स्‍पर्म डोनर बनने की सोच रहे हैं तो ध्‍यान रखें ये प्रमुख बातें

विकी डोनर फिल्‍म देखने के बाद अगर आप भी स्‍पर्म डोनर बनना चाहते हैं तो कुछ बातों को ध्‍यान में रखें, इन बातों के बारे में जानने के लिए इस स्‍लाइडशो को पढ़ें।

Devendra Tiwari
Written by: Devendra Tiwari Published at: Aug 02, 2016

क्‍या है स्‍पर्म डोनेशन

क्‍या है स्‍पर्म डोनेशन
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विकी डोनर फिल्‍म शायद सभी ने देखी होगी, इसके बाद ही स्‍पर्म डोनर के बारे में लोगों को जानकारी हुई। हालांकि इस फिल्‍म से बहुत पहले इसका चलन था। विज्ञान के विकास से जब आईवीएफ तकनीक ईजाद हुई तब स्‍पर्म डोनेशन चलन में आया। स्‍पर्म डोनेशन उन लोगों के लिए वरदान है जो मां-बाप नहीं बन सकते हैं। स्‍पर्म डोनर भी एक जॉब की तरह है और इससे अच्‍छी आमदनी हो सकती है। इस स्‍लाइडशो में हम आपको बता रहे हैं कि स्‍पर्म डोनर में क्‍या-क्‍या गुणा होने चाहिए और कौन-कौन स्‍पर्म डोनर बन सकता है।

स्‍वास्‍थ्‍य की करायें जांच

स्‍वास्‍थ्‍य की करायें जांच
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स्‍पर्म डोनर बनने की सबसे पहली योग्‍यता बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य है। यानी स्‍पर्म डोनेट करना वाला पुरुष शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से स्‍वस्‍थ होना चाहिए। इसके लिए उसे कैंसर, मधुमेह, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी, एड्स आदि की जांच करानी चहिए। इसके अलावा उसे किसी तरह का कोई गुप्‍त रोग नहीं होना चाहिए।

समलैंगिक न हो

समलैंगिक न हो
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स्‍पर्म डोनर वही पुरुष कर सकता है जो कि समलैंगिक यानी गे न हो। यहां पर किसी समलैंगिक के स्‍पर्म को इसलिए स्‍वीकार नहीं किया जा सकता है, क्‍योंकि ऐसे पुरुषों को गुप्‍त रोग होने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए समलैंगिक स्‍पर्म डोनर नहीं बन सकते हैं।

40 वर्ष से ज्‍यादा न हो

40 वर्ष से ज्‍यादा न हो
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स्‍पर्म डोनर के लिए भी उम्र की सीमा का निर्धार‍ण किया गया है। हालांकि इस काम के लिए ज्‍यादातर युवाओं को ढूंढा जाता है। फिर भी स्पर्म डोनर के लिए एक उम्र की सीमा का निर्धारण किया गया है और वह है 40 साल। दरअसल कम उम्र के लोगों का स्‍पर्म हेल्‍दी होता है।

फिटनेस भी जरूरी

फिटनेस भी जरूरी
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हालांकि यहां कोई फिटनेस की प्रतियोगिता नहीं होती है। लेकिन यह भी सच है कि पुरुष की आदतों और उसके व्‍यक्तित्‍व का असर उसकी आने वाली पीढ़ी पर पड़ता है। इलिए ऐसे स्‍पर्म डोनर की ही मांग की जाती है जिसका कद अच्‍छा हो फिटनेस भी बेहतर हो। क्‍योंकि इस तरह के पुरुष की होने वाली संतान भी अच्‍छी कद-काठी वाली होती है।

सैंपल होना चाहिए बेहतर

सैंपल होना चाहिए बेहतर
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स्‍क्रीनिंग होने के बाद अगर डोनर को स्‍पर्म देने के लिए हां बोल दिया जाता है तो उसे सैम्‍पल भी देना पड़ता है। इस सैम्‍पल को या तो सेक्‍स या फिर मास्‍टबेशन के द्वारा दिया जा सकता है। इससे स्‍पर्म काउंट का पता चल जाता है और स्‍पर्म डोनेट करने से 5 दिन पहले स्‍पर्म सैम्‍पल देने से स्‍पर्म की क्‍वालिटी भी अच्‍छी होती है।

पहचान रखी जाती है गुप्त

पहचान रखी जाती है गुप्त
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स्‍पर्म डोनेट करने वाले इंसान को गुप्‍त रखा जाता है। वह अपने बारे में किसी को बता नहीं सकता है। इसके अलावा जो लोग स्‍पर्म लेते हैं उनको भी स्‍पर्म डोनेट करने वाले इंसान से मिलने नहीं दिया जाता। हालांकि इसके बारे में उनको बताया जाता है। स्‍पर्म डोनेट के बाद वह किसे दिया गया है या कौन उसके जरिये मां बनी है इसके बारे में भी जानकारी गुप्‍त रखी जाती है।

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