अगर कोई महिला है आपके लिए खास, तो जरूर करवायें उसकी ये स्‍वास्‍थ्‍य जांच

40 की उम्र पार कर चुकी अपनी घर की महिलाओं की समय-समय पर जांच करवाये। इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से हम आपको बताते हैं कि महिलाओं के लिए कौन से टेस्‍ट करवाने जरूरी है।

Pooja Sinha
Written by: Pooja SinhaPublished at: Mar 07, 2014

महिलाओं का स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति ध्‍यान न देना

महिलाओं का स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति ध्‍यान न देना
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खान-पान में बदलाव, काम का बोझ, जीवन स्तर में बदलाव आदि के कारण आज दुनियाभर की महिलाओं सबसे अधिक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इन सबका सबसे बड़ा कारण महिलाओं का अपने आप से जुड़ें किसी भी मुद्दे का नजरअंदाज करना है। अधिकतर महिलाएं अपने बच्‍चों और परिवार में उलझी रहती हैं और अपने स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान नहीं देती। ध्‍यान न देने के कारण कई बार बीमारियां लाइलाज स्‍टेज पर पता चलती है। image courtesy : gettyimages.com

महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य की जांच

महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य की जांच
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यदि घर की महिला स्‍वस्‍थ और खुश रहेगी तभी उसका परिवार भी सेहतमंद होगा। इसलिए अगर आप भी अपने परिवार की महिलाओं जैसे मां, बहन या पत्‍नी से प्‍यार करते हैं। तो आपका यह फर्ज बनता है कि आप उनकी देखभाल करें और 40 की उम्र पार कर चुकी अपनी घर की महिलाओं की समय-समय पर जांच करवाये। इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से हम आपको बताते हैं कि घर की महिलाओं के लिए कौन से टेस्‍ट करवाने जरूरी है। image courtesy : gettyimages.com

स्‍तनों की जांच

स्‍तनों की जांच
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हर महिला को अपने स्‍तनों की जांच हर दिन करनी चाहिए। अगर उसको कुछ भी अलग सा लगें तो उसे तुरंत डॉक्‍टर से जांच करवानी चाहिए। इसके अलावा 40 से 50 साल के मध्‍य की महिला को हर 2 साल के बाद मैमोग्राफी जरूर करवानी चाहिए, खासकर तब जब आपके यहां परिवार के इतिहास में स्‍तन कैंसर पहले से हो चुका हो। image courtesy : gettyimages.com

त्‍वचा का कैंसर

त्‍वचा का कैंसर
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आजकल त्‍वचा कैंसर का खतरा बहुत अधिक बढ़ता जा रहा है। इसलिए आपको इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि आपके लिए खास महिला की त्‍वचा पर किसी भी प्रकार का मस्‍सा दिखे तो उसे नियमित रूप से किसी अच्‍छे त्‍वचा रोग विशेषज्ञ से जांच करवाने के लिए जरूर लेकर जाएं। त‍ाकि किसी भी तरह की बीमारी हो तो पहले पता चल जाएं। image courtesy : gettyimages.com

ऑस्टियोपोरोसिस

ऑस्टियोपोरोसिस
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ऑस्टियोपोरोसिस जो महिलाओं की आम समस्‍या है। यह समस्‍या महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद कैल्शियम की कमी के कारण होती है। इस बीमारी में हड्डियां कमजोर हो जाती है।  इस बीमारी को लेकर थोड़ा सचेत होना चाहिए। क्योंकि जब तक किसी औरत को इस बीमारी के बारे में पता चला है, तब तक बहुत देर हो जाती है। और इसका इलाज थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इसलिए समय-समय पर इसकी जांच करवानी चाहिए। image courtesy : gettyimages.com

मधुमेह

मधुमेह
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महिलाओं में 40 से 50 साल की उम्र में मधुमेह होने की आशंका अधिक होती है। मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जिसकी शिकार महिलाएं अधिक होती है। मधुमेह के दौरान शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है़ जिससे पेंक्रियाज सुचारू रूप से काम करना बंद कर देती है। इसलिए आपको साल में एक बार महिलाओं की ब्‍लड शूगर की जांच जरूर करवानी चाहिए। image courtesy : gettyimages.com

कानों की जांच

कानों की जांच
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अक्‍सर यह माना जाता है कि 50 की उम्र के बाद महिलाओं की श्रवण शक्ति कमजोर होने लगती है। लेकिन आजकल ऊंचा और इयरफोन से म्‍यूजिक सुनने के कारण कम सुनने की समस्‍या बहुत बढ़ गई है। कम सुनने का असर आपकी लाइफ पर पड़ने लगता है खासकर जब घर की महिला ऊंचा सुनने लगे। इसलिए आपके लिए यह बहुत जरूरी है कि आप घर की महिला के कानों की जांच नियमित रूप से करवाएं। image courtesy : gettyimages.com

आंखों की जांच

आंखों की जांच
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एक उम्र के बाद आंखों से संबंधित बीमारियां होने का खतरा सभी को रहता है, इसलिए तो हर व्‍यक्ति को कम से कम साल में एक बार आंखों की जांच जरूर करवानी चाहिए। आंखों की जांच खासकर उस समय और जरूरी हो जाती है अगर आप चश्मा लगाती हैं। आंखों की जांच न केवल विभिन्न आंख की समस्याओं को रोकने में मदद नहीं करती है बल्कि मोतियाबिंद जैसी समस्‍याओं को भी समय पर पता चल जाता है। image courtesy : gettyimages.com

रक्ताल्पता परीक्षण

रक्ताल्पता परीक्षण
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आमतौर पर महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है। लेकिन अगर आपके घर की महिला अक्‍सर या नियमित रूप से थका-थका सा महसूस करती हैं या उन्‍हें सांस लेने में परेशानी होती है तो उसका एनीमिया परीक्षण जरूर करवाना चाहिए। इस टेस्‍ट से रक्त में आयरन और लाल कोशिकाओं के स्तर को मापने में मदद मिलती है। image courtesy : gettyimages.com

डिप्रेशन

डिप्रेशन
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आजकल की जीवनशैली और आराम की कमी के कारण महिलाएं डिप्रेशन का शिकार हो जांती है। इसलिये डिप्रेशन को कम करने के लिए महिलाओं को स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट करवाना बहुत जरूरी होता है। स्क्रीनिंग टेस्‍ट के दौरान डॉक्टर नींद की आदतों, जिन्दगी की परेशानियों, दबी हुई इच्‍छाओं और पसंदीदा एक्टिविटी आदि के बारे में सवाल पूछता है जिससे महिलाओं का डिप्रेशन कम होने लगता हैं। image courtesy : gettyimages.com

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