जानें भूलने की बीमारी डिमेंशिया के विभिन्न स्टेज

क्या आप भी चलते-चलते रुक या कुछ कहते-कहते चुप हो जाते हैं, अगर ऐसा है तो हो सकता है कि आप भूलने की बीमारी के शिकार हो। तो आइए इस भूलने वाली बीमारी यानी डिमेंशिया के कुछ रूपों के बारे में जानते हैं।

Rahul Sharma
Written by: Rahul SharmaPublished at: Sep 21, 2016

क्या है डिमेंशिया?

क्या है डिमेंशिया?
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क्या आप भी चलते-चलते रुक या कुछ कहते-कहते चुप हो जाते हैं, अगर ऐसा है तो हो सकता है कि आप भूलने की बीमारी के शिकार हो। जी हां, भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया जिसमें व्‍यक्ति की स्‍मरण शक्ति शून्‍य हो जाती है। डिमेंशिया दिमाग की वह स्थिति है, जिसमें व्यक्ति के लिए कुछ भी याद रखना, समझ पाना, अपनी बात दूसरों को समझा पाना, सब कुछ बेहद मुश्किल हो जाता है। डिमेंशिया ब्रेन में फिजिकल परिवर्तन के कारण होता है और यह एक प्रगतिशील बीमारी है, जिसका अर्थ यह समय के साथ और खराब हो जाती है। कुछ लोगों में डिमेंशिया तेजी से प्रगाति करता है, जब कुछ में इसकी उन्‍नत चरण में आने के लिए सालों लग जाते है। डिमेंशिया की प्रगति मूल कारणों पर बहुत निर्भर करता है। हालांकि डिमेंशिया के अलग चरणों का अनुभव करते हैं, और ज्‍यादातर लोग डिमेंशिया के लक्षणों को अनुभव करते हैं। लक्षण और रोग की प्रगति व्‍यक्ति में डिमेंशिया के प्रकार पर निर्भर करता हैं। डिमेंशिया के सबसे आम रूपों में से कुछ इस प्रकार है।

अल्जाइमर रोग

अल्जाइमर रोग
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अल्‍जाइमर रोग डिमेंशिया का सबसे आम रूप है। इसके 60 से 80 प्रतिशत मामले देखने को मिलते हैं। यह आमतौर पर धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है। इस बीमारी के होने के बाद औसत व्‍यक्ति चार से आठ साल तक रहता है। जबकि कुछ लोग इस बीमारी के निदान के बाद ज्‍यादा से ज्‍यादा 20 साल तक रहता है। अल्‍जमाइर ब्रेन में फिजिकल परिवर्तन के साथ कुछ प्रोटीन और तंत्रिका क्षति के कारण होता है।

वेस्‍कुलर डिमेंशिया

वेस्‍कुलर डिमेंशिया
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वेस्‍कुलर डिमेंशिया को पोस्‍ट स्‍ट्रोक या मल्‍टी-इंफार्कट डिमेंशिया के रूप में भी जाना जाता है। डिमेंशिया के सभी मामलों में इसके 10 प्रतिशत देखने को मिलते हैं। यह अवरुद्ध रक्‍त वाहिकाओं के कारण होता है। ये स्‍ट्रोक और अन्‍य ब्रेन की चोटों में होते हैं। इसे भी पढ़ें : क्या है डिमेंशिया?

पार्किंसंस डिजीज

पार्किंसंस डिजीज
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पार्किंसन रोग केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र का एक ऐसा रोग है जिसमें रोगी के शरीर के अंग कंपन करते रहते हैं। पार्किंसन का आरम्भ आहिस्ता-आहिस्ता होता है। पता भी नहीं पड़ता कि कब लक्षण शुरू हुए। अनेक सप्ताहों व महीनों के बाद जब लक्षणों की तीव्रता बढ़ जाती है तब अहसास होता है कि कुछ गड़बड़ है। इस रोग में आमतौर पर मोटर कंट्रोल और मूवमेंट में समस्‍या होती है, लेकिन कुछ लोगों में यह डिमेंशिया का कारण बन सकता है।

मिक्स्ड डिमेंशिया

मिक्स्ड डिमेंशिया
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मिक्स्ड डिमेंशिया डिमेंशिया का एक प्रकार है जिसमें कई प्रकार के डिमेंशिया ब्रेन असामान्‍यताओं के मौजूद होते हैं। यह अल्‍जमाइर और वेस्‍कुलर डिमेंशिया में बहुत आम है, लेकिन इसमें डिमेशिया के अन्‍य रूप भी शामिल है।

फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया

फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया
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फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया आमतौर पर ब्रेन के सामने के हिस्‍से में केंद्रित होता है। शुरुआत में मेमोरी से ज्‍यादा व्‍यक्तितव और व्‍यवहार प्रभावित होते हैं। फ्रंटोटेम्‍पोरल में बोलने में कठिनाई होती है। इसके लक्षणों में अक्‍सर अनुचित व्‍यवहार, उदासीनता और प्रेरणा का नुकसान, सहानुभूति में कमी, व्‍यवहार में दोहराव और चिंता और अवसाद शामिल है। Image Source : Getty

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