से आप अपनी हृदय गति को सामान्य बनाए रख सकते हैं।  Image courtesy: © Getty Images

हर्ट रेट (दिल की धड़कन)

हर्ट रेट (दिल की धड़कन)
2/10

किसी स्वस्थ इंसान के दिल की धड़कन 60 से 90 बीट प्रति मिनट (बीएमपी) होती है। लेकिन कई कारणों के चलते ये कई बार अंसतुलित हो जाती है। हार्ट रेट बिगड़ने पर दिल का दौरा पड़ सकता है। आप खुद अपने हर्ट रेट की जांच कर सकते हैं। बस रात को सोते समय बिस्तर पर अपने दिल की धड़कन की गिनती करें, अगर ये 60 से 90 के बीच में हो तब तो ठीक है, वरना डॉक्टर से मिलें।Image courtesy: © Getty Images

स्वस्थ खाएं और बीएमआई बनाए रखें

स्वस्थ खाएं और बीएमआई बनाए रखें
3/10

पौष्टिक तत्व से भरपूर आहार लें, इससे शरीर तो स्वस्थ रहता ही है, साथ ही दिल भी सेहतमंद रहता है। ऐसे भोजन से बचें जिनमें ट्रांस फैट अधिक होते हैं। ऑयल फिश और ओमेगा-3 वाली चीजें खाएं। ये दिल की सेहत के लिए अच्छी होता है। मैकरल, सार्डीन, ट्यूना और सैमन जैसी मछलियों में ओमेगा3 होता है, जो दिल की कई बीमारियों से बचाता है। आप नट्स का सेवन भी कर सकते हैं। Image courtesy: © Getty Images

वज़न को नियंत्रित रखें

वज़न को नियंत्रित रखें
4/10

हार्ट रेट को सही बनाए रखने व हृदय स्वास्थ के लिए अपने वजन को नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी होता है। मोटापा दिल से संबंधित कई बीमारियों की वजह बनता है। अपनी लंबाई के हिसाब से अपना वजन नियंत्रित रखें। अपने वजन पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें।Image courtesy: © Getty Images

पर्याप्त नींद लें और हमेशा खुश रहें

पर्याप्त नींद लें और हमेशा खुश रहें
5/10

नींद की कमी से चिंता, तनाव और स्लिपिंग डिसऑर्डर जैसी समस्याएं होती है। जिससे दिल की सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही हमेशा हंसने और मुस्कुराने की आदत डालें। कई शोधों से पता चला है कि अगर रोज 15 मिनट हंसा जाए तो इससे शरीर में रक्त का प्रवाह 22 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।Image courtesy: © Getty Images

शराब और धूम्रपान से बचें

शराब और धूम्रपान से बचें
6/10

धूम्रपान, एल्कोहल और दूसरे नशे करने से दिल ही नहीं बल्कि शरीर के अन्य जरूरी अंगों पर भी कफी बुरा प्रभाव पड़ता है और वे रोग ग्रस्थ हो जाते हैं। विशेषकर इनका सेवन हमारे शरीर और दिल को काफी नुकसान पहुंचाता है। इन आदतों को धीरे-धीरे छोड़ने की कोशिश करें। इ सके लिए किसी काउंसलर की मदद लेने में भी कोई बुराई नहीं है। Image courtesy: © Getty Images

तनाव से रहें दूर

तनाव से रहें दूर
7/10

खुद को तनाव से दूर रखें। सुनने में ये जितना आसान है, वास्तविकता में उतना आसान नहीं है। लेकिन असंभव कतई नहीं, क्यों कोई चीज जब तक मुश्किल होती है जब तक कि उसकी शुरुआत न की जाए। अपने काम और पर्सनल लाइफ के बीच सामंजस बैठायें और तनाव को दूर करें। आप बेशक करियर पर ध्यान दें पर जिंदगी का भी लुत्‍फ उठायें। योग इसमें लाभकर होता है। Image courtesy: © Getty Images

आलस छोड़ एक्टिव बनें

आलस छोड़ एक्टिव बनें
8/10

दिल की समस्याओं से दूर रहने व हार्ट रोट को ठीक रखने के लिए एक्टिव रहना बेहद मददगार होता है। नॉनवेज, नमक, शुगर, चिकनाई तथा जंक फूड का बहुत ज्यादा सेवन न करें। हार्ट प्रॉब्लम्स से बचने के लिए लाइफ स्टाइल को एक्टिव बनाएं। पैदल चलें और घर के काम खुद ही करें। Image courtesy: © Getty Images

नियमित एक्सरसाइज करें

नियमित एक्सरसाइज करें
9/10

रोजाना कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज जरूर करें। इससे दिल और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं। एक्सरसाइज करने से शरीर की आर्टरीज लचीली बनती हैं। जिससे शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है और दिल को मजबूती मिलती है। इसके लिए जिम जाना ही जरूरी नहीं, रोजाना मात्र आधा घंटा पैदल चलना भी काफी होता है।  Image courtesy: © Getty Images

शरीर को डीटॉक्सीफाई करें

शरीर को डीटॉक्सीफाई करें
10/10

अवांछित रसायनों और विषाक्त पदार्थों के शरीर में जमा होने से भी हमारे हृदय की दर धीमी होती है। इसलिए शरीर को साफ रखने के लिए समय-समय पर इसे डीटॉक्सीफाई करते रहें। ऐसे भोज्य पदार्थों को डाइट में शमिल करें जो शरीर के डीटॉक्सिफिकेशन में मदद करते हैं। धूम्रपान और शराब से दूर रहें, ये विषाक्त पदार्थों के सबसे बड़े स्रोत होते हैं। Image courtesy: © Getty Images

Disclaimer