जानें क्या है अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी

एड़ी के ऊपर के ऊतकों में मुख्य रूप से दो प्रकार की चोट लग सकती है, पहली अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी और दूसरी अकिलीज़ टेंडन रप्चर अर्थात स्नायुजाल का फट जाना। चलिए अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी या स्नायुजाल के दर्द के बारे में विस्तार से जानें।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Jun 01, 2016

क्या है अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी

क्या है अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी
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अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी आमतौर पर अकिलीज़ टेंडिनाइटिस या स्नायुजाल की समस्या नाम से भी जानी जाती है। एड़ी के ऊपर के ऊतकों में मुख्य रूप से दो प्रकार की चोट लग सकती है, पहली अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी और दूसरी अकिलीज़ टेंडन रप्चर अर्थात स्नायुजाल का फट जाना। अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी के लक्षणों में एड़ी के ऊपर वाले संयोजी ऊतकों में साधारण से तेज़ दर्द होता है। हर व्यक्ति में इस दर्द के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। तो चलिए अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी या स्नायुजाल के दर्द के बारे में विस्तार से जानें। -   Images source : © Getty Images

किसको अधिक होती है यह समस्या

किसको अधिक होती है यह समस्या
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अकिलीज़ टेंडन का दर्द का सामना उन लोगों को ज्यादा करना पड़ता है, जो स्नायुजाल का अधिक उपयोग करते हैं, मसलन उछलने, कूदने या दौड़ने आदि गतिविधियां अधिक करते हैं, जैसे कि एथिलीट या कोई अन्य खिलाड़ी। आमतौर पर अचानक से बहुत ज्यादा पैरों की गतिविधि वाला कार्य करना शुरू करने वाले 30 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों में ये अधिक देखने को मिलता है।  Images source : © Getty Images

अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी के लक्षण

अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी के लक्षण
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अकिलीज़ टेंडन अर्थात स्नायुजाल की समस्या के लक्षणों को अकिलीज़ टेन्डिनोपैथी के लक्षण और अकिलीज़ टेंडन रप्चर - दो वर्गों में बांटा कर समझा जा सकता हैं। इनके लक्षणों में निम्न शामिल होते हैं। - एड़ी की पीछे, स्नायुजाल वाले भाग में सूजन या बिना सूजन के दर्द (हल्का व तेज़ दोनों हो सकता है) होना। सुबह के समय स्नायुजाल क्षेत्र में चिपचिपापन होना। ऐड़ी में जोड़ में अकड़न होना। पैरों को हिलाने-डुलाने में दिक्कत महसूस होना या पैर का बार-बार शिथिल हो जाना। Images source : © Getty Images

अकिलीज़ टेंडन रप्चर (स्नायुजाल फटने) के लक्षण

अकिलीज़ टेंडन रप्चर (स्नायुजाल फटने) के लक्षण
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अकिलीज़ टेंडन रप्चर में अचानक तेज दर्द (मानो टेंडन पर बहुत जोर से चोट लगी हो) होता है। जब टेंडन में रप्चर होता है तो रेप्चर वाले स्थान पर उभार जैसा आ जाता है। इसके अलावा इसके लक्षणों में सूजन होना और सूजन वाली जगह का रंग नीला हो जाना, एडी में तीव्र दर्द होना तथा पैर में इतना दर्द कि पैर को नीचे भी न रखा जाए आदि शामिल होते हैं। अगर स्नायुजाल में मामूली चोट लगी हो तो व्यक्ति चल-फिर सकता है और ऐसे में दर्द भी कम होता है। लेकिन अगर रप्चर पूरी तरह हुआ है तो बहुत कष्टदायक स्थिति होती है।Images source : © Getty Images

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